लेटस्ट न्यूजहिमाचल न्यूज

‘नतीजे जानते थे, इसीलिए चुनाव से भाग रहे थे मुख्यमंत्री’: जयराम ठाकुर का सुक्खू सरकार पर तीखा हमला

स्थानीय निकाय और पंचायती राज चुनावों में भाजपा समर्थित प्रत्याशियों को 60% से अधिक वोट मिलने का दावा; कार्यवाहक मुख्य सचिव की नियुक्ति पर भी उठाए सवाल।

01/06/2026-VIDYA SAGAR

शिमला: हिमाचल प्रदेश में हाल ही में संपन्न हुए स्थानीय निकाय और पंचायती राज चुनावों के परिणामों के बाद प्रदेश की राजनीति में गरमाहट आ गई है। पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने प्रदेश सरकार और मुख्यमंत्री पर तीखा हमला बोला है। शिमला से जारी एक आधिकारिक बयान में जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री इन चुनावों के परिणाम पहले से जानते थे, यही वजह थी कि वह लगातार चुनाव टालने और इससे भागने का प्रयास कर रहे थे।

जयराम ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री ने चुनाव को टालने की हर मुमकिन कोशिश की, लेकिन माननीय सुप्रीम कोर्ट के कड़े रुख और निर्देशों के आगे उनकी एक न चली। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान सत्तापक्ष द्वारा आदर्श चुनाव संहिता की जमकर धज्जियां उड़ाई गईं, लेकिन जनता ने कांग्रेस के ‘झूठ’ को पूरी तरह नकार दिया।


चुनावी नतीजों पर बोले नेता प्रतिपक्ष: “कांग्रेस का सूपड़ा साफ”

जयराम ठाकुर ने चुनाव परिणामों को भाजपा की नीतियों की जीत बताते हुए आंकड़ों के साथ सरकार को घेरा। उन्होंने प्रदेश की जनता द्वारा भाजपा में विश्वास जताने के लिए आभार व्यक्त किया।



मुख्य चुनावी दावे और परिणाम:

  • 60% से अधिक मत प्रतिशत: जयराम ठाकुर का दावा है कि प्रदेश की जनता ने स्थानीय निकाय और ब्लॉक समिति चुनावों में भाजपा समर्थित प्रत्याशियों को 60% से ज्यादा वोट देकर प्रचंड जनादेश दिया है।

  • दिग्गजों के क्षेत्र में करारी हार: नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और मंत्रियों के अपने गृह क्षेत्रों, पंचायतों और विधानसभा क्षेत्रों तक में जनता ने कांग्रेस को नकार दिया है। मुख्यमंत्री के अपने हलके में भी जिला पंचायत चुनाव के दौरान भाजपा प्रत्याशियों को कांग्रेस से अधिक वोट मिले हैं।

  • नगर निगमों में वर्चस्व: उन्होंने दावा किया कि नगर निगमों से लेकर ग्रामीण इलाकों तक भाजपा समर्थित उम्मीदवारों का वर्चस्व कायम रहा है।


“कांग्रेस के झूठ की हांडी एक बार चढ़ चुकी है, यह बार-बार नहीं चढ़ने वाली। मुख्यमंत्री की बातों पर से अब प्रदेश की जनता का भरोसा पूरी तरह उठ चुका है। उन्हें अब झूठ का सहारा छोड़कर ईमानदारी से जनहित में काम करना चाहिए।” > — जयराम ठाकुर, नेता प्रतिपक्ष


“मित्र मंडली स्थायी, व्यवस्था अस्थायी”— ब्यूरोक्रेसी पर बड़ा प्रहार

आर्टिकल के दूसरे हिस्से में जयराम ठाकुर ने प्रदेश की प्रशासनिक व्यवस्था और बार-बार हो रही ‘कार्यवाहक’ अधिकारियों की नियुक्तियों पर मुख्यमंत्री को कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने इसे सरकार का “असुरक्षा और अविश्वास का नया मॉडल” करार दिया।


प्रशासनिक नियुक्तियों पर उठाए गए गंभीर सवाल:

पद जयराम ठाकुर द्वारा लगाए गए आरोप / उठाए गए सवाल
मुख्य सचिव (Chief Secretary) प्रदेश को एक बार फिर कार्यवाहक मुख्य सचिव के भरोसे छोड़ दिया गया है। इससे पहले भी मुख्य सचिव को 8 महीने तक कार्यवाहक रखा गया और सेवानिवृत्ति से मात्र 4 दिन पहले स्थायी किया गया।
डीजीपी (DGP) एक डीजी-स्तर के अधिकारी को उनकी सेवानिवृत्ति से ठीक कुछ दिन पहले कार्यवाहक डीजीपी को छुट्टी पर भेजकर जिम्मेदारी सौंपी गई।
मित्र मंडली बनाम प्रदेश हित मुख्यमंत्री ने अपनी ‘मित्र मंडली’ को तो स्थायी कुर्सियां सौंप दी हैं, लेकिन प्रदेश के प्रशासनिक तंत्र को अस्थायी (कार्यवाहक) व्यवस्था के सहारे छोड़ दिया है।

केंद्र की योजनाओं को सही ढंग से लागू करे सरकार

जयराम ठाकुर ने कहा कि ये चुनावी नतीजे साफ संकेत दे रहे हैं कि आने वाले समय में प्रदेश से कांग्रेस का वजूद पूरी तरह समाप्त होने जा रहा है। उन्होंने सरकार को नसीहत देते हुए कहा कि वह राजनीतिक साजिशें रचने के बजाय जनहित के फैसलों पर ध्यान केंद्रित करे।

उन्होंने मांग की कि केंद्र सरकार द्वारा हिमाचल प्रदेश के विकास और आपदा राहत के लिए भेजी जा रही आर्थिक सहायता को बिना किसी भेदभाव के पात्र व्यक्तियों तक पहुंचाया जाए और केंद्रीय योजनाओं को धरातल पर सही ढंग से क्रियान्वित किया जाए ताकि प्रदेश के आम नागरिकों का भला हो सके।


Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button