‘एक पेड़ मां के नाम’: जतोग छावनी में राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने रोपा ‘अराउकारिया’, कहा— “जनभागीदारी ही जलवायु परिवर्तन का अचूक समाधान”
लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने दिया छात्रों को अनोखा मंत्र— "एक पौधा गोद लें और पेड़ बनने तक निभाएं जिम्मेदारी"

VIDYA SAGAR
शिमला/जतोग, 14 जुलाई 2026
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ग्लोबल वार्मिंग, बढ़ते तापमान और पर्यावरण प्रदूषण जैसी गंभीर वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए आज देवभूमि हिमाचल से एक बेहद भावुक और प्रभावी संदेश दिया गया। हिमाचल प्रदेश के माननीय राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने आज शिमला के ऐतिहासिक जतोग छावनी क्षेत्र में प्रार्थना सोशल वेलफेयर सोसायटी द्वारा आयोजित ‘एक पेड़ मां के नाम’ पौधरोपण अभियान का विधिवत शुभारंभ किया।
राज्यपाल ने छावनी परिसर में ‘अराउकारिया’ (Araucaria) का पौधा रोपित कर इस अभियान को एक बड़े जन-आंदोलन में बदलने का आह्वान किया।

यह सिर्फ पौधरोपण नहीं, मातृत्व और प्रकृति के प्रति कृतज्ञता है: राज्यपाल
समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए इस अभियान की सराहना की। उन्होंने कहा:
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जिस तरह एक मां हमें निस्वार्थ प्रेम, स्नेह और सुरक्षा देती है, ठीक उसी तरह वृक्ष भी हमें जीवनदायिनी हवा (ऑक्सीजन), जल और पर्यावरणीय संतुलन देते हैं।
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अपनी मां के नाम पर एक पौधा लगाना, प्रकृति और मातृत्व दोनों के प्रति आभार व्यक्त करने का सबसे पवित्र माध्यम है।
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भारतीय सभ्यता में वेदों और उपनिषदों के समय से ही पृथ्वी को मां और वृक्षों को जीवनदाता मानकर पूजनीय दर्जा दिया गया है।
“हिमाचल प्रदेश की वन संपदा, नदियां और समृद्ध जैव विविधता इस राज्य की अमूल्य धरोहर हैं। इस अभियान की वास्तविक सफलता केवल पौधा लगाने में नहीं, बल्कि उसके जीवित रहने और एक स्वस्थ वृक्ष बनने की प्रतिशतता में निहित है।” — कविन्द्र गुप्ता, राज्यपाल

तीव्र शहरीकरण पर लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह की चिंता, छात्रों को दी बड़ी सलाह
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने पर्यावरण संरक्षण को लेकर धरातल पर ठोस प्रयास करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने वनों के घटते क्षेत्रफल और तीव्र शहरीकरण पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि जंगलों के खत्म होने के कारण ही आज जंगली जानवर मानव बस्तियों की ओर रुख करने को मजबूर हो रहे हैं।
सतत विकास (Sustainable Development) का समर्थन करते हुए लोक निर्माण मंत्री ने एक शानदार व्यावहारिक सुझाव दिया:-
“अभियान को शत-प्रतिशत सफल बनाने के लिए प्रत्येक विद्यार्थी को एक पौधा गोद (Adopt) लेना चाहिए और उसके बड़े होने तक उसकी पूरी देखभाल की जिम्मेदारी उठानी चाहिए। युवाओं और बच्चों की यही सजगता हमारे पर्यावरण का असली रक्षक बनेगी।”

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जतोग छावनी संग्रहालय का अवलोकन
पौधरोपण कार्यक्रम के समापन के पश्चात राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने जतोग छावनी संग्रहालय (Jatogh Cantonment Museum) का दौरा किया, जहां उन्होंने यहां के गौरवशाली इतिहास को देखा। इस दौरान छावनी के कमांडिंग ऑफिसर और प्रार्थना सोशल वेलफेयर सोसायटी के अध्यक्ष हिमेश शर्मा ने राज्यपाल को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।

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कार्यक्रम में ये गणमान्य रहे उपस्थित
इस बड़े हरित अभियान के शुभारंभ पर स्टेशन कमांडर जतोग ब्रिगेडियर इंद्रवीर राणा, जतोग छावनी बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) निशांत गुप्ता, 1 जेएके (JAK) राइफल्स के कमांडिंग अधिकारी कर्नल सचिन कुमार, केंद्रीय विद्यालय जतोग के प्रधानाचार्य मोहित कुमार सहित भारी संख्या में विद्यालय के छात्र-छात्राएं और स्थानीय गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।



