मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने किया निरंजन देव शर्मा के ‘बाज़ार’ उपन्यास का विमोचन
उपन्यास में वर्ष 1971 से 1992 तक के सामाजिक और राजनीतिक घटनाक्रमों का जीवंत दस्तावेज; सीएम ने साहित्यिक योगदान को सराहा

23/05/2026-VIDYA SAGAR
शिमला। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज राजधानी शिमला में लेखक निरंजन देव शर्मा द्वारा रचित बहुचर्चित उपन्यास ‘बाज़ार’ के द्वितीय संस्करण का विधिवत विमोचन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने लेखक के प्रयासों की सराहना करते हुए इसे समकालीन समाज का एक महत्वपूर्ण आईना बताया।
समकालीन इतिहास और समाज का जीवंत दर्पण
विमोचन समारोह के दौरान पुस्तक की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि ‘बाज़ार’ उपन्यास केवल एक काल्पनिक कहानी नहीं, बल्कि वर्ष 1971 से लेकर 1992 तक के दौर की महत्वपूर्ण सामाजिक और राजनीतिक घटनाओं का एक बेहतरीन साहित्यिक दस्तावेजीकरण है। उन्होंने कहा:-
“यह कृति हमारे समकालीन इतिहास और बदलते समाज को गहराई से प्रतिबिम्बित करती है। ऐसी पुस्तकें आने वाली पीढ़ियों को हमारे राजनीतिक और सामाजिक उतार-चढ़ाव से रूबरू करवाने में एक महत्वपूर्ण साहित्यिक योगदान सिद्ध होती हैं।”

जेएनयू (JNU) के छात्र रहे हैं लेखक निरंजन देव शर्मा
मूल रूप से कुल्लू जिला के निवासी लेखक निरंजन देव शर्मा की पृष्ठभूमि शिक्षा के क्षेत्र में काफी समृद्ध रही है। उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (HPU) तथा देश के प्रतिष्ठित जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU), नई दिल्ली से पूरी की है। इतिहास और समाज पर उनकी गहरी पकड़ इस उपन्यास के पन्नों में साफ नजर आती है।

समारोह में ये गणमान्य लोग रहे उपस्थित
विमोचन के इस गरिमामयी अवसर पर कई प्रशासनिक और साहित्यिक हस्तियाँ मौजूद रहीं, जिनमें मुख्य रूप से शामिल थे:
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राकेश कंवर (मुख्यमंत्री के सचिव)
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देश निर्मोही (निदेशक, आधार प्रकाशन – जिन्होंने इस पुस्तक को प्रकाशित किया है)
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प्रतिमा शर्मा (लेखक की धर्मपत्नी)
यह उपन्यास पाठकों को दो दशकों के उस दौर में ले जाता है जिसने आधुनिक भारत और हिमाचल प्रदेश की सामाजिक-राजनीतिक संरचना को गढ़ने में बड़ी भूमिका निभाई थी। पुस्तक का यह दूसरा संस्करण अब पाठकों और साहित्य प्रेमियों के लिए उपलब्ध है।



