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हिमाचल में शिक्षा क्रांति: राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने कांगड़ा के ग्रामीण स्कूल का किया औचक दौरा

Performance Grading Index में देश भर में छठा स्थान हासिल करने पर हिमाचल की पीठ थपथपाई; ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत करने पर दिया जोर।

VIDYA SAGAR

कांगड़ा, [21/05/2026]: हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने आज कांगड़ा जिला के अंतर्गत आने वाले सुदूर ग्रामीण क्षेत्र के राजकीय प्राथमिक विद्यालय गुजरेडा का दौरा किया। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य राज्य के ग्रामीण और दुर्गम इलाकों में जमीनी स्तर पर शिक्षा की वास्तविक स्थिति, बुनियादी ढांचे और बच्चों को मिल रही सुविधाओं का सीधा आकलन करना था।

दौरे के दौरान राज्यपाल ने न केवल स्कूल की व्यवस्थाओं को देखा, बल्कि विद्यार्थियों, शिक्षकों और शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों के साथ सीधा संवाद भी स्थापित किया।


बच्चों से की आत्मीय बातचीत, बढ़ाया हौसला

राज्यपाल ने कक्षा में जाकर बच्चों से बेहद आत्मीय माहौल में बातचीत की। उन्होंने बच्चों से उनके सपनों और पढ़ाई में आने वाली दिक्कतों के बारे में जाना। विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए राज्यपाल ने कहा:-

“बच्चे ही हमारे राष्ट्र का उज्ज्वल भविष्य हैं। कठिन से कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में भी अगर आपके भीतर समर्पण और आत्मविश्वास है, तो आप हर मुकाम हासिल कर सकते हैं। अपनी पढ़ाई को बोझ न समझें, बल्कि इसे एक अवसर के रूप में देखें।”



बुनियादी ढांचे और डिजिटल शिक्षा पर विशेष जोर

विद्यालय के शैक्षणिक वातावरण और मूलभूत सुविधाओं का जायजा लेने के बाद राज्यपाल ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भौगोलिक विषमताओं के कारण ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को शिक्षा से वंचित नहीं किया जा सकता। प्रत्येक बच्चे तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुँचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

राज्यपाल ने विशेष रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता जताई:

  • आधुनिक कक्षाएँ: बच्चों के बैठने और पढ़ने के लिए बेहतर क्लासरूम।

  • स्वच्छता सुविधाएँ: स्कूलों में साफ-सफाई और विशेषकर छात्राओं के लिए उचित शौचालय व्यवस्था।

  • डिजिटल शिक्षण संसाधन: ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को भी स्मार्ट क्लास और डिजिटल टूल्स के माध्यम से वैश्विक स्तर की शिक्षा देना।

  • अनुकूल वातावरण: स्कूलों में ऐसा माहौल तैयार करना जिससे बच्चों का मानसिक और शारीरिक विकास हो सके।




शिक्षा के क्षेत्र में देश में छठे स्थान पर चमका हिमाचल

राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने इस मौके पर शिक्षा के क्षेत्र में हिमाचल प्रदेश के शानदार प्रदर्शन की जमकर सराहना की। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय द्वारा जारी परफॉर्मेंस ग्रेडिंग इंडेक्स (PGI 2.0) तथा PGI-D 2024-25 की रिपोर्ट का हवाला देते हुए उन्होंने राज्य के लिए इसे एक गौरवपूर्ण क्षण बताया।


हिमाचल प्रदेश की राष्ट्रीय रैंकिंग पर एक नज़र:

मानक (Criteria) राष्ट्रीय रैंक (National Rank) राज्यों की श्रेणी में स्थान
गुणवत्तापूर्ण शिक्षा (Quality Education) छठा (6th) तीसरा (3rd)

उन्होंने कहा कि यह रैंकिंग इस बात का प्रमाण है कि हिमाचल प्रदेश शिक्षा के क्षेत्र में लगातार उत्कृष्टता की ओर बढ़ रहा है।


‘रणनीतिक समूह’ (School Clustering) से बढ़ेगी प्रशासनिक दक्षता

संसाधनों की कमी को दूर करने के लिए राज्यपाल ने अधिकारियों के साथ “विद्यालयों के रणनीतिक समूह” (School Cluster Concept) की अवधारणा पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि उपलब्ध मानव बल और संसाधनों का सर्वोत्तम उपयोग करने के लिए स्कूलों को आपस में जोड़कर (Clustering) काम करना होगा। इससे न केवल प्रशासनिक दक्षता बढ़ेगी, बल्कि सुदूर क्षेत्रों के विद्यार्थियों को भी बेहतर शैक्षणिक अवसर मिल सकेंगे।


कठिन क्षेत्रों में तैनात शिक्षकों की थपथपाई पीठ

एक प्रगतिशील समाज के निर्माण में शिक्षकों की भूमिका को सर्वोपरि बताते हुए राज्यपाल ने कठिन और दुर्गम क्षेत्रों में अपनी सेवाएँ दे रहे शिक्षकों के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने शिक्षकों से आह्वान किया कि वे इसी समर्पण और निष्ठा के साथ प्रदेश के युवाओं के भविष्य को संवारने में अपना योगदान देते रहें।

इस विशेष दौरे के दौरान शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों सहित जिला प्रशासन के आला अधिकारी भी मौजूद रहे।


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