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ईंधन संकट के बीच सरकार का बड़ा फैसला: निजी कंपनियों को हफ्ते में 2 दिन ‘वर्क फ्रॉम होम’ देने की सलाह

वैश्विक अनिश्चितता और ईंधन संरक्षण के लिए श्रम विभाग ने जारी की एडवाइजरी; सरकारी कर्मचारियों के लिए पहले ही लागू हो चुका है नियम, अब प्राइवेट सेक्टर से सहयोग की अपील।

19/05/2026-VIDYA SAGAR

नई दिल्ली (ब्यूरो रिपोर्ट): वैश्विक स्तर पर बढ़ते तेल संकट और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के बीच भारत सरकार ने एक बेहद महत्वपूर्ण कदम उठाया है। प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग और ईंधन संरक्षण की अपील के बाद, दिल्ली सरकार के श्रम विभाग और केंद्रीय मंत्रालयों ने निजी और वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों के लिए ‘वर्क फ्रॉम होम’ (Work From Home) को लेकर एक व्यापक एडवाइजरी जारी की है।

इस कदम का मुख्य उद्देश्य रोजाना दफ्तर आने-जाने वाले वाहनों के कारण होने वाले पेट्रोल, डीजल और सीएनजी (CNG) के भारी खर्च को कम करना है।


एडवाइजरी की मुख्य बातें:

  • 2 दिन का वर्क फ्रॉम होम: आईटी (IT), आईटीईएस (ITES), फैक्ट्रियों, दुकानों और सभी वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों के नियोक्ताओं को सलाह दी गई है कि वे पात्र कर्मचारियों को सप्ताह में कम से कम दो दिन वर्क फ्रॉम होम (WFH) की सुविधा दें।

  • 50% वर्कफोर्स का नियम: कार्यालयों में एक समय पर केवल 50% कर्मचारियों की उपस्थिति बनाए रखने का सुझाव दिया गया है ताकि सड़कों पर वाहनों का दबाव कम हो सके।

  • बदला जाएगा ऑफिस का समय (Staggered Timings): पीक ऑवर्स (भीड़भाड़ वाले समय) में ट्रैफिक जाम और ईंधन की बर्बादी को रोकने के लिए कंपनियों को दफ्तर के समय में बदलाव करने या अलग-अलग शिफ्ट लागू करने को कहा गया है।

  • वर्चुअल मीटिंग्स को प्राथमिकता: जहां तक संभव हो, भौतिक बैठकों (Physical Meetings) के स्थान पर ऑनलाइन या वर्चुअल मीटिंग्स आयोजित करने की सलाह दी गई है ताकि गैर-जरूरी यात्रा से बचा जा सके।

  • पब्लिक ट्रांसपोर्ट और कारपूलिंग: एडवाइजरी में कर्मचारियों को कारपूल करने, मेट्रो/बस जैसे सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने या साइकिल-पैदल चलने के लिए प्रोत्साहित करने पर जोर दिया गया है।


आपातकालीन सेवाओं को छूट: > सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह एडवाइजरी आवश्यक और आपातकालीन सेवाओं जैसे अस्पताल, स्वास्थ्य केंद्र, बिजली, पानी और स्वच्छता से जुड़े विभागों पर लागू नहीं होगी।


महामारी के बाद ‘आर्थिक स्थिरता’ के लिए WFH का प्रयोग

श्रम विभाग ने अपनी एडवाइजरी में इस बात का विशेष उल्लेख किया है कि कोविड-19 महामारी और प्रदूषण (GRAP) के दौर में देश ने पहले ही वर्क फ्रॉम होम की कार्यकुशलता को साबित किया है। रिमोट वर्किंग से बिना काम प्रभावित हुए ईंधन की एक बड़ी मात्रा बचाई जा सकती है।

सरकार का मानना है कि इस पहल (मेरा भारत — मेरा योगदान अभियान) से न केवल देश के विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव कम होगा, बल्कि शहरों में वायु प्रदूषण के स्तर में भी भारी गिरावट आएगी। प्रशासन ने निजी कंपनियों से इस राष्ट्रीय बचत अभियान में बढ़-चढ़कर सहयोग करने की अपील की है।


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