हिमाचल में डिजिटल जनगणना का शंखनाद: मुख्यमंत्री सुक्खू ने किया ‘Self-Enumeration’, प्रदेशवासियों से की यह बड़ी अपील
बिलासपुर समेत पूरे प्रदेश में 15 जून तक चलेगा डिजिटल ड्राइव; 16 जून से मोबाइल ऐप के जरिए घर-घर जाकर दर्ज होगा डेटा।

02/06/2026-VIDYA SAGAR
शिमला/बिलासपुर। हिमाचल प्रदेश में आगामी ‘डिजिटल जनगणना-2027’ को लेकर प्रशासनिक और तकनीकी तैयारियां तेज हो गई हैं। इसी कड़ी में आज मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने खुद ऑनलाइन पोर्टल के जरिए अपनी जानकारी दर्ज (Self-Enumeration) कर इस महा-अभियान की औपचारिक शुरुआत की।
मुख्यमंत्री ने इस मौके पर बिलासपुर सहित पूरे प्रदेश के नागरिकों से अपील की है कि वे 15 जून 2026 से पहले खुद इस पोर्टल पर जाकर अपनी जानकारी दर्ज करें और इस राष्ट्रीय अभियान में बढ़-चढ़कर अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें।
16 जून से शुरू होगा पहला चरण, मोबाइल ऐप से होगी मॉनिटरिंग
सरकार की योजना के मुताबिक, बिलासपुर समेत हिमाचल प्रदेश के सामान्य क्षेत्रों में पहले चरण का काम (मकानों की सूची बनाना और उनका नंबरिंग करना) 16 जून से 15 जुलाई 2026 तक चलाया जाएगा। यह पूरी प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल मोड में होगी और प्रगणक (Enumerators) मोबाइल ऐप के जरिए घर-घर जाकर डेटा फीड करेंगे।
डिजिटल जनगणना की मुख्य बातें:
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Self-Enumeration (स्वयं गणना): नागरिक खुद ऑनलाइन पोर्टल पर जाकर अपनी और अपने परिवार की जानकारी 15 जून 2026 तक सुरक्षित रूप से दर्ज कर सकते हैं।
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पहला चरण (मकान सूचीकरण): 16 जून से 15 जुलाई 2026 तक मोबाइल ऐप के जरिए डिजिटल मोड में होगा काम।
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पारदर्शिता और सुरक्षा: डिजिटल मोड होने के कारण डेटा पूरी तरह सुरक्षित रहेगा और गणना में त्रुटियों की गुंजाइश न के बराबर होगी।
मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि यह जनगणना देश और प्रदेश के भविष्य की नीतियां और विकास योजनाएं तैयार करने में मील का पत्थर साबित होगी। इसलिए हर एक नागरिक का सही डेटा दर्ज होना अनिवार्य है।



