रक्तदान महादान: घुमारवीं के अभिषेक शर्मा बने मानवता की मिसाल
नाम नहीं, काम से पहचान बनती है” — जरूरतमंदों की मदद के लिए हमेशा आगे रहते हैं अभिषेक शर्मा*

Vidya sagar/घुमारवीं/ 20:05:2026
घुमारवीं के युवा अभिषेक शर्मा ने एक बार फिर समाज सेवा और इंसानियत की अनूठी मिसाल पेश की है। Sanvedna Sanstha से जुड़े अभिषेक शर्मा ने रक्तदान कर यह संदेश दिया कि जरूरत के समय किसी की मदद करना ही सच्ची मानवता है।
रक्तदान को महादान कहा जाता है, क्योंकि एक यूनिट रक्त किसी की पूरी जिंदगी बदल सकता है। अस्पतालों में कई मरीज ऐसे होते हैं जिन्हें समय पर रक्त मिलने से नया जीवन मिल जाता है। ऐसे में युवाओं का आगे आकर रक्तदान करना समाज के लिए प्रेरणादायक कदम माना जाता है।

अभिषेक शर्मा का मानना है कि इंसानियत वही है जो जरूरतमंद के काम आए। उनका कहना है कि रक्तदान करने से मन को सच्ची खुशी और संतोष मिलता है, क्योंकि हर बूंद किसी की उम्मीद और जिंदगी बन जाती है।
उन्होंने युवाओं से भी अपील की कि वे समाज सेवा के कार्यों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें और समय-समय पर रक्तदान जरूर करें। उनका संदेश साफ है कि युवा वही है जो समाज और मानवता के लिए आगे आए।
अभिषेक शर्मा लगातार सामाजिक कार्यों में सक्रिय रहते हैं और जरूरतमंदों की सहायता के लिए हमेशा तत्पर रहते हैं। घुमारवीं क्षेत्र में लोग उनके इस सेवा भाव की सराहना कर रहे हैं।
रक्तदान न केवल किसी की जान बचाता है, बल्कि समाज में प्रेम, संवेदना और मानवता का संदेश भी फैलाता है।
🩸 *“रक्तदान महादान है, इसे अपनाना हमारा सम्मान है।”*



