हिमाचल प्रदेश में ग्रामीण अर्थव्यवस्था की नई उड़ान: ‘एक जिला तीन उत्पाद’ योजना से बदलेगी तकदीर
मुख्यमंत्री सुक्खू का बड़ा ऐलान—अक्टूबर 2026 में होगा मेगा आयोजन; नई औद्योगिक नीति में चयनित उत्पादों को मिलेगा बंपर पैकेज और सस्ती बिजली

VIDYA SAGAR
शिमला, 19 जुलाई, 2026

हिमाचल प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने और स्थानीय पारंपरिक उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाने के लिए मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में राज्य सरकार ने एक क्रांतिकारी कदम उठाया है। सरकार की महत्वाकांक्षी ‘वन डिस्ट्रिक्ट थ्री प्रोडक्ट’ (ODTP) यानी ‘एक जिला तीन उत्पाद’ नीति के तहत प्रदेश के सभी 12 जिलों से कुल 36 विशिष्ट उत्पादों का चयन किया गया है। इन उत्पादों को नई पहचान देने और स्थानीय लोगों के लिए स्थायी रोजगार पैदा करने के उद्देश्य से अक्टूबर 2026 में एक भव्य मेगा प्रदर्शनी और रिवर्स बायर-सेलर मीट का आयोजन किया जाएगा।
हर जिले की चमकेगी किस्मत: चुने गए कुल 36 विशिष्ट उत्पाद
सरकार ने गहन आर्थिक मूल्यांकन और बाजार की मांग के आधार पर प्रत्येक जिले से तीन-तीन प्रमुख उत्पादों का चयन किया है। इसकी पूरी सूची इस प्रकार है:
| जिला | चयनित उत्पाद (ODTP) |
| बिलासपुर | अदरक, रेशम उत्पादन (सेरीकल्चर) और मत्स्य पालन |
| चंबा | ऐतिहासिक चंबा चप्पल, सफेद मक्की और पारंपरिक ऊन |
| हमीरपुर | उच्च गुणवत्ता वाली हल्दी, बांस और मक्की |
| कांगड़ा | विश्व प्रसिद्ध कांगड़ा चाय, कांगड़ा लघु चित्रकला और गिलोय |
| किन्नौर | औषधीय हिमाचली चुल्ली तेल, किन्नौरी शॉल और चिलगोजा |
| कुल्लू | स्वादिष्ट ट्राउट मछली, हेम्प ऑयल (भांग का तेल) और कुल्लू टोपी |
| लाहौल-स्पीति | एंटी-ऑक्सीडेंट से भरपूर सी-बकथॉर्न, पुल्ले और हरी मटर |
| मंडी | लजीज सेपू बड़ी, पारंपरिक धातु शिल्प तथा पत्थर/लकड़ी की नक्काशी |
| शिमला | सेब आधारित प्रीमियम उत्पाद, स्थानीय शहद, जौ का माल्ट/आटा एवं गुच्छी (मोरेल) मशरूम |
| सिरमौर | औषधीय लहसुन, अदरक और पारंपरिक सिरमौरी लोइया |
| सोलन | बटन मशरूम, लाल टमाटर और औषधि (फार्मास्यूटिकल) उत्पाद |
| ऊना | आलू, रसीली लीची और आधुनिक ड्रैगन फ्रूट |
अक्टूबर 2026 में सजेगा महा-मंच (Reverse Buyer-Seller Meet)
मुख्यमंत्री ने बताया कि ग्रामीण उत्पादकों को सीधे बड़े खरीदारों और उद्योगों से जोड़ने के लिए सरकार अब तक तीन विक्रेता विकास कार्यक्रम और पांच रोजगार विकास कार्यक्रम आयोजित कर चुकी है। इसके अगले चरण में, अक्टूबर 2026 में राज्य स्तरीय मेगा आयोजन होगा। इस साझा मंच पर देश-विदेश के उत्पादक, निर्यातक, निवेशक, खुदरा विक्रेता (Retailers) और उद्योग जगत के बड़े प्रतिनिधि एक साथ जुटेंगे। इससे स्थानीय आपूर्ति श्रृंखलाएं मजबूत होंगी और महिलाओं व युवाओं में उद्यमिता (Entrepreneurship) की भावना को पंख मिलेंगे।

नई औद्योगिक नीति में विशेष ‘प्रोत्साहन पैकेज’ का वादा
स्थानीय उत्पादों के प्रसंस्करण (Processing) और मूल्य संवर्धन (Value Addition) को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री सुक्खू ने ऐतिहासिक घोषणा की है। आगामी नई औद्योगिक नीति में इन 36 उत्पादों से जुड़े उद्योगों को विशेष लाभ दिए जाएंगे:
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📉 रियायतें: सरकारी भूमि आवंटन में प्राथमिकता और रियायती दरें।
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⚡ सस्ती बिजली: इन उद्यमों को बेहद सस्ती और निर्बाध बिजली उपलब्ध कराई जाएगी।
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💰 टैक्स में छूट: स्टाम्प शुल्क (Stamp Duty) में पूरी छूट और SGST प्रतिपूर्ति (Reimbursement)।
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🤝 प्राथमिकता क्षेत्र का दर्जा: इन उद्योगों को प्राथमिकता वाले क्षेत्रों की श्रेणी में रखकर तेजी से क्लीयरेंस दी जाएगी।
ई-कॉमर्स और ग्लोबल ब्रांडिंग पर रहेगा जोर
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने स्पष्ट किया कि सरकार केवल उत्पादन बढ़ाने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इन उत्पादों की ब्रांडिंग और डिजिटल मार्केटिंग पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। स्थानीय उत्पादकों को अमेज़न, फ्लिपकार्ट जैसे प्रमुख ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर ऑनबोर्ड (रजिस्टर्ड) कराया जाएगा। साथ ही, उन्हें राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक मेलों में भाग लेने के लिए सरकार की ओर से पूरा वित्तीय और तकनीकी सहयोग मिलेगा।

मुख्यमंत्री का संदेश:
“यह कार्यक्रम सिर्फ व्यापार बढ़ाने का जरिया नहीं है, बल्कि यह हिमाचल प्रदेश की समृद्ध विरासत, पारंपरिक कौशल और संस्कृति के संरक्षण का एक पवित्र प्रयास है। यह योजना ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ कर राज्य के आर्थिक विकास में मील का पत्थर साबित होगी।”



