जनता के द्वार पर मुख्यमंत्री: शिमला में CM सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सुनीं जन-शिकायतें, अधिकारियों को त्वरित निपटारे के सख्त निर्देश
मुख्यमंत्री ने हर नागरिक की समस्या को गंभीरता से सुना; मौक़े पर ही कई मामलों का किया निपटारा, व्यवस्था परिवर्तन का दिखा असर।

VIDYA SAGAR
शिमला, 17 जुलाई 2026

आम जनता की समस्याओं का त्वरित और स्थायी समाधान सुनिश्चित करने के अपने संकल्प को दोहराते हुए मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज राजधानी शिमला में एक विशेष जन-सुनवाई कार्यक्रम की अध्यक्षता की। इस दौरान प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आए सैकड़ों नागरिकों ने मुख्यमंत्री के समक्ष अपनी शिकायतें और प्रशासनिक मुद्दों से संबंधित समस्याएं रखीं।
मुख्यमंत्री ने प्रत्येक नागरिक से बेहद आत्मीयता से मुलाकात की और उनकी शिकायतों को ध्यानपूर्वक सुनते हुए संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से उचित कार्रवाई करने के कड़े निर्देश जारी किए।


⚡ मौक़े पर ही शिकायतों का समाधान और कड़े निर्देश
जन-सुनवाई के दौरान मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने प्रशासनिक सुस्ती को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि जनता को अपने जायज कामों के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें, यही हमारी सरकार का मुख्य ध्येय है।
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त्वरित निपटारा: कई गंभीर और लंबित मामलों पर मुख्यमंत्री ने मौके पर मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई करने के आदेश दिए, जिससे कई फरियादियों को मौके पर ही बड़ी राहत मिली।
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जवाबदेही तय: मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि जन-शिकायतों के निपटारे में किसी भी प्रकार की ढिलाई या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी विभागाध्यक्षों को इन शिकायतों की नियमित मॉनिटरिंग करने को कहा गया है।


💬 ‘जनता की सेवा ही हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता’
पत्रकार वार्ता और जनता से संवाद के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा, “हमारी सरकार ‘व्यवस्था परिवर्तन’ के मूल मंत्र पर काम कर रही है। राज्य का प्रत्येक नागरिक मेरा परिवार है, और उनके सुख-दुख में उनके साथ खड़ा रहना तथा उनकी समस्याओं का पारदर्शी समाधान करना ही इस सरकार की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।”
इस अवसर पर मुख्यमंत्री के साथ विभिन्न विभागों के प्रशासनिक अधिकारी और सचिवालय के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे, ताकि मुख्यमंत्री के निर्देशों पर तुरंत अमल किया जा सके।



