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हिमाचल में स्वास्थ्य क्रांति: कुल्लू, ऊना, सोलन सहित 8 अस्पतालों में लगेंगी 1.5 टेस्ला MRI मशीनें; सीएम सुक्खू ने की स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा

5 जिलों में शुरू होगी डिजिटल मैमोग्राफी और प्रदेश को मिलेंगी 42 हैंडहेल्ड एक्स-रे मशीनें; अब गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए नहीं जाना पड़ेगा राज्य से बाहर

VIDYA SAGAR

शिमला, 16 जुलाई 2026

हिमाचल प्रदेश की सुखविन्द्र सिंह सुक्खू सरकार प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को पूरी तरह से हाईटेक और विश्वस्तरीय बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज शिमला में स्वास्थ्य विभाग की एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में प्रदेश के नागरिकों को उनके घर-द्वार के नजदीक ही अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए कई बड़े और ऐतिहासिक फैसले लिए गए।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार का मुख्य लक्ष्य प्रदेश के भीतर ही ऐसी चिकित्सा सुविधाएं विकसित करना है, जिससे मरीजों को इलाज और गंभीर टेस्ट करवाने के लिए चंडीगढ़, दिल्ली या अन्य राज्यों का रुख न करना पड़े।


इन 8 अस्पतालों में लगेंगी 1.5 टेस्ला एमआरआई (MRI) मशीनें

ग्रामीण और जिला स्तर पर डायग्नोस्टिक सेवाओं को मजबूत करने के लिए प्रदेश सरकार ने 8 प्रमुख अस्पतालों में 1.5 टेस्ला एमआरआई मशीनें स्थापित करने की मंजूरी दी है। ये मशीनें निम्नलिखित स्वास्थ्य संस्थानों में लगाई जाएंगी:

  1. क्षेत्रीय अस्पताल बिलासपुर

  2. क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू

  3. क्षेत्रीय अस्पताल ऊना

  4. क्षेत्रीय अस्पताल सोलन

  5. जिला अस्पताल किन्नौर

  6. डॉ. वाई.एस. परमार राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल (नाहन)

  7. क्षेत्रीय अस्पताल धर्मशाला

  8. नागरिक अस्पताल पालमपुर

इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश के सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों में विशेषज्ञ जांच के लिए अत्याधुनिक 3 टेस्ला एमआरआई मशीनें भी स्थापित की जा रही हैं।



कैंसर और टीबी की जल्द पहचान के लिए नई तकनीक

महिलाओं में स्तन कैंसर (Breast Cancer) की समय पर पहचान के लिए प्रदेश सरकार एक बड़ा कदम उठाने जा रही है।

  • डिजिटल मैमोग्राफी सुविधा: नाहन, हमीरपुर, बिलासपुर, धर्मशाला और सोलन के क्षेत्रीय अस्पतालों में डिजिटल मैमोग्राफी मशीनें लगाई जाएंगी।

  • 42 हैंडहेल्ड एक्स-रे मशीनें: दुर्गम और दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की छाती की जांच और टीबी (TB) की जल्द पहचान के लिए 42 पोर्टेबल हैंडहेल्ड एक्स-रे मशीनें खरीदी जा रही हैं। इनमें से 14 मशीनें विभाग को मिल चुकी हैं, जिन्हें जल्द ही फील्ड में तैनात किया जाएगा।

  • सुपर स्पेशलिटी स्कैन: चमियाना, आईजीएमसी शिमला, टांडा, हमीरपुर और नेरचौक मेडिकल कॉलेजों में 256-स्लाइस हाई-एंड सीटी स्कैन मशीनें स्थापित की जाएंगी। साथ ही प्रदेश के अन्य स्वास्थ्य केंद्रों में डिजिटल एक्स-रे और 4डी अल्ट्रासाउंड की सुविधाएं भी दी जाएंगी।

  • एम्स नई दिल्ली के मानकों पर होगी खरीद मुख्यमंत्री सुक्खू ने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं कि सभी चिकित्सा उपकरणों और मशीनों की खरीद अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS), नई दिल्ली के कड़े मानकों के अनुरूप ही की जाएगी ताकि गुणवत्ता से कोई समझौता न हो।


स्टाफ की कमी होगी दूर, भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश

समीक्षा बैठक के दौरान स्वास्थ्य विभाग में डॉक्टरों, पैरामेडिकल स्टाफ और तकनीशियनों की कमी को दूर करने पर भी चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि भर्ती प्रक्रियाओं को युद्ध स्तर पर पूरा किया जाए, ताकि सभी सात मेडिकल कॉलेजों और जिला अस्पतालों में पर्याप्त स्टाफ उपलब्ध हो सके। साथ ही, उन्होंने प्रदेश के रेडियोलॉजी विभागों को और अधिक सुदृढ़ करने के आदेश दिए।


बैठक में ये रहे उपस्थित

इस महत्वपूर्ण उच्च स्तरीय बैठक में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल, मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार (मीडिया) नरेश चौहान, मुख्य सचिव के.के. पंत, प्रधान सचिव एम. सुधा देवी, मुख्यमंत्री के सचिव राकेश कंवर, एनएचएम के मिशन निदेशक प्रदीप ठाकुर और स्वास्थ्य सेवा निदेशक डॉ. गोपाल बेरी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

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