पंचायती राज विभाग का बड़ा फैसला: अब डिजिटल होंगी हिमाचल की सभी पंचायतें, ऑनलाइन मिलेंगे प्रमाण पत्र
ग्रामीण विकास को रफ्तार देने के लिए विभाग ने जारी की नई गाइडलाइंस; मुख्यमंत्री सुक्खू के 'डिजिटल हिमाचल' विज़न को धरातल पर उतारने की तैयारी

04/06/2026-VIDYA SAGAR
शिमला। हिमाचल प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों को आधुनिक और तकनीकी रूप से सुदृढ़ बनाने के लिए पंचायती राज विभाग ने एक बड़ा कदम उठाया है। विभाग द्वारा जारी नवीनतम दिशा-निर्देशों के अनुसार, प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों के कामकाज को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बनाया जाएगा। इस पहल के बाद ग्रामीणों को परिवार रजिस्टर की नकल, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र और विभिन्न प्रकार के एनओसी (NOC) के लिए पंचायत कार्यालयों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।
📈 हाइलाइट्स: पंचायती राज विभाग के मुख्य निर्णय
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पूर्ण डिजिटलीकरण: राज्य की सभी पंचायतों का रिकॉर्ड ऑनलाइन पोर्टल पर होगा उपलब्ध।
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ई-गवर्नेंस को बढ़ावा: ग्रामीण अब घर बैठे या लोकमित्र केंद्रों के माध्यम से कर सकेंगे आवेदन।
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विकास कार्यों की निगरानी: पंचायतों को मिलने वाले बजट और विकास कार्यों की जियो-टैगिंग ($Geo-tagging$) अनिवार्य।
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प्रशिक्षण कार्यक्रम: पंचायत सचिवों और जनप्रतिनिधियों को दिया जाएगा विशेष तकनीकी प्रशिक्षण।
💻 पारदर्शिता और जवाबदेही होगी तय
पंचायती राज विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, इस डिजिटल परिवर्तन का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण शासन व्यवस्था में पारदर्शिता लाना और भ्रष्टाचार पर लगाम लगाना है।
“पंचायतों के डिजिटलीकरण से न केवल आम जनता का समय बचेगा, बल्कि विकास कार्यों में भी तेजी आएगी। अब हर पंचायत के पास उपलब्ध फंड और उसके खर्च का पूरा ब्योरा एक क्लिक पर जनता के सामने होगा।”
— प्रवक्ता, पंचायती राज विभाग
🛠️ जियो-टैगिंग से रुकेगी बजट की गड़बड़ी
विभाग ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में पंचायतों के भीतर होने वाले किसी भी निर्माण कार्य (जैसे सड़क, रास्ते, डंगे या सामुदायिक भवन) की कंक्रीट डालने से लेकर काम पूरा होने तक की तस्वीरें जियो-टैगिंग के साथ पोर्टल पर अपलोड करनी होंगी। इसके बिना विकास कार्यों की अगली किस्त या बजट जारी नहीं किया जाएगा। इस कदम से जमीनी स्तर पर कार्यों की गुणवत्ता में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा।
👥 जनप्रतिनिधियों को मिलेगी स्पेशल ट्रेनिंग
इस नई व्यवस्था को सुचारू रूप से लागू करने के लिए विभाग खंड (Block) स्तर पर विशेष कार्यशालाओं का आयोजन करने जा रहा है। इसमें ग्राम पंचायत प्रधानों, उप-प्रधानों और वार्ड सदस्यों सहित पंचायत सचिवों व तकनीकी सहायकों को नए सॉफ्टवेयर और ऑनलाइन पोर्टल्स को ऑपरेट करने का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा।



