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IPL 2026 Controversy

'दो बीमर' के बाद भी त्यागी ने जारी रखी गेंदबाजी, अंपायर के फैसले पर मचा बवाल

27/04/2026-VIDYA SAGAR

केकेआर बनाम एलएसजी: आखिरी ओवर में हाई-वोल्टेज ड्रामा और नियमों की नई व्याख्या

लखनऊ (इकाना स्टेडियम): आईपीएल 2026 के 38वें मैच में रविवार रात उस वक्त भारी ड्रामा देखने को मिला, जब कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के तेज गेंदबाज कार्तिक त्यागी ने लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) के खिलाफ आखिरी ओवर में दो बीमर (कमर से ऊपर की फुल टॉस) फेंकी। क्रिकेट प्रेमियों और विशेषज्ञों को लगा कि त्यागी को तुरंत गेंदबाजी से हटा दिया जाएगा, लेकिन अंपायरों के एक चौंकाने वाले फैसले ने उन्हें ओवर पूरा करने की अनुमति दे दी।

आखिरी ओवर का रोमांच और विवाद

लखनऊ को जीत के लिए आखिरी 6 गेंदों में 17 रनों की दरकार थी। स्ट्राइक पर थे हिम्मत सिंह।

  • 19.2 गेंद: त्यागी ने पहली कमर से ऊंची फुल टॉस फेंकी। अंपायर ने इसे ‘नो-बॉल’ करार दिया।

  • 19.2 (अगली गेंद): फ्री हिट पर त्यागी ने फिर से वैसी ही गेंद फेंकी, जिसे फिर से नो-बॉल दिया गया।

नियमों के मुताबिक, आमतौर पर दो बीमर फेंकने वाले गेंदबाज को पारी से निलंबित कर दिया जाता है। केकेआर के खेमे में भी खलबली मच गई थी और कप्तान अजिंक्य रहाणे अनुकुल रॉय को गेंदबाजी देने की तैयारी कर रहे थे।

क्यों नहीं हटाए गए कार्तिक त्यागी? (नियम की बारीकियां)

अंपायरों ने MCC के नियम 41.7 और IPL 2026 की प्लेइंग कंडीशन्स का हवाला देते हुए त्यागी को गेंदबाजी जारी रखने दी।

  • ‘खतरनाक’ बनाम ‘अनुचित’: नियमों के अनुसार, किसी गेंदबाज को केवल तभी हटाया जाता है जब अंपायर को लगे कि गेंद ‘खतरनाक’ (Dangerous) थी और बल्लेबाज को चोट लग सकती थी।

  • अंपायर का विवेक: इस मामले में अंपायरों ने माना कि पहली बीमर खतरनाक थी, लेकिन दूसरी बीमर की गति और दिशा ऐसी नहीं थी जिससे बल्लेबाज को शारीरिक चोट का जोखिम हो। इसी तकनीकी आधार पर त्यागी को ‘जीवनदान’ मिला।

मैच का परिणाम: शमी का छक्का और सुपर ओवर

त्यागी को गेंदबाजी जारी रखने का फायदा केकेआर को तुरंत मिला, जब उन्होंने इसी ओवर में हिम्मत सिंह को आउट कर दिया। हालांकि, मैच का रोमांच यहीं खत्म नहीं हुआ। अंतिम गेंद पर मोहम्मद शमी ने शानदार छक्का जड़कर मैच को सुपर ओवर में पहुंचा दिया, जहाँ अंततः केकेआर ने जीत दर्ज की।


प्रमुख बिंदु (Highlights):

  • कार्तिक त्यागी ने एक ही ओवर में दो कमर से ऊंची नो-बॉल (Beamer) फेंकी।

  • नियम 41.7.2: अंपायरों ने दूसरी गेंद को ‘खतरनाक’ नहीं माना, इसलिए उन्हें नहीं हटाया गया।

  • विवाद: सोशल मीडिया पर फैंस और कमेंटेटर्स ने इस फैसले पर सवाल उठाए।

  • नतीजा: मैच सुपर ओवर में गया, जहाँ केकेआर विजयी रही।

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