बिलासपुर एम्स में हड़कंप: दो युवतियों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से सनसनी
एम्स प्रशासन और पुलिस जांच में जुटे; हॉस्टल से लेकर अस्पताल परिसर तक गहराया रहस्य, परिजनों ने खड़े किए गंभीर सवाल।

05/06/2026- VIDYA SAGAR
क्राइम डेस्क | हिमाचल संदेश
बिलासपुर (हिमाचल प्रदेश): अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) बिलासपुर एक बार फिर सुर्खियों में है। एम्स परिसर के भीतर दो युवतियों की रहस्यमयी और संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया है। इस दोहरे मामले के सामने आने के बाद जहां एक ओर एम्स प्रशासन में खलबली मच गई है, वहीं दूसरी ओर स्थानीय पुलिस और जांच एजेंसियां मुस्तैद हो गई हैं।
प्रारंभिक जानकारियों के अनुसार, दोनों ही मामलों में मौत के कारण अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाए हैं, जिससे कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं।
क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के मुताबिक, बिलासपुर एम्स परिसर के अंतर्गत दो अलग-अलग घटनाओं में दो युवतियों की जान गई है। सूत्रों के अनुसार, मृतकाओं में से एक का संबंध संस्थान से ही बताया जा रहा है, जबकि दूसरी युवती की स्थिति को लेकर अभी जांच जारी है।
बड़ी लापरवाही या कोई बड़ी साजिश? > दोनों युवतियों के शव मिलने की टाइमिंग और परिस्थितियों को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। घटनास्थल पर मौजूद लोगों की मानें तो पुलिस ने तुरंत दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है, ताकि मौत के असली कारणों (फाउल प्ले या प्राकृतिक कारण) का पता लगाया जा सके।
फॉरेंसिक टीम ने जुटाए सबूत; CCTV फुटेज खंगाल रही पुलिस
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला पुलिस प्रमुख के निर्देश पर फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की टीम को तुरंत मौके पर बुलाया गया। टीम ने घटनास्थल से कई महत्वपूर्ण फिंगरप्रिंट्स और डिजिटल साक्ष्य एकत्र किए हैं।
इसके साथ ही, पुलिस एम्स परिसर, हॉस्टल और आने-जाने वाले रास्तों पर लगे सभी CCTV कैमरों की फुटेज को बारीकी से खंगाल रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि घटना के वक्त वहां कौन-कौन मौजूद था।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल, निष्पक्ष जांच की मांग
घटना की सूचना मिलते ही युवतियों के परिजन बिलासपुर पहुंच चुके हैं। अस्पताल परिसर में परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर आरोप लगाते हुए उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग की है। परिजनों का कहना है कि उनकी बेटियां किसी भी तरह के मानसिक तनाव में नहीं थीं, इसलिए इस मामले की तह तक जाना बेहद जरूरी है।
पुलिस और एम्स प्रशासन का आधिकारिक बयान
इस संवेदनशील मामले पर बिलासपुर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी ने मीडिया से बात करते हुए कहा:-
“मामला बेहद संवेदनशील है। हम हर एंगल (आत्महत्या, दुर्घटना या हत्या) से जांच कर रहे हैं। पोस्टमॉर्टम की विस्तृत रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह साफ हो पाएगी। तब तक किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।”
दूसरी ओर, एम्स बिलासपुर प्रबंधन ने भी पुलिस को जांच में पूरा सहयोग देने का आश्वासन दिया है और परिसर के भीतर सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा कर दिया है।



