अंतरराष्ट्रीय मिंजर मेला: मुख्यमंत्री सुक्खू ने की शोभायात्रा की अगवाई, रावी में मिंजर विसर्जन के साथ हुआ भव्य समापन
अखंड चंडी पैलेस से मंजरी गार्डन तक निकली शोभायात्रा
VIDYA SAGAR
शिमला / चंबा | 2 अगस्त, 2026
हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में आयोजित सप्ताहभर चलने वाले ऐतिहासिक एवं अंतरराष्ट्रीय मिंजर मेले का रविवार को पारंपरिक श्रद्धा, उत्साह और रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ समापन हो गया। समापन अवसर पर प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने भव्य एवं पारंपरिक शोभायात्रा की अगवाई की।
अखंड चंडी पैलेस से मंजरी गार्डन तक निकली शोभायात्रा
मेले के समापन दिवस पर ऐतिहासिक अखंड चंडी पैलेस से मंजरी गार्डन तक एक भव्य शोभायात्रा निकाली गई। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने इस शोभायात्रा का नेतृत्व किया।
इस अवसर पर:
सांस्कृतिक दल एवं कलाकार:
प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आए कलाकारों और पारंपरिक वाद्य यंत्र बजाने वाले समूहों ने अपनी कला का प्रदर्शन किया।
पारंपरिक वेशभूषा:
पारंपरिक परिधानों में सजे महिला एवं पुरुषों के साथ-साथ बड़ी संख्या में पर्यटकों ने हिस्सा लिया।
सुरक्षा दल:
हिमाचल प्रदेश पुलिस और होमगार्ड के जवानों की टुकड़ियों ने भी भव्य शोभायात्रा में भाग लिया।
रावी नदी में ‘मिंजर’ विसर्जन की प्राचीन परंपरा
शोभायात्रा के मंजरी गार्डन पहुंचने के उपरांत मुख्यमंत्री ने सदियों पुरानी परंपरा का निर्वहन किया।
मुख्यमंत्री ने लाल वस्त्र (लोहण) में बंधे नारियल, मौसमी फल और सिक्के के साथ मिंजर को रावी नदी के पवित्र जल में अर्पित किया। इस दौरान उन्होंने हिमाचल प्रदेश तथा संपूर्ण देश के लिए शांति, खुशहाली और अच्छी फसल की कामना की।
समापन समारोह में शामिल प्रमुख गणमान्य व्यक्ति
इस गरिमामय आयोजन के दौरान मुख्यमंत्री के साथ कई वरिष्ठ प्रशासनिक व राजनीतिक हस्तियां उपस्थित रहीं:
| नाम | पद / पहचान |
|—|—|
| कुलदीप सिंह पठानिया | अध्यक्ष, हिमाचल प्रदेश विधानसभा |
| भवानी सिंह पठानिया | उपाध्यक्ष, राज्य योजना बोर्ड |
| नीरज नैय्यर | स्थानीय विधायक |
| सुरजीत भरमौरी | अध्यक्ष, जिला कांग्रेस कमेटी |
| ललित ठाकुर | अध्यक्ष, एपीएमसी चंबा |
| मुकेश रेपसवाल | उपायुक्त (DC), चंबा |
| विजय कुमार सकलानी | पुलिस अधीक्षक (SP), चंबा |
इसके अलावा कांग्रेस नेता यशवंत खन्ना, अमित भरमौरी सहित क्षेत्र के कई अन्य गणमान्य नागरिक और भारी संख्या में स्थानीय लोग इस ऐतिहासिक पल के गवाह बने। इस भव्य आयोजन ने एक बार फिर चंबा की समृद्ध और जीवंत सांस्कृतिक विरासत को विश्व पटल पर उजागर किया है।




