हिमाचल में स्वास्थ्य क्रांति: चिकित्सा क्षेत्र को सुदृढ़ करने के लिए 2,432 नियुक्तियां, अधोसंरचना पर खर्च होंगे ₹3,000 करोड़
रोबोटिक सर्जरी शुरू करने वाला देश का पहला राज्य बना हिमाचल; पीजी मेडिकल सीटों को 277 से बढ़ाकर 597 करना प्रस्तावित, हिमकेयर और आयुष्मान में बड़े सुधार।

VIDYA SAGAR
शिमला, 17 जुलाई 2026

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में हिमाचल प्रदेश स्वास्थ्य, शिक्षा और ग्रामीण विकास को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए देश में अत्याधुनिक चिकित्सा सेवाओं का एक बड़ा केंद्र बनकर उभर रहा है। मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार (मीडिया) नरेश चौहान ने आज यहाँ आयोजित एक पत्रकार वार्ता में सरकार के ‘व्यवस्था परिवर्तन’ के संकल्प को दोहराते हुए स्वास्थ्य क्षेत्र में हुए ऐतिहासिक बदलावों का ब्यौरा साझा किया।
नरेश चौहान ने बताया कि राज्य के 70 स्वास्थ्य संस्थानों को ‘आदर्श स्वास्थ्य संस्थान’ के रूप में विकसित किया जा रहा है, ताकि आम जनता को उनके घर-द्वार के निकट ही विशेषज्ञ और किफायती स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।
🏥 विश्वस्तरीय चिकित्सा तकनीक और रोबोटिक सर्जरी
प्रवक्ता ने कहा कि हिमाचल प्रदेश सरकारी क्षेत्र में रोबोटिक सर्जरी शुरू करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है। सरकार अस्पतालों को आधुनिकतम उपकरणों से लैस कर रही है:
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3 टेस्ला एमआरआई मशीनें: सभी राजकीय चिकित्सा महाविद्यालयों में स्थापित की जा रही हैं (IGMC शिमला और AIIMS चमियाना में सुविधा शुरू)।
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कैंसर और क्रिटिकल केयर: जिला और क्षेत्रीय अस्पतालों में 1.5 टेस्ला एमआरआई, पीईटी (PET) स्कैन, सीटी स्कैन और आधुनिक कैंसर उपचार प्रणालियां लगाई जा रही हैं। 16 से 20 वर्ष पुराने आउटडेटेड उपकरणों को बदला जा रहा है।

💰 जायका (JICA) के सहयोग से ₹3,000 करोड़ का निवेश
स्वास्थ्य ढांचे को अंतरराष्ट्रीय मानकों और एम्स दिल्ली की तर्ज पर विकसित करने के लिए लगभग 3,000 करोड़ रुपये व्यय किए जा रहे हैं। जापान अंतरराष्ट्रीय सहयोग एजेंसी (JICA) के सहयोग से दो चरणों में काम हो रहा है:
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प्रथम चरण: ₹1,710 करोड़ की लागत से अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरणों की खरीद और इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट जारी है।
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द्वितीय चरण: ₹1,600 करोड़ से अधिक का प्रस्ताव तैयार है, जिसके तहत एडवांस्ड पीडियाट्रिक (बाल चिकित्सा) सुविधाएं, आधुनिक दंत चिकित्सालय और मेडिकल कॉलेजों को सशक्त किया जाएगा।
🧑डॉक डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की बंपर नियुक्तियां
स्वास्थ्य सेवाओं में श्रमशक्ति (Manpower) की कमी को दूर करने के लिए पिछले साढ़े तीन वर्षों में कुल 2,432 पदों पर नियुक्तियां की गई हैं। इनमें चिकित्सक, विशेषज्ञ, फैकल्टी सदस्य, नर्स और पैरामेडिकल स्टाफ शामिल हैं। इसके अलावा, 218 वरिष्ठ रेजिडेंट एवं ट्यूटर विशेषज्ञों के नए पद सृजित कर उनके मानदेय में भी ऐतिहासिक वृद्धि की गई है।
🎓 पीजी (PG) सीटों में ऐतिहासिक विस्तार
चिकित्सा शिक्षा का व्यापक विस्तार करते हुए मेडिकल कॉलेजों में स्नातकोत्तर चिकित्सा (PG) सीटों की संख्या को 277 से बढ़ाकर 597 करना प्रस्तावित है। साथ ही बीएससी मेडिकल लेबोरेटरी टेक्नोलॉजी, रेडियोलॉजी, एनेस्थीसिया और ओटी टेक्नोलॉजी की सीटों में भी भारी बढ़ोतरी की गई है।

🔍 हिमकेयर और आयुष्मान भारत योजनाओं में बड़ा सुधार
पूर्व भाजपा सरकार के समय की वित्तीय अव्यवस्थाओं और वैज्ञानिक विसंगतियों पर बात करते हुए नरेश चौहान ने कहा कि वर्तमान सरकार ने हिमकेयर और आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं को पूरी तरह पारदर्शी और जवाबदेह बनाया है।
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सरकारी कर्मचारियों के लंबित मेडिकल रीइंबर्समेंट के लिए 212 करोड़ रुपये जारी कर दिए गए हैं।
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हिमकेयर और आयुष्मान भारत के लंबित भुगतानों का निपटारा भी पारदर्शी प्रतिपूर्ति प्रणाली के माध्यम से जल्द ही कर दिया जाएगा।




