ऐतिहासिक पहल: सीएम सुक्खू ने ममलीग में किया ‘ग्रीन पंचायत योजना’ का उद्घाटन; सौर ऊर्जा से चमकेगी ग्रामीणों की किस्मत, पंचायत को होगी ₹14 लाख सालाना कमाई
अनाथ बच्चों और विधवाओं के कल्याण में खर्च होगा कमाई का 25% हिस्सा; ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए सुक्खू सरकार का अनूठा 'राजस्व-साझाकरण' मॉडल

VIDYA SAGAR
शिमला/सोलन, 14 जुलाई 2026
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हिमाचल प्रदेश को देश का पहला ‘हरित ऊर्जा राज्य’ (Green Energy State) बनाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को शहरों की तर्ज पर आधुनिक व आत्मनिर्भर बनाने के संकल्प के साथ मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज एक बड़ा ऐतिहासिक कदम उठाया। मुख्यमंत्री ने आज राजधानी शिमला से वर्चुअल माध्यम (Video Conferencing) से जिला सोलन की ग्राम पंचायत ममलीग में ‘ग्रीन पंचायत योजना’ के अंतर्गत 500 किलोवाट (kW) क्षमता की ग्राउंड-माउंटेड सौर ऊर्जा परियोजना का भव्य उद्घाटन किया।
यह अभिनव परियोजना न केवल पर्यावरण संरक्षण की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी, बल्कि स्थानीय समुदाय के सामाजिक और आर्थिक उत्थान का एक बड़ा जरिया बनेगी।
₹2 करोड़ की लागत, रिकॉर्ड समय में तैयार हुआ प्रोजेक्ट
इस महत्वाकांक्षी सौर ऊर्जा परियोजना का निर्माण कार्य 23 दिसंबर, 2024 को शुरू किया गया था। प्रशासनिक तत्परता के चलते महज कुछ ही महीनों में काम पूरा कर 24 फरवरी, 2026 को इसे सफलतापूर्वक विद्युत ग्रिड से जोड़ दिया गया। इस पूरे प्रोजेक्ट को धरातल पर उतारने में कुल ₹2 करोड़ की लागत आई है।

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बिजली बोर्ड ₹3.50 प्रति यूनिट की दर से खरीदेगा बिजली
उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने परियोजना के तकनीकी और वित्तीय पहलुओं की जानकारी साझा की:
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दैनिक उत्पादन: वर्तमान में इस प्लांट से हर दिन लगभग 3,000 यूनिट स्वच्छ व हरित बिजली का उत्पादन हो रहा है।
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वार्षिक क्षमता: सालाना आधार पर इस परियोजना से लगभग 8 लाख यूनिट बिजली पैदा होने का अनुमान है।
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स्थिर राजस्व: एक विशेष विद्युत खरीद समझौते (PPA) के तहत, हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड लिमिटेड इस बिजली को ₹3.50 प्रति यूनिट की दर से खरीदेगा, जिससे राज्य और पंचायत को दीर्घकालिक व स्थिर आमदनी होगी।
देश का पहला लोक-कल्याणकारी ‘रेवेन्यू शेयरिंग’ मॉडल
इस सौर ऊर्जा परियोजना की सबसे बड़ी यूएसपी (USP) इसका जनकल्याणकारी राजस्व वितरण मॉडल है। इस प्लांट से होने वाली कुल कमाई को समाज के अंतिम व्यक्ति और ग्रामीण विकास को ध्यान में रखकर विभाजित किया गया है:
| हिस्सेदारी (%) | लाभार्थी विभाग / सामाजिक कार्य |
| 25% | ग्राम पंचायत ममलीग के सीधे विकास कार्यों के लिए |
| 25% | क्षेत्र के अनाथ बच्चों और बेसहारा विधवा महिलाओं के कल्याण के लिए |
| 20% | हिमाचल प्रदेश सरकार के खजाने में |
| 20% | हिमऊर्जा (HIMURJA) के खाते में |
| 10% | प्लांट के सुचारू संचालन और रख-रखाव (O&M) के लिए |
इस ऐतिहासिक व्यवस्था के चलते अकेले ममलीग ग्राम पंचायत को हर साल लगभग ₹14 लाख की बंपर आय होगी। इस पैसे से पंचायत बिना किसी सरकारी अनुदान के इंतजार के अपने गांवों में शहरों जैसी आधुनिक सुविधाएं विकसित कर सकेगी।
“25 साल की लंबी जीवन अवधि (Lifespan) वाला यह सौर ऊर्जा संयंत्र स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन, पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीण आत्मनिर्भरता का सबसे बेजोड़ उदाहरण है। हमारी सरकार गांवों को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। हमने प्राकृतिक खेती के उत्पादों और दूध पर देश में सबसे ज्यादा न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) दिया है, क्योंकि जब तक हमारा किसान और गांव समृद्ध नहीं होगा, तब तक प्रदेश आगे नहीं बढ़ सकता।”
— ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू, मुख्यमंत्री
स्वास्थ्य क्षेत्र में भी हुआ अभूतपूर्व सुधार: डॉ. धनी राम शांडिल
ममलीग में आयोजित जमीनी स्तर के कार्यक्रम में विशेष रूप से उपस्थित स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल ने इस बड़ी सौगात के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताया। उन्होंने कहा कि सुक्खू सरकार के प्रयासों से आज सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में डॉक्टरों के 80 फीसदी से ज्यादा खाली पद भरे जा चुके हैं। कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में ही आज हिमाचल के ग्रामीण इलाकों में भी एमआरआई (MRI), थ्री टेस्ला और रोबोटिक सर्जरी जैसी विश्वस्तरीय सुविधाएं मिलनी शुरू हुई हैं, जो पहले सिर्फ बड़े महानगरों तक सीमित थीं।

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‘चिट्टा मुक्त’ हिमाचल के लिए महा-अभियान
कार्यक्रम के दौरान डॉ. शांडिल ने हिमाचल प्रदेश में बढ़ते नशे के जाल पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार ने नशे (विशेषकर चिट्टा) के खिलाफ एक बहुत बड़ा मोर्चा खोला है। उन्होंने समाज के सभी वर्गों, युवाओं और पंचायतों से अपील की कि वे इस अभियान में सरकार का कंधे से कंधा मिलाकर सहयोग दें ताकि देवभूमि हिमाचल को पूरी तरह से ‘चिट्टा मुक्त’ बनाया जा सके।
इस ऐतिहासिक वर्चुअल उद्घाटन के दौरान शिमला में हिमाचल प्रदेश विधानसभा के माननीय अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया भी मुख्यमंत्री के साथ उपस्थित रहे।



