लोक निर्माण विभाग की लापरवाही ने ली जान! मोरसिंघी-कसोल मार्ग पर ट्रैक्टर पलटने से चालक की दर्दनाक मौत
प्रशासनिक अनदेखी का शिकार हुआ 49 वर्षीय शमशेर सिंह 'काला'; बरसात के डंगे न लगने से खिसक चुकी थी सड़क

VIDYA SAGAR
विशेष संवाददाता घुमारवीं (बिलासपुर), 2 जून 2026
हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले के घुमारवीं उपमंडल के तहत आने वाले मोरसिंघी क्षेत्र में सोमवार को एक भीषण सड़क हादसा सामने आया है। कसोल (कसौहल) गांव के पास एक ट्रैक्टर के अनियंत्रित होकर पलटने से 49 वर्षीय चालक शमशेर सिंह उर्फ काला की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। मृतक व्यक्ति मोरसिंघी के पास स्थित घ्याना गांव का रहने वाला था। इस दर्दनाक घटना के बाद पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है, वहीं स्थानीय ग्रामीणों में लोक निर्माण विभाग (PWD) के खिलाफ भारी आक्रोश है।
घास से लदा था ट्रैक्टर, अंधे मोड़ पर हुआ हादसा
प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, शमशेर सिंह सोमवार दोपहर बाद अपने ट्रैक्टर पर घास लादकर जा रहे थे। जैसे ही वह कसोल गांव के पास पहुंचे, सड़क के एक तीखे और अंधे मोड़ पर ट्रैक्टर अचानक अनियंत्रित हो गया। सड़क का किनारा धंसने की वजह से भारी-भरकम ट्रैक्टर असंतुलित होकर पलट गया, जिसके नीचे दबने से शमशेर सिंह ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। हादसे की आवाज सुनते ही आस-पास के लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचित किया।

लोनिवि (PWD) की लापरवाही पर भड़के ग्रामीण
इस हादसे ने एक बार फिर सरकारी विभागों की कार्यप्रणाली और बरती जा रही ढिलाई पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि यह दुर्घटना कोई सामान्य हादसा नहीं, बल्कि सीधे तौर पर लोक निर्माण विभाग की लापरवाही का नतीजा है।
ग्रामीणों ने बताया:
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स्लाइडिंग जोन पर नहीं लगा डंगा: पिछली बरसातों के दौरान इस जगह पर भारी भूस्खलन (स्लाइडिंग) हुआ था, जिससे सड़क का एक बड़ा हिस्सा नीचे धंस गया था। विभाग को बार-बार चेतावनी देने के बावजूद आज दिन तक वहां सुरक्षा दीवार (डंगा) नहीं लगाई गई।
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जानलेवा अंधा मोड़: सड़क पर एक तो पहले से ही खतरनाक अंधा मोड़ है, और ऊपर से किनारे की सड़क गायब होने के कारण गाड़ियों के लिए पास लेना या मुड़ना मौत को दावत देने जैसा बन चुका था।
“अगर लोक निर्माण विभाग ने समय रहते इस संवेदनशील डंगे का निर्माण करवा दिया होता, तो आज घ्याना गांव के शमशेर सिंह हमारे बीच जिंदा होते। विभाग की सुस्ती ने एक हंसते-खेलते परिवार का मुखिया छीन लिया।” — स्थानीय ग्रामीण
पुलिस ने शुरू की जांच
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस की टीम ने मौके पर पहुंचकर शव को अपने कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। पुलिस ने मामला दर्ज कर दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है। बहरहाल, इस हादसे ने पहाड़ी क्षेत्रों में सड़कों की खस्ताहाल स्थिति और बरसात के बाद समय पर मरम्मत न होने के गंभीर मुद्दों को एक बार फिर गरमा दिया है।



