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महाविद्यालयों में शुरू होंगे अप्रेंटिसशिप समाहित डिग्री कार्यक्रम और नए कौशल आधारित कोर्स: शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर

शिक्षा क्षेत्र में बड़े सुधारों की तैयारी: बायोमैट्रिक उपस्थिति अनिवार्य, खराब प्रदर्शन पर रुकेगी शिक्षकों की वेतन वृद्धि, 148 सरकारी स्कूल अब CBSE से संबद्ध

04/06/2026-VIDYA SAGAR

शिमला। हिमाचल प्रदेश के शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में राज्य के शिक्षा क्षेत्र में चल रही विभिन्न विकास योजनाओं और चल रहे सुधारों की प्रगति का विस्तृत विश्लेषण किया गया। शिक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया कि वर्तमान राज्य सरकार शिक्षा क्षेत्र को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है और इसके सकारात्मक परिणाम अब धरातल पर दिखने लगे हैं।



📈 हाइलाइट्स: बैठक के मुख्य निर्णय

  • रोजगारपरक शिक्षा: स्नातक पास युवाओं के लिए स्टाइपेंड के साथ अप्रेंटिसशिप समाहित डिग्री कार्यक्रम की शुरुआत।

  • सख्त अनुशासन: स्कूलों में बायोमैट्रिक उपस्थिति अनिवार्य, नियम तोड़ने पर कटेगा वेतन।

  • शिक्षकों पर जवाबदेही: बोर्ड परीक्षाओं में लगातार खराब प्रदर्शन करने वाले शिक्षकों की रोकी जा सकती है वार्षिक वेतन वृद्धि ($Increment$)।

  • CBSE संबद्धता: राज्य के 148 सरकारी विद्यालयों को मिली CBSE संबद्धता, भविष्य में बढ़ेगा दायरा।

  • मानदेय में वृद्धि: SMC, मिड-डे मील, कंप्यूटर शिक्षकों सहित विभिन्न कर्मियों के वेतन में ₹500 प्रति माह की बढ़ोतरी।


🎓 उच्च शिक्षा में नए कोर्स और वैश्विक अवसर

शिक्षा मंत्री ने कहा कि सरकार विद्यार्थियों के कौशल विकास और रोजगार की संभावनाओं को बढ़ाने के लिए अप्रेंटिसशिप समाहित डिग्री कार्यक्रम प्रारम्भ करने जा रही है। इसके तहत छात्रों को उद्योगों में काम करने का व्यावहारिक अनुभव मिलेगा और साथ ही स्टाइपेंड भी दिया जाएगा।

  • विदेशी भाषा पाठ्यक्रम: महाविद्यालय स्तर पर विदेशी भाषाओं के कोर्स शुरू किए जाएंगे ताकि छात्रों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोजगार मिल सके।

  • बी.वोक (B.Voc) का विस्तार: कौशल आधारित स्नातक पाठ्यक्रम (B.Voc) की सफलता को देखते हुए 4 नए कौशल पाठ्यक्रम शुरू करने की तैयारी है।

  • व्यावसायिक शिक्षा: बागवानी प्रधान क्षेत्रों के स्कूलों में ‘बागवानी’ विषय को व्यावसायिक शिक्षा के रूप में और विस्तार दिया जाएगा।


⚖️ शिक्षकों की जवाबदेही और नई भर्तियां

शिक्षा मंत्री ने हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड की 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं के परिणामों का विस्तृत विश्लेषण करने के निर्देश दिए। उन्होंने दोटूक कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता से समझौता नहीं किया जाएगा।

“लगातार खराब प्रदर्शन करने वाले शिक्षकों की वार्षिक वेतन वृद्धि रोकी जा सकती है। इसके अलावा, स्कूलों में बायोमैट्रिक उपस्थिति को अनिवार्य बनाया जाएगा और अनुपालना न होने पर वेतन कटौती जैसे कड़े कदम उठाए जाएंगे।”

रोहित ठाकुर, शिक्षा मंत्री



भर्ती और पदोन्नति प्रक्रिया में तेजी:

  • 1,131 SMC शिक्षकों की नियुक्तियां LDR श्रेणी के माध्यम से की जा चुकी हैं।

  • 714 PGT और 102 DPE पदों के लिए LDR प्रक्रिया जल्द शुरू होगी।

  • कंप्यूटर शिक्षकों के नियमों में आवश्यक संशोधन किए जाएंगे।

  • राज्य चयन आयोग और HPPSC को भेजे गए रिक्त पदों को शीघ्र भरने के निर्देश।


💻 विद्यार्थियों को टैबलेट के लिए मिलेगा सीधा पैसा (DBT)

छात्रों को टैबलेट वितरण की समीक्षा करते हुए शिक्षा मंत्री ने इस प्रक्रिया में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) प्रणाली अपनाने के निर्देश दिए। इससे पात्र विद्यार्थी अपनी पसंद और आवश्यकता के अनुसार गैजेट्स खरीद सकेंगे। उप-निदेशकों को यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि बजट का उपयोग इसी निर्धारित उद्देश्य के लिए हो।



💰 डॉ. वाईएस परमार विद्यार्थी ऋण योजना और आपदा राहत

  • सस्ता एजुकेशन लोन: उच्च शिक्षा के लिए विद्यार्थियों को मात्र 1% ब्याज दर पर ₹20 लाख तक का ऋण देने वाली इस योजना को और सरल बनाया जाएगा।

  • स्कूलों का पुनर्निर्माण: वर्ष 2023 और 2025 की प्राकृतिक आपदाओं से क्षतिग्रस्त हुए स्कूलों की मरम्मत के लिए PWD और हिमुडा को ₹19 करोड़ जारी किए जा चुके हैं।


🏆 राष्ट्रीय स्तर पर हिमाचल का डंका: PGI 2.0 में छठा स्थान

शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा जारी परफॉर्मेंस ग्रेडिंग इंडेक्स (PGI) 2.0 में हिमाचल प्रदेश ने शानदार प्रदर्शन किया है। हिमाचल ने राष्ट्रीय स्तर पर छठा स्थान और राज्यों की श्रेणी में तीसरा स्थान हासिल किया है। देश के दूसरे सर्वोच्च ग्रेड ‘प्रचेस्टा-2’ श्रेणी में राज्य को दूसरा स्थान मिला है। शिक्षा मंत्री ने इस उपलब्धि के लिए पूरे शिक्षक समुदाय और विभागीय अधिकारियों की सराहना की।

बैठक में उपस्थिति: इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में शिक्षा सचिव राकेश कंवर, समग्र शिक्षा के परियोजना निदेशक राजेश शर्मा, स्कूल शिक्षा निदेशक आशीष कोहली, उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. हरीश कुमार अवस्थी सहित कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।


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