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हिमाचल पुलिस में कार्यरत पूर्व सैनिकों को बड़ा तोहफा: सुक्खू सरकार ने नियमों में दी ढील, 361 जवानों को मिली मानद नियुक्ति

ओक ओवर में आयोजित पाइपिंग सेरेमनी में भावुक हुए जवान, मुख्यमंत्री सुक्खू का जताया आभार; सेवा अवधि की शर्तों में सरकार ने दी विशेष छूट।

02/06/2026-VIDYA SAGAR

शिमला। हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार ने पुलिस बल में सेवाएं दे रहे पूर्व सैनिकों (Ex-Servicemen) के सम्मान में एक ऐतिहासिक और संवेदनशील फैसला लिया है। राज्य सरकार के इस निर्णय के तहत पुलिस विभाग में कार्यरत 246 पूर्व सैनिकों को हेड कांस्टेबल तथा 115 को सहायक उप-निरीक्षक (ASI) के रूप में मानद नियुक्ति (Honorary Promotion) प्रदान की गई है।



इस ऐतिहासिक फैसले के बाद आज राजधानी शिमला के ‘ओक ओवर’ में एक विशेष आभार समारोह का आयोजन किया गया। इस दौरान मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने हेड कांस्टेबल सुधीर शर्मा और कांस्टेबल रवि दत्त के पाइपिंग समारोह (Piping Ceremony) में भाग लेकर उन्हें नए रैंक के बैज लगाए।


क्यों खास है सरकार का यह फैसला?

मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने बताया कि वर्तमान नियमों के अनुसार पुलिस कर्मियों को मानद हेड कांस्टेबल बनने के लिए 20 वर्ष और मानद एएसआई बनने के लिए 32 वर्ष की लंबी सेवा पूरी करनी होती है। चूंकि पूर्व सैनिक सेना से सेवानिवृत्त होने के बाद (उम्र के उत्तरार्ध में) पुलिस बल में शामिल होते हैं, इसलिए वे इस समय सीमा को पूरा नहीं कर पाते थे और बिना मानद रैंक के ही रिटायर हो जाते थे।

“पूर्व सैनिकों के इसी त्याग और अनुभव को देखते हुए हमारी सरकार ने पात्रता सेवा अवधि में विशेष छूट देने का निर्णय लिया। यह फैसला देश और राज्य की सुरक्षा में उनके अमूल्य योगदान को हमारा एक छोटा सा सम्मान है।” — ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू, मुख्यमंत्री



अग्निवीरों और पुलिस कर्मियों के हक में बड़ी बातें

  • अग्निवीरों के लिए रोजगार: मुख्यमंत्री ने ‘अग्निवीर योजना’ पर चिंता जताते हुए कहा कि इसके आने से युवाओं का सेना के प्रति आकर्षण कम हुआ है, लेकिन हिमाचल सरकार प्रदेश के अग्निवीरों के लिए अधिकतम रोजगार के अवसर पैदा करने पर काम कर रही है।

  • निचले स्तर के पुलिस कर्मियों को कानूनी संरक्षण: भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 218 के तहत जो कानूनी संरक्षण पहले सिर्फ वरिष्ठ अधिकारियों को मिलता था, सुक्खू सरकार ने उसे अब फील्ड में कठिन परिस्थितियों में काम करने वाले हर पुलिसकर्मी तक बढ़ा दिया है।

  • वीआईपी कैडर में कटौती: पुलिस और प्रशासनिक व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए आईएएस, आईपीएस और आईएफएस कैडर के वरिष्ठ अधिकारियों की संख्या को तर्कसंगत (कम) किया जा रहा है।

  • चिट्टे और नशा तस्करों पर कड़ा प्रहार: सीएम ने साफ किया कि नशे (विशेषकर चिट्टा) के खिलाफ पुलिस को फ्री-हैंड दिया गया है। यदि कोई सरकारी कर्मचारी भी इसमें संलिप्त पाया गया, तो उस पर सख्त से सख्त कार्रवाई होगी।



इस गरिमामयी अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल, पुलिस महानिदेशक (DGP) अशोक तिवारी सहित कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे।

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