बिलासपुर में ड्रग माफिया के खिलाफ महिलाओं का ‘महामोर्चा’: रात के अंधेरे में लाठी और टॉर्च लेकर दे रही हैं कड़ा पहरा
नशे के सौदागरों के खिलाफ 'लघट गांव' की मातृशक्ति ने खुद संभाली कमान; युवाओं को बर्बादी से बचाने के लिए कड़ाके की ठंड में शुरू की नाइट पेट्रोलिंग।

28/05/2026-VIDYA SAGAR
बिलासपुर (हिमाचल प्रदेश): देवभूमि हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले के ग्रामीण इलाकों से महिला सशक्तिकरण और सामाजिक चेतना की एक बेहद प्रेरणादायक तस्वीर सामने आ रही है। क्षेत्र में पैर पसार रहे काले और जानलेवा नशे के कारोबार पर पूरी तरह लगाम कसने के लिए स्थानीय ग्रामीण महिलाओं ने अब खुद कमान संभाल ली है। बिलासपुर के लघट गांव (Laghat Village) की महिलाओं ने एकजुट होकर ड्रग माफिया के खिलाफ खुला मोर्चा खोल दिया है।
हाथों में लाठी, टॉर्च और हौसलों की उड़ान
नशे के सौदागर अक्सर रात के अंधेरे का फायदा उठाकर ग्रामीण क्षेत्रों के सीधे-साधे युवाओं को अपनी गिरफ्त में लेते हैं। माफिया के इसी चक्रव्यूह को तोड़ने के लिए लघट गांव की महिलाओं की अलग-अलग टोलियां बनाई गई हैं। ये जांबाज महिलाएं कड़ाके की ठंड और रात के सन्नाटे की परवाह किए बिना, हाथों में लाठी और टॉर्च लेकर सड़कों, चौराहों और संदिग्ध ठिकानों पर गश्त (Night Patroling) कर रही हैं।
क्यों पड़ी रात को पहरा देने की जरूरत?
गांव की जागरूक महिलाओं का कहना है कि नशा उनके हंसते-खेलते परिवारों और युवाओं के भविष्य को दीमक की तरह चाट रहा है। पुलिस प्रशासन अपनी तरफ से कार्रवाई करता है, लेकिन ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी के बिना इस नेटवर्क को पूरी तरह तोड़ना नामुमकिन था। इसलिए, गांव की माताओं और बहनों ने अपनी सुरक्षा और बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए खुद सड़कों पर उतरने का फैसला किया।
संदिग्धों पर पैनी नजर, युवाओं को बचाने का संकल्प
इस महिला मोर्चे का मुख्य उद्देश्य केवल ड्रग्स की सप्लाई को रोकना नहीं, बल्कि अपने गांव के युवाओं को इस दलदल में फंसने से बचाना भी है।
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कड़ा पहरा: रात के समय गांव में आने-जाने वाले बाहरी और संदिग्ध वाहनों की कड़ी चेकिंग की जा रही है।
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पुलिस को तुरंत सूचना: गश्त के दौरान यदि कोई व्यक्ति संदिग्ध गतिविधि में लिप्त पाया जाता है, तो महिलाएं तुरंत इसकी सूचना बिलासपुर पुलिस को देती हैं।
- युवाओं की काउंसलिंग: देर रात बिना वजह घूमने वाले स्थानीय युवाओं को समझाकर उनके घर भेजा जा रहा है।
“हम अपनी आने वाली पीढ़ी को इस नशे की आग में जलते हुए नहीं देख सकतीं। जब तक हमारे गांव और आसपास के इलाकों से नशा पूरी तरह खत्म नहीं हो जाता, हमारा यह अभियान और रात का पहरा इसी तरह जारी रहेगा।” > — लघट गांव महिला मोर्चा
पूरे बिलासपुर जिले के लिए बनीं प्रेरणा
लघट गांव की महिलाओं के इस साहसिक कदम की सराहना अब पूरे बिलासपुर जिले और प्रदेश भर में हो रही है। इस मुहिम ने न केवल ड्रग तस्करों के हौसले पस्त कर दिए हैं, बल्कि अन्य गांवों की महिलाओं को भी नशे के खिलाफ आवाज उठाने के लिए प्रेरित किया है। स्थानीय पुलिस प्रशासन ने भी महिलाओं के इस जज्बे को सलाम किया है और उन्हें पूरी सुरक्षा व सहयोग देने का भरोसा दिलाया है।



