हिमाचल प्रदेश में डिजिटल क्रांति: जनगणना का प्रथम चरण सफलतापूर्वक सम्पन्न; पहली बार नागरिकों ने खुद दर्ज की अपनी जानकारी
16 जून से 15 जुलाई तक चला मकान सूचीकरण अभियान; दुर्गम क्षेत्रों में फील्ड स्टाफ के समर्पण और 'स्व-गणना' विकल्प से मिली बड़ी कामयाबी

VIDYA SAGAR
शिमला, 16 जुलाई 2026
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हिमाचल प्रदेश में राष्ट्रीय महत्व के महाभियान ‘जनगणना’ को लेकर एक बड़ी और महत्वपूर्ण सफलता हासिल हुई है। प्रदेशभर में जनगणना के प्रथम चरण के तहत चलाया गया ‘मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना’ (Houselisting and Housing Census) का कार्य 15 जुलाई को सफलतापूर्वक सम्पन्न हो गया। जनगणना कार्य निदेशालय हिमाचल प्रदेश के प्रवक्ता ने आज शिमला में इस बात की आधिकारिक घोषणा की।
एक महीने तक चला यह सघन अभियान 16 जून 2026 को शुरू किया गया था। इस बार की जनगणना की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि इसमें कागजी औपचारिकताओं को पीछे छोड़ते हुए अत्याधुनिक डिजिटल प्रौद्योगिकी का व्यापक स्तर पर उपयोग किया गया।
‘स्व-गणना’ (Self-Enumeration) विकल्प रहा सबसे बड़ा गेमचेंजर
इस बार के प्रथम चरण की सबसे गौरवमयी उपलब्धि ‘स्व-गणना’ विकल्प की शानदार सफलता रही। डिजिटल साक्षरता का परिचय देते हुए प्रदेश के बड़ी संख्या में जागरूक और जिम्मेदार नागरिकों ने सरकारी डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग कर स्वयं अपने परिवार और मकान की जानकारी ऑनलाइन दर्ज की। नागरिकों की इस सक्रिय भागीदारी ने इस राष्ट्रीय अभियान को बेहद सुगम और पारदर्शी बना दिया।
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कठिन भौगोलिक परिस्थितियों पर भारी पड़ा फील्ड स्टाफ का जज्बा
हिमाचल प्रदेश की कठिन और दुर्गम पहाड़ी भौगोलिक परिस्थितियां हमेशा से ऐसे अभियानों के लिए बड़ी चुनौती रही हैं। इसके बावजूद:
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घर-घर पहुंचे प्रगणक: दुर्गम और सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत प्रगणकों (Enumerators) और पर्यवेक्षकों (Supervisors) ने भारी बारिश और कठिन रास्तों की परवाह न करते हुए हर घर तक दस्तक दी और सटीक आंकड़े जुटाए।
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प्रशासनिक मुस्तैदी: सभी जिलों के उपायुक्तों (DCs), नगर निगम आयुक्तों, तहसीलदारों और अन्य जनगणना अधिकारियों ने जमीनी स्तर पर हर गतिविधि की निरंतर निगरानी की।
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निदेशालय ने जताया सबका आभार जनगणना कार्य निदेशालय, हिमाचल प्रदेश ने इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय अभियान को समयबद्ध और सफलतापूर्वक पूरा करने के लिए प्रदेश की जनता, समर्पित फील्ड स्टाफ, प्रशासनिक अधिकारियों और मीडिया जगत का हृदय से आभार व्यक्त किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस चरण से प्राप्त सटीक आंकड़े आने वाले समय में हिमाचल के विकास और सरकारी योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन में मील का पत्थर साबित होंगे।



