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हिमाचल प्रदेश में PM VIKAS योजना को लागू करेगा HPCED; अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय के साथ समझौता ज्ञापन पर हुए हस्ताक्षर

राज्य के 2,420 उम्मीदवारों को मिलेगा कौशल विकास और उद्यमिता का प्रशिक्षण; महिलाओं की भागीदारी पर विशेष जोर।

VIDYA SAGAR

शिमला, 30 मई: हिमाचल प्रदेश में कौशल विकास और उद्यमिता पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। हिमाचल प्रदेश उद्यमिता विकास केंद्र (HPCED) को केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय द्वारा प्रधानमंत्री विरासत का संवर्धन (PM VIKAS) योजना के कार्यान्वयन के लिए परियोजना कार्यान्वयन एजेंसी (PIA) के रूप में चुना गया है।

इस महत्वपूर्ण साझेदारी को आधिकारिक रूप देने के लिए अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय की निदेशक सुश्री नेहा गिरी (IAS) और उद्योग विभाग की संयुक्त निदेशक व HPCED की कार्यकारी निदेशक सुश्री दीपिका के बीच एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए हैं।


2,420 उम्मीदवारों को मिलेगा सीधा लाभ

इस राष्ट्रव्यापी पहल के तहत, HPCED हिमाचल प्रदेश के विभिन्न जिलों में कुल 2,420 उम्मीदवारों को पूरी तरह से उद्योग-प्रासंगिक और रोजगारपरक प्रशिक्षण प्रदान करेगा। इस कार्यक्रम को दो मुख्य घटकों में विभाजित किया गया है:

  • महिला नेतृत्व और उद्यमिता घटक (Women Leadership & Entrepreneurship): इसके तहत राज्य की 1,700 महिला उम्मीदवारों को सशक्त बनाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा।

  • गैर-पारंपरिक घटक (Non-Traditional Component): इसके तहत 720 उम्मीदवारों को आधुनिक और उभरते हुए क्षेत्रों में प्रशिक्षित किया जाएगा।


इन आधुनिक और पारंपरिक कोर्सेज की मिलेगी ट्रेनिंग

बाज़ार की मांग को ध्यान में रखते हुए इस कार्यक्रम के तहत कई तरह के विशेष कोर्सेज तैयार किए गए हैं, जिनमें शामिल हैं:

  • माउंटेन कुज़ीन शेफ (Mountain Cuisine Chef)

  • फैशन डिजाइनर (Fashion Designer)

  • ब्यूटी थेरेपिस्ट (Beauty Therapist)

  • नेतृत्व विकास (Leadership Development)

  • महिलाओं के लिए उद्यमशीलता कौशल (Entrepreneurial Skills for Women)

  • बिजनेस मेंटर्स / उद्यमी मित्र (Business Mentors – Udyami Mitra)


चयन से लेकर प्लेसमेंट तक पूरी सहायता

HPCED के अधिकारियों के अनुसार, यह केवल एक प्रशिक्षण कार्यक्रम नहीं है, बल्कि लाभार्थियों के लिए स्थायी आजीविका सुनिश्चित करने का एक संपूर्ण रोडमैप है। इसके तहत राज्य भर में स्थापित विभिन्न केंद्रों के माध्यम से उम्मीदवारों की लामबंदी (Mobilisation), प्रशिक्षण वितरण, मूल्यांकन, आधिकारिक प्रमाणन (Certification) और ट्रेनिंग के बाद भी उन्हें काम या व्यवसाय स्थापित करने के लिए पूर्ण व्यावहारिक सहायता (Post-training Handholding) प्रदान की जाएगी।

“इस योजना का मुख्य उद्देश्य हिमाचल प्रदेश के युवाओं, विशेषकर महिलाओं और अल्पसंख्यक समुदायों के बीच कौशल विकास को बढ़ावा देना और उन्हें रोजगार के बजाय ‘रोजगार प्रदाता’ (उद्यमी) बनने के लिए प्रेरित करना है।”

यह योजना हिमाचल प्रदेश के दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाली महिलाओं और युवाओं के लिए आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने का एक सुनहरा अवसर साबित होगी।


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