कर्नाटक के स्मार्ट सिटी मॉडल से संवरेगा हिमाचल: विक्रमादित्य सिंह
बेंगलुरु में शहरी विकास मॉडलों का निरीक्षण करने के बाद लोक निर्माण मंत्री ने लिया बड़ा फैसला; आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर से भी की भेंट।

21/05/2026-VIDYA SAGAR
बेंगलुरु / शिमला: हिमाचल प्रदेश के शहरी क्षेत्रों को आधुनिक और सर्वसुविधायुक्त बनाने के लिए प्रदेश सरकार अब कर्नाटक के सफल शहरी विकास मॉडल को अपनाने जा रही है। हिमाचल प्रदेश के लोक निर्माण एवं शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने आज बेंगलुरु में शहरी विकास, स्मार्ट सिटी और ग्रेटर बेंगलुरु अथॉरिटी के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की। इस बैठक में उन्होंने कर्नाटक में चल रहे शहरी विकास के विभिन्न प्रोजेक्ट्स और वहां की कार्यप्रणाली का विस्तृत जायजा लिया।

विक्रमादित्य सिंह ने ग्रेटर बेंगलुरु अथॉरिटी और स्मार्ट सिटी परियोजनाओं के तहत तैयार किए गए इंफ्रास्ट्रक्चर मॉडल की सराहना करते हुए कहा:-“कर्नाटक सरकार ने शहरी विकास के क्षेत्र में बेहद उत्कृष्ट और अनुकरणीय कार्य किया है। उनके इस सफल मॉडल से सीख लेते हुए जल्द ही हिमाचल प्रदेश के शहरी विकास विभाग, नगर निगम और स्मार्ट सिटी के अधिकारियों का एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल (Delegation) कर्नाटक के दौर पर जाएगा, ताकि वहां के तकनीकी व प्रशासनिक मॉडल का जमीनी अध्ययन किया जा सके।”

‘अर्बन चैलेंज फंड’ को मंजूरी दिलाना मुख्य प्राथमिकता
शहरी विकास मंत्री ने हिमाचल प्रदेश के लंबित और प्रगतिशील प्रोजेक्ट्स को लेकर भी अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार से ‘अर्बन चैलेंज फंड’ (Urban Challenge Fund) के तहत विभिन्न प्रस्तावों को जल्द से जल्द मंजूरी दिलाने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे। इसके साथ ही राज्य में वर्तमान में चल रही सभी विकास योजनाओं की गति को और तेज किया जाएगा ताकि जनता को समय पर इसका लाभ मिल सके।
इस महत्वपूर्ण बैठक के दौरान ग्रेटर बेंगलुरु अथॉरिटी, बेंगलुरु नॉर्थ सिटी कॉरपोरेशन, बेंगलुरु वेस्ट सिटी कॉरपोरेशन के कमिश्नर्स सहित कर्नाटक सरकार के कई अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और तकनीकी विशेषज्ञ उपस्थित रहे।

आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर से की शिष्टाचार भेंट
बैठक से पूर्व, मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने आर्ट ऑफ लिविंग संस्था के संस्थापक और वैश्विक आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान उन्होंने गुरुदेव से आशीर्वाद लिया और हिमाचल प्रदेश में चल रही विकासात्मक गतिविधियों, पर्यावरण संरक्षण, युवाओं के कल्याण तथा राज्य में धार्मिक व सामाजिक सद्भावना को बढ़ावा देने जैसे विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर गहन चर्चा की।



