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MSME क्षेत्र को मिलेगी नई रफ्तार: उद्यमिता और वैश्विक प्रतिस्पर्धा बढ़ाने के लिए ‘रैम्प’ कार्यशाला का आयोजन

सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों को मजबूत करने, नई तकनीकों को अपनाने और सरकारी सहायता योजनाओं के प्रति जागरूक करने के लिए जुटीं प्रमुख हस्तियां।

05/06/2026-VIDYA SAGAR

नई दिल्ली। देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME) की प्रतिस्पर्धात्मकता को वैश्विक मानकों के अनुरूप लाने, नवाचार को बढ़ावा देने और नए उद्यमियों को सशक्त बनाने के उद्देश्य से एक विशेष ‘रैम्प’ (RAMP – Raising and Accelerating MSME Performance) कार्यशाला का आयोजन किया गया।

इस उच्च स्तरीय कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य MSME क्षेत्र को सुदृढ़ करना, व्यापार को आसान बनाना (Ease of Doing Business) और उद्यमियों को सरकार द्वारा प्रदान की जाने वाली विभिन्न सहायता प्रणालियों व वित्तीय योजनाओं के प्रति जागरूक करना रहा।



कार्यशाला के मुख्य स्तंभ और उद्देश्य

इस महत्वपूर्ण सत्र के दौरान विशेषज्ञों और नीति निर्माताओं ने MSME क्षेत्र के सतत विकास के लिए निम्नलिखित प्रमुख बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा की:

१. प्रतिस्पर्धात्मकता और क्षमता निर्माण (Competitiveness)

भारतीय MSME उत्पाद वैश्विक बाजारों में प्रतिस्पर्धा कर सकें, इसके लिए कार्यशाला में उन्नत तकनीकों को अपनाने, उत्पादन की गुणवत्ता में सुधार करने और परिचालन लागत को कम करने के तरीकों पर बल दिया गया।

२. उद्यमिता को प्रोत्साहन (Promoting Entrepreneurship)

युवाओं और उभरते हुए व्यवसायियों को नए स्टार्टअप शुरू करने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यशाला में इस बात पर विशेष ध्यान दिया गया कि कैसे पारंपरिक व्यवसायों को आधुनिक तकनीकों के मिश्रण से एक बड़े ब्रांड के रूप में स्थापित किया जा सकता है।

३. सरकारी सहायता प्रणालियों की जानकारी (Support Mechanisms)

कार्यशाला का एक बड़ा हिस्सा उद्यमियों को ऋण सुविधाओं, सबसिडी, डिजिटल टूल्स और ‘रैम्प’ योजना के तहत मिलने वाली विशेष वित्तीय व तकनीकी सहायता के बारे में शिक्षित करने के लिए समर्पित था।



क्यों महत्वपूर्ण है ‘रैम्प’ (RAMP) योजना?

‘रैम्प’ (RAMP) भारत सरकार और विश्व बैंक (World Bank) द्वारा समर्थित एक महत्वाकांक्षी कार्यक्रम है। इसका उद्देश्य केंद्र और राज्यों में MSME से जुड़ी संस्थाओं को मजबूत करना, बाजार और ऋण तक पहुंच में सुधार करना, तथा पर्यावरण-अनुकूल (Green Initiatives) व तकनीकी बदलावों को बढ़ावा देना है।



उद्योग जगत और विशेषज्ञों का मत

कार्यशाला में उपस्थित उद्योग विशेषज्ञों ने कहा कि इस तरह के आयोजन जमीनी स्तर पर काम कर रहे छोटे उद्यमियों और सरकार की नीतियों के बीच की दूरी को कम करते हैं। वर्तमान आर्थिक परिदृश्य में, जब डिजिटल परिवर्तन तेजी से हो रहा है, MSMEs को समय रहते अपनी कार्यप्रणाली में बदलाव लाना होगा।

कार्यक्रम के समापन पर आयोजकों ने सभी प्रतिभागियों, एसोसिएट्स और मीडिया पार्टनर्स का धन्यवाद करते हुए विश्वास जताया कि इस कार्यशाला से प्राप्त मार्गदर्शन उद्यमियों को अपने व्यवसाय को नई ऊंचाइयों पर ले जाने में मददगार साबित होगा।

व्यवसाय और विकास से जुड़ी किसी भी अतिरिक्त जानकारी या परामर्श के लिए उद्यमी आधिकारिक MSME पोर्टल या ‘रैम्प’ सेल से संपर्क कर सकते हैं।


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