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वैश्विक शक्तियों के बीच ‘नया भारत’: महाशक्तियों के पास अकूत संसाधन, पर भारत के पास है 140 करोड़ युवाओं का ‘ब्रह्मास्त्र’

इकोनॉमी में क्यों बढ़ रही है भारत की धमक? जानिए अमेरिका के सोने, दुबई के तेल और चीन की तकनीक पर कैसे भारी पड़ रही है भारतीय युवा शक्ति और लोकतंत्र।

30/05/2026-VIDYA SAGAR

शिमला / नई दिल्ली: आज जब वैश्विक पटल पर महाशक्तियों के बीच दबदबा बनाने की होड़ मची है, तब दुनिया के सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश भारत की गूंज वैश्विक मंचों पर सबसे तेज सुनाई दे रही है। भू-राजनीतिक विश्लेषकों के बीच अक्सर यह बहस छिड़ती है कि आखिर भारत की वह कौन सी ताकत है जो उसे दुनिया के बाकी देशों से अलग और बेहद खास बनाती है?

यदि संसाधनों की तुलना की जाए, तो दुनिया के अलग-अलग देशों के पास अपनी विशिष्ट ताकतें हैं। अमेरिका के पास दुनिया का सबसे बड़ा सोने का भंडार और वित्तीय एकाधिकार है। दुबई और खाड़ी देशों के पास काले सोने यानी कच्चे तेल का ऐसा खजाना है जिससे दुनिया की रफ्तार चलती है। जापान अपनी रोबोटिक्स और ऑटोमेशन के लिए जाना जाता है, तो वहीं चीन ने मैन्युफैक्चरिंग और एडवांस टेक्नोलॉजी के दम पर वैश्विक बाजार पर कब्जा कर रखा है।

लेकिन इन सब के बीच एक बड़ा यक्ष प्रश्न खड़ा होता है— आखिर भारत के पास ऐसी कौन सी अनूठी ताकत है?


संसाधनों पर भारी ‘मानव संसाधन’ (Human Capital)

आर्थिक और रणनीतिक मामलों के जानकारों का मानना है कि जहां दुनिया के बाकी देश प्राकृतिक या कृत्रिम संसाधनों के दम पर आगे बढ़ रहे हैं, वहीं भारत के पास दुनिया का सबसे बड़ा ‘लाइव रिसोर्स’ यानी मानव संसाधन है।

  • 140 करोड़ की सामूहिक शक्ति: भारत की सबसे बड़ी पूंजी इसकी आबादी है, जो अब महज एक संख्या नहीं बल्कि दुनिया का सबसे बड़ा ‘कंज्यूमर मार्केट’ और ‘वर्कफोर्स’ बन चुकी है।

  • दुनिया की सबसे युवा आबादी: जहां जापान, यूरोप और चीन जैसे देश तेजी से बूढ़े हो रहे हैं, वहीं भारत की औसत उम्र महज 28-29 वर्ष है। यह ‘डेमोग्राफिक डिविडेंड’ (Demographic Dividend) भारत को अगले कई दशकों तक दुनिया का ग्रोथ इंजन बनाए रखेगा।


लोकतंत्र, संस्कृति और ज्ञान का अनूठा संगम

भारत की ताकत सिर्फ उसकी आबादी में नहीं, बल्कि उसकी व्यवस्था में है। दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र होने के नाते भारत स्थिरता और स्वतंत्रता की गारंटी देता है, जो विदेशी निवेशकों के लिए सबसे पहली पसंद है।

इसके साथ ही भारत की सदियों पुरानी संस्कृति, अध्यात्म और ज्ञान (IT से लेकर योग तक) ने हमेशा दुनिया को दिशा दिखाई है। आज दुनिया के सबसे बड़े टेक दिग्गजों (जैसे Google, Microsoft) के शीर्ष पदों पर भारतीयों का होना इस बात का प्रमाण है कि वैश्विक मस्तिष्क का संचालन भारत के युवाओं के हाथ में है।


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