हिमाचल प्रदेश: 15 मई 2003 से पहले विज्ञापित पदों पर भर्ती कर्मचारियों का NPS अंशदान अब GPF खाते में होगा जमा
सुक्खू सरकार के फैसले से हजारों कर्मचारियों को मिलेगा सीधा लाभ; सेवानिवृत्त हो चुके कर्मियों को भी मिलेगी पेंशन और ब्याज।

VIDYA SAGAR
शिमला, 09 जुलाई, 2026
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हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने कर्मचारियों के हित में एक और बड़ा फैसला लिया है। राज्य सरकार के एक प्रवक्ता ने आज यहाँ जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश के जो कर्मचारी 15 मई, 2003 से पहले विज्ञापित पदों या रिक्तियों के विरुद्ध सरकारी विभागों में भर्ती हुए थे, उन्हें अब सीसीएस (पेंशन) रूल्ज, 1972 (CCS Pension Rules, 1972) के दायरे में लाया जाएगा।
इस ऐतिहासिक निर्णय के तहत, वर्तमान में सेवारत ऐसे कर्मचारियों के राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) खाते में जमा अंशदान को उनके सामान्य भविष्य निधि (GPF) खाते में स्थानांतरित (Transfer) किया जाएगा। साथ ही, इस राशि पर जीपीएफ दरों के अनुसार ब्याज भी देय होगा।
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सेवानिवृत्त कर्मचारियों को भी राहत
प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि यह नीति केवल वर्तमान में कार्य कर रहे कर्मचारियों के लिए ही नहीं, बल्कि रिटायर हो चुके कर्मचारियों के लिए भी बेहद फायदेमंद साबित होगी। जो कर्मचारी सेवानिवृत्त हो चुके हैं, उन्हें सीसीएस (पेंशन) नियम, 1972 के तहत उनकी सेवानिवृत्ति (Retirement) की तिथि से ही पेंशन का लाभ प्रदान किया जाएगा। सरकार के इस कदम से राज्य के ऐसे हजारों परिवारों को बड़ी आर्थिक सुरक्षा मिलेगी।
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‘कर्मचारी हितैषी’ सरकार का एक और बड़ा कदम
प्रवक्ता ने सरकार की प्राथमिकताओं को रेखांकित करते हुए कहा:-
“वर्तमान कांग्रेस सरकार हमेशा से ही कर्मचारी कल्याण के लिए प्रतिबद्ध रही है। सत्ता में आते ही सरकार ने सबसे पहले अपने वादे के मुताबिक कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन व्यवस्था (OPS) बहाल करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया था।”
गौरतलब है कि हिमाचल प्रदेश में पुरानी पेंशन व्यवस्था को 1 अप्रैल, 2023 से पूरी तरह से लागू करने के लिए वित्त विभाग द्वारा 4 मई, 2023 को ही आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी गई थी। अब 15 मई, 2003 से पहले विज्ञापित पदों पर नियुक्त हुए कर्मचारियों को इस दायरे में शामिल करना सरकार के कर्मचारी-हितैषी दृष्टिकोण की दिशा में एक और बड़ा कदम है।



