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हिमाचल के युवाओं को वैश्विक मंच: कजाकिस्तान में आईटीआई प्रशिक्षुओं ने सीखीं आधुनिक विनिर्माण की बारीकियां; तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने बांटे सर्टिफिकेट

अल्माटी की चॉकलेट फैक्ट्री, बॉटलिंग प्लांट और मैनेजमेंट यूनिवर्सिटी का किया दौरा; इंटरनेशनल एक्सपोजर विजिट से हिमाचल के छात्र बनेंगे ग्लोबल एंटरप्रेन्योर

VIDYA SAGAR

शिमला, 16 जुलाई 2026

हिमाचल प्रदेश के तकनीकी कौशल और औद्योगिक प्रशिक्षण को वैश्विक ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए राज्य सरकार द्वारा एक ऐतिहासिक पहल की गई है। प्रदेश के विभिन्न राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (ITI) से चयनित 30 मेधावी प्रशिक्षुओं के एक दल ने अंतरराष्ट्रीय एक्सपोजर विजिट (International Exposure Visit) के तहत कजाकिस्तान के अल्माटी शहर का दौरा किया।

इस अंतरराष्ट्रीय दौरे का नेतृत्व कर रहे प्रदेश के तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने अल्माटी मैनेजमेंट यूनिवर्सिटी में आयोजित एक विशेष दीक्षांत समारोह के दौरान सभी सफल प्रशिक्षुओं को सहभागिता प्रमाण-पत्र प्रदान किए।


कजाकिस्तान के अग्रणी उद्योगों का व्यावहारिक अध्ययन

हिमाचल के प्रशिक्षुओं ने इस यात्रा के दौरान किताबी ज्ञान से आगे बढ़कर कजाकिस्तान के बड़े औद्योगिक परिसरों का जमीनी स्तर पर अध्ययन किया:

  • समाल वाटर बॉटलिंग प्लांट: यहाँ छात्रों ने आधुनिक जल शुद्धिकरण, ऑटोमैटिक बोतल निर्माण, गुणवत्ता नियंत्रण और खाद्य सुरक्षा मानकों की उन्नत प्रणाली को लाइव देखा।

  • राखात चॉकलेट फैक्ट्री: प्रशिक्षुओं ने बड़े पैमाने पर होने वाले चॉकलेट उत्पादन, पैकेजिंग और खाद्य प्रसंस्करण (Food Processing) उद्योग की कार्यप्रणाली को समझा।

  • एलीना ग्रुप (Alina Group): आधुनिक निर्माण सामग्री, पेंट और कोटिंग्स के स्वचालित विनिर्माण संयंत्र का दौरा कर छात्रों ने रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) और औद्योगिक सुरक्षा के अंतरराष्ट्रीय मानकों की जानकारी हासिल की।



स्थानीय अर्थव्यवस्था, पर्यटन और आपदा प्रबंधन का अनुभव

प्रशिक्षुओं ने अल्माटी के प्रसिद्ध ‘ग्रीन मार्केट’ का भ्रमण कर वहां की पारंपरिक बाजार प्रणाली, हस्तशिल्प व्यापार और स्थानीय उद्यमिता के विभिन्न पहलुओं को जाना।

इसके साथ ही, दल ने सुप्रसिद्ध शिम्बुलाक माउंटेन रिजॉर्ट और केबल कार का भी दौरा किया। रिसॉर्ट के ऑपरेशन मैनेजर ने छात्रों को केबल कार प्रणाली के संचालन, सुरक्षा मानकों, नियमित रखरखाव और अत्याधुनिक आपदा प्रबंधन तकनीकों के बारे में विस्तार से समझाया।



अल्माटी यूनिवर्सिटी में हुए उच्च स्तरीय शैक्षणिक संवाद

तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी की उपस्थिति में अल्माटी मैनेजमेंट यूनिवर्सिटी और तुरान यूनिवर्सिटी के प्रसिद्ध प्रोफेसरों के साथ विशेष संवाद सत्र आयोजित किए गए:

  1. क्रॉस-कल्चरल कम्युनिकेशन: तुरान यूनिवर्सिटी की एसोसिएट प्रोफेसर आइतोल्किन अशिमोवा ने वैश्विक कार्यस्थलों में प्रभावी टीमवर्क, व्यावसायिक नैतिकता और नेतृत्व क्षमता पर व्याख्यान दिया।

  2. सस्टेनेबल इंजीनियरिंग: विशेषज्ञ दिमित्री पाक ने ‘स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग’ और ‘इंडस्ट्री 4.0’ के दौर में पर्यावरण संरक्षण, कार्बन उत्सर्जन में कमी और हरित प्रौद्योगिकी (Green Technology) के महत्व पर प्रकाश डाला।

  3. पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन व बायोटेक्नोलॉजी: प्रो. अलीशेर कादिरोव और अलमाटी टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर सदिकोवा नरगिज़ा ने कजाकिस्तान की उच्च शिक्षा प्रणाली में सुधारों और बायोटेक्नोलॉजी रिसर्च पर चर्चा की।



“हमारा लक्ष्य विश्वस्तरीय कुशल कार्यबल तैयार करना है” — राजेश धर्माणी तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने कहा कि हिमाचल सरकार युवाओं को अत्याधुनिक अनुसंधान, नवाचार और अंतरराष्ट्रीय कार्य संस्कृति से परिचित करवाने के लिए लगातार प्रयासरत है। उन्होंने विश्वास जताया कि इस एक्सपोजर विजिट से प्राप्त व्यावहारिक अनुभव हमारे प्रशिक्षुओं को न केवल देश में, बल्कि वैश्विक स्तर पर एक उत्कृष्ट तकनीशियन और सफल उद्यमी बनने के लिए प्रेरित करेगा।

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