हिमाचल का ‘ग्रीन’ संकल्प: यूएनडीपी (UNDP) के साथ ऐतिहासिक समझौता; मुख्यमंत्री ने ‘सफाई मित्र योजना’ का किया भव्य शुभारंभ
हिमालयी पारिस्थितिकी के संरक्षण और अपशिष्ट प्रबंधन कर्मियों के सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण के लिए राज्य सरकार की बड़ी पहल

06/06/22026-VIDYA SAGAR
शिमला। हिमाचल प्रदेश को ‘हरित ऊर्जा राज्य’ बनाने की दिशा में मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में आज एक और मील का पत्थर स्थापित हुआ। राज्य सरकार और संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (UNDP) के मध्य परिपत्र अर्थव्यवस्था (Circular Economy) और सतत विकास को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) हस्ताक्षरित किया गया। इसी अवसर पर मुख्यमंत्री ने अपशिष्ट प्रबंधन क्षेत्र में काम करने वाले असंगठित कामगारों के सम्मान और उत्थान के लिए ‘सफाई मित्र योजना’ का भी आगाज किया।

जलवायु परिवर्तन और सतत आजीविका पर केंद्रित साझेदारी
शिमला में आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री की उपस्थिति में पर्यावरण विभाग के सचिव सुशील सिंगला और यूएनडीपी की रेजिडेंट रिप्रेजेंटेटिव डॉ. एंजेला लुसिगी ने समझौते पर हस्ताक्षर किए। इस साझेदारी के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
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अपशिष्ट से आय: कचरा प्रबंधन के लिए इलैक्ट्रिक मोबिलिटी का उपयोग और परिपत्र अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देना।
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प्रकृति आधारित समाधान: हिमालयी क्षेत्र में प्राकृतिक संसाधनों का प्रबंधन, जैव विविधता कॉरिडोर का संरक्षण और पारिस्थितिकीय लचीलेपन को मजबूत करना।
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समावेशी विकास: इस पूरी प्रक्रिया में महिलाओं, वंचित समुदायों और असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।
“यह समझौता वैश्विक सर्वोत्तम प्रथाओं (Global Best Practices) को हमारे स्थानीय समाधानों के साथ जोड़ेगा। हमारा लक्ष्य हिमालय की नाजुक पारिस्थितिकी की रक्षा करते हुए अपने लोगों के लिए हरित आजीविका (Green Livelihood) के अवसर पैदा करना है।”
— ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू, मुख्यमंत्री
‘सफाई मित्र योजना’: स्वच्छता दूतों को मिलेगा नया सम्मान
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान ‘सफाई मित्र योजना’ का शुभारंभ करते हुए कहा कि स्वच्छता और अपशिष्ट प्रबंधन कर्मी हमारे समाज की रीढ़ हैं। इस योजना का उद्देश्य उन हजारों असंगठित सफाई कर्मियों को सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना है, जो दिन-रात हमारे पर्यावरण को स्वच्छ रखने में योगदान देते हैं।
योजना के मुख्य लाभ:
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सामाजिक पहचान: सफाई मित्रों को सरकार की ओर से विशेष पहचान और सहयोग मिलेगा।
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गरिमा और सुरक्षा: उनकी कार्यप्रणाली में सुरक्षा उपकरणों और गरिमापूर्ण कार्य परिवेश पर ध्यान दिया जाएगा।
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सशक्तिकरण: उन्हें मुख्यधारा की योजनाओं से जोड़कर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाया जाएगा।

हिमालयी क्षेत्र के लिए एक नया ‘रोल मॉडल’
मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि यूएनडीपी के साथ यह सहयोग हिमाचल प्रदेश को न केवल सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) को प्राप्त करने में मदद करेगा, बल्कि यह पूरे हिमालयी क्षेत्र के लिए एक आदर्श प्रस्तुत करेगा। यह साझेदारी ज्ञान के आदान-प्रदान, क्षमता निर्माण और दीर्घकालिक लक्ष्यों के लिए जलवायु वित्त (Climate Finance) जुटाने पर विशेष ध्यान केंद्रित करेगी।
इस अवसर पर राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी, यूएनडीपी के प्रतिनिधि और पर्यावरण क्षेत्र के विशेषज्ञ भी उपस्थित रहे।



