केवाईसी (KYC) के नाम पर बुजुर्गों की पेंशन रोकना बंद करे सरकार, बजट में 63% कटौती के बाद रची जा रही साजिश: जयराम ठाकुर
नेता प्रतिपक्ष का सुक्खू सरकार पर तीखा हमला—सहारा योजना के जीवित लाभार्थियों को कागजों में मृत दिखाकर रोकी पेंशन; निष्पक्ष जांच की मांग

VIDYA SAGAR
शिमला, 16 जुलाई 2026
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हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने प्रदेश की सुक्खू सरकार पर बड़ा हमला बोला है। शिमला से जारी एक तीखे बयान में उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार अपनी बजटीय विफलताओं को छिपाने के लिए जानबूझकर तकनीकी अड़चनों की आड़ ले रही है। केवाईसी (KYC) के नाम पर प्रदेश के हजारों पात्र बुजुर्गों और गंभीर बीमारियों से पीड़ित सहारा योजना के लाभार्थियों की पेंशन रोकी जा रही है, जो बेहद अमानवीय और संवेदनहीन है।
बजट में 63% की भारी कटौती बनी पेंशन रोकने का कारण
जयराम ठाकुर ने आंकड़ों का हवाला देते हुए सरकार की नीयत पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा:
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चालू वित्त वर्ष के लिए अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), ओबीसी (OBC), अल्पसंख्यक (Minority) और समाज कल्याण विभाग के बजट को 1,618 करोड़ रुपये से घटाकर केवल 604 करोड़ रुपये कर दिया गया है।
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बजट में इस 63 प्रतिशत की भारी कटौती के कारण ही सरकार के पास कल्याणकारी योजनाओं को चलाने के लिए पर्याप्त फंड उपलब्ध नहीं है।
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फंड की इसी कमी को छिपाने के लिए सरकार जानबूझकर तकनीकी खामियों और केवाईसी (KYC) वेरिफिकेशन की आड़ लेकर गरीब व असहाय बुजुर्गों की सामाजिक सुरक्षा पेंशन को एक-एक साल से लटका रही है।

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जीवित लोगों को ‘मृत’ दिखाकर बंद की सहारा पेंशन
नेता प्रतिपक्ष ने अत्यंत गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सहारा योजना के कई वास्तविक लाभार्थियों को रिकॉर्ड में बिना किसी उचित सत्यापन के ‘मृत’ दर्शा दिया गया है और उनकी पेंशन बंद कर दी गई है। उन्होंने इसे प्रशासनिक लापरवाही की पराकाष्ठा बताते हुए कहा:-
“जिंदा लोगों को कागजों में मृत घोषित कर उनकी पेंशन रोकना एक अक्षम्य अपराध और बहुत बड़ा अन्याय है। मुख्यमंत्री इस पूरे मामले की जिला स्तर पर निष्पक्ष जांच करवाएं, दोषियों की जवाबदेही तय करें और पीड़ित लाभार्थियों की रोकी गई समस्त बकाया राशि तत्काल बहाल की जाए।”
बुजुर्गों के सिर से हटाया जाए केवाईसी (KYC) का बोझ
जयराम ठाकुर ने मांग की है कि वृद्धों और लाचार मरीजों को दफ्तरों के चक्कर काटने के लिए मजबूर न किया जाए।
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स्थानीय प्रशासन की हो जिम्मेदारी: केवाईसी प्रक्रिया को पूरा करवाने का दायित्व लाभार्थियों के बजाय स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभाग का होना चाहिए।
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विशेष अभियान की मांग: सरकार समयबद्ध विशेष अभियान चलाकर सभी लंबित मामलों का निपटारा करे, ताकि किसी भी पात्र व्यक्ति को “फंड नहीं आया” या “केस आगे भेज दिया गया है” जैसे बहाने बनाकर वापस न भेजा जाए।
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भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा पर दी शुभकामनाएं
राजनीतिक हमले के साथ-साथ पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने भगवान जगन्नाथ की पावन रथ यात्रा के शुभ अवसर पर समस्त प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं भी प्रेषित कीं। उन्होंने भगवान जगन्नाथ से प्रार्थना की कि उनकी असीम कृपा से हिमाचल प्रदेश में सुख, समृद्धि, शांति और उत्तम स्वास्थ्य का संचार हो और राज्य निरंतर प्रगति के पथ पर आगे बढ़ता रहे।



