दिल्ली में ‘सुपरकॉप’ अमर सिंह का कारनामा: अपनी जान पर खेल भीषण आग से बचाई दंपती और 11 दृष्टिबाधित छात्रों सहित 13 जिंदगियां
दंपती को बचाने के लिए जलते ट्रक की छत पर चढ़ गए हवलदार; सूझबूझ से पास के हॉस्टल में फंसे 11 ब्लाइंड छात्रों को भी सुरक्षित निकाला, दिल्ली पुलिस ने किया सम्मानित।

28/05/20126-VIDYA SAGAR
नई दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली से एक दिल दहला देने वाली घटना के बीच जांबाजी और असाधारण बहादुरी की एक ऐसी मिसाल सामने आई है, जिसने पूरे देश का दिल जीत लिया है। दिल्ली पुलिस के एक जांबाज हवलदार (कांस्टेबल) अमर सिंह ने अपनी जान की परवाह न करते हुए धधकती आग के बीच से एक दंपती और 11 दृष्टिबाधित (ब्लाइंड) छात्रों समेत कुल 13 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इस बहादुरी के बाद सोशल मीडिया से लेकर महकमे तक, हर कोई इस ‘रियल लाइफ हीरो’ को सलाम कर रहा है।
दंपती को बचाने के लिए मौत के मुंह में कूदे अमर सिंह
मिली जानकारी के अनुसार, इलाके में अचानक लगी भीषण आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया था। आग की लपटों और चारों तरफ फैले जहरीले धुएं के बीच एक दंपती बुरी तरह फंस गया था और उनका बच निकलना नामुमकिन लग रहा था।
घटनास्थल पर मौजूद हवलदार अमर सिंह ने बिना वक्त गंवाए एक बड़ा जोखिम उठाया। वे पास में खड़े एक ट्रक की छत पर चढ़ गए और आग की लपटों के बीच से रास्ता बनाते हुए सूझबूझ के साथ उस दंपती को सुरक्षित बाहर खींच निकाला।
हॉस्टल में फंसे थे 11 दृष्टिबाधित छात्र, देवदूत बनकर पहुंचे हवलदार
चुनौती अभी खत्म नहीं हुई थी; आग की लपटें तेजी से बढ़ रही थीं और पास ही स्थित एक हॉस्टल को अपनी चपेट में ले रही थीं। इस हॉस्टल में 11 दृष्टिबाधित (ब्लाइंड) छात्र फंसे हुए थे, जो देख न पाने और धुएं के कारण भारी दहशत में थे।
हवलदार अमर सिंह ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए हॉस्टल के भीतर प्रवेश किया। उन्होंने न केवल छात्रों का हौसला बढ़ाया, बल्कि एक-एक कर सभी 11 दृष्टिबाधित छात्रों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। अगर हवलदार अमर सिंह मौके पर सही समय पर सही फैसला न लेते, तो एक बड़ा हादसा हो सकता था।
दिल्ली पुलिस ने किया सम्मानित, सोशल मीडिया पर उमड़ी तारीफें
इस असाधारण बहादुरी और कर्तव्यपरायणता के लिए दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने हवलदार अमर सिंह की पीठ थपथपाई है। विभाग ने उनकी इस जांबाजी की सराहना करते हुए उन्हें विशेष रूप से सम्मानित किया है।
“फर्ज और इंसानियत की मिसाल” “जब लोग जान बचाकर भाग रहे थे, तब हवलदार अमर सिंह दूसरों की जिंदगी के लिए आग से खेल रहे थे। दिल्ली पुलिस को अपने इस जांबाज जवान पर गर्व है।”
सोशल मीडिया पर भी हवलदार अमर सिंह की तस्वीरें और उनकी बहादुरी के किस्से तेजी से वायरल हो रहे हैं। लोग लिख रहे हैं कि खाकी वर्दी में छिपे ऐसे ही सच्चे नायक समाज में इंसानियत और सुरक्षा के भरोसे को जिंदा रखते हैं।



