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हिमाचल में सरकारी सेवा में नियुक्ति से पहले ‘डोप टेस्ट’ अनिवार्य, मुख्यमंत्री सुक्खू का बड़ा फैसला

चतुर्थ श्रेणी के सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लंबित वित्तीय भुगतानों को तुरंत निपटाने के निर्देश; जूनियर ऑफिस असिस्टेंट (JOA) के 500 पद भरेगी सरकार।

31/05/2026-VIDYA SAGAR

शिमला। हिमाचल प्रदेश सरकार ने राज्य में नशा माफिया के खिलाफ अपनी जंग को और तेज कर दिया है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने एक ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए निर्देश दिए हैं कि अब सरकारी सेवा में नियुक्ति से पहले अभ्यर्थियों का डोप टेस्ट अनिवार्य किया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने सेवानिवृत्त चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के वित्तीय लाभों का जल्द भुगतान करने और सरकारी विभागों में खाली पड़े पदों को तेजी से भरने के आदेश जारी किए हैं।

शुक्रवार को शिमला में प्रशासनिक सचिवों के साथ आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने बजट घोषणाओं की प्रगति की समीक्षा की और अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए।



📌 बैठक के मुख्य निर्णय और दिशा-निर्देश

1. नशा माफिया पर कड़ा प्रहार और डोप टेस्ट

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि युवाओं को नशे की बुराई से बचाना प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। राज्य सरकार ने ‘चिट्टा’ (सिंथेटिक ड्रग्स) के विरुद्ध एक जन आंदोलन शुरू किया है।

  • सभी विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि वे सरकारी नौकरी में शामिल होने वाले नए अभ्यर्थियों के लिए डोप टेस्ट अनिवार्य करने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश जल्द जारी करें।

  • मुख्यमंत्री ने चिट्टा तस्करी में संलिप्त पाए गए सरकारी कर्मचारियों के विरुद्ध अब तक की गई कार्रवाई का पूरा ब्योरा भी तलब किया है।



2. सेवानिवृत्त चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को बड़ी राहत

मुख्यमंत्री ने मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए चतुर्थ श्रेणी के सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लंबित ग्रेच्युटी एवं अवकाश नकदीकरण (Leave Encashment) के भुगतान को शीघ्र सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों के कल्याण से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

3. रोजगार और करुणामूलक नौकरियां

  • JOA के 500 पद: युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने जूनियर ऑफिस असिस्टेंट (JOA) के 500 पदों को भरने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही अन्य विभागों से भी रिक्त पदों की जानकारी मांगी गई है।

  • करुणामूलक आधार पर नियुक्तियां: विभागाध्यक्षों को करुणामूलक (Compassionate Ground) आधार पर नौकरी के लिए आवेदन करने वाले आवेदकों का पूरा विवरण जल्द से जल्द उपलब्ध करवाने को कहा गया है ताकि सरकार इन मामलों पर त्वरित और उचित निर्णय ले सके।

4. वन संपदा की सुरक्षा: 1 जून से विशेष अभियान

हाल ही में आए तेज तूफान के कारण वन भूमि पर भारी संख्या में पेड़ उखड़ कर गिर गए हैं। मुख्यमंत्री ने इन पेड़ों को हटाने के लिए 1 जून से एक विशेष अभियान शुरू करने के निर्देश दिए हैं।

“गिरे हुए पेड़ों को हटाने में देरी से राज्य को भारी राजस्व और संसाधनों की हानि होती है। वन विभाग प्राथमिकता के आधार पर इनका शीघ्र निष्पादन और वैज्ञानिक निस्तारण सुनिश्चित करे।” — ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू, मुख्यमंत्री



👥 बैठक में मौजूद रहे वरिष्ठ अधिकारी

इस महत्वपूर्ण प्रशासनिक बैठक में मुख्य सचिव संजय गुप्ता, अतिरिक्त मुख्य सचिव के.के. पंत एवं ओंकार चंद शर्मा, प्रधान सचिव देवेश कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव राकेश कंवर और आशीष सिंहमार सहित विभिन्न विभागों के अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक सचिव उपस्थित थे।

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