लेटस्ट न्यूज

नशा तस्करों के वित्तीय नेटवर्क पर प्रदेश सरकार की कड़ी कार्रवाई

नूरपुर पुलिस द्वारा 74.12 लाख रुपये की संपत्ति फ्रीज करने की सक्षम प्राधिकारी ने की पुष्टि

17 अक्तूबर, 2026

(Viren Thakur)

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू के निर्देशों के अनुरूप हिमाचल प्रदेश पुलिस ने नशा तस्करी के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। इसके तहत विशेष रूप से नशे के अवैध कारोबार को बढ़ावा देने वाले वित्तीय नेटवर्क को ध्वस्त करने पर बल दिया जा रहा है।

पुलिस जिला नूरपुर के एक प्रवक्ता ने आज यहां बताया कि नशा तस्करी के विरूद्ध अभियान के तहत एनडीपीएस एक्ट को सख्ती से लागू करते हुए 74.12 लाख रुपये की संपत्ति फ्रीज करने की कार्रवाई को नई दिल्ली स्थित सक्षम प्राधिकारी से पुष्टि मिल गई है। यह कार्रवाई नशा तस्करों को उनकी अवैध गतिविधियों से अर्जित संपत्ति के लाभ से वंचित करने और नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार की आर्थिक नींव कमजोर करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

प्रवक्ता ने बताया कि मादक पदार्थों से संबंधित एक मामले में आरोपी की गिरफ्तारी के बाद नूरपुर पुलिस ने उससे जुड़ी संपत्तियों की विस्तृत वित्तीय जांच की। इस दौरान संपत्तियों के अर्जित किए जाने के लिए इस्तेमाल किए गए धन के स्रोतों की पड़ताल की गई। जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर एनडीपीएस एक्ट के संबंधित प्रावधानों के तहत चिन्हित संपत्तियों को फ्रीज करने की प्रक्रिया शुरू की गई।

उन्होंने बताया कि वित्तीय जांच के बाद पुलिस थाना ज्वाली द्वारा 18 सितंबर, 2026 को एनडीपीएस एक्ट की धारा 68एफ(1) के तहत संपत्ति फ्रीज करने का आदेश जारी किया गया और पुष्टि के लिए इसे नई दिल्ली स्थित सक्षम प्राधिकारी के पास भेजा गया। इसके बाद 15 अक्तूबर, 2026 को सक्षम प्राधिकारी एवं प्रशासक तथा एनडीपीएस एक्ट, नई दिल्ली ने अधिनियम की धारा 68एफ(2) के तहत आदेश पारित कर चिन्हित संपत्तियों को फ्रीज करने की पुष्टि की।

इन संपत्तियों में गांव लभ, डाकघर मकड़ाहन, तहसील ज्वाली, जिला कांगड़ा स्थित दो मंजिला आवासीय भवन-सह-व्यावसायिक परिसर शामिल हैं, जिसमें सात दुकानें हैं। इस संपत्ति का मूल्य लगभग 68.99 लाख रुपये है। इसके अतिरिक्त, वर्ष 2019 में खरीदा गया एचपी-38एफ-6433 पंजीकरण नंबर वाला एक ट्रैक्टर भी शामिल है, जिसकी खरीद कीमत लगभग 5.13 लाख रुपये थी। सक्षम प्राधिकारी के समक्ष कार्यवाही के दौरान वर्ष 2019 में ट्रैक्टर खरीदने के लिए इस्तेमाल की गई धनराशि के स्रोत को प्रमाणित करने के लिए आयकर रिटर्न, बैंक स्टेटमेंट तथा अन्य सहायक अभिलेखों सहित पर्याप्त दस्तावेजी साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किए गए। वित्तीय वर्ष 2023-24 से 2026-27 तक के प्रस्तुत आयकर रिटर्न को वर्ष 2019 में की गई ट्रैक्टर की खरीद के लिए धनराशि के स्रोत को प्रमाणित करने हेतु पर्याप्त नहीं माना गया। परिणामस्वरूप, ट्रैक्टर को फ्रीज करने की कार्रवाई की भी पुष्टि कर दी गई। इन दोनों संपत्तियों का मूल्य लगभग 74.13 लाख रुपये है।

Advertisement

प्रवक्ता ने बताया कि पुलिस जिला नूरपुर नशा तस्करी के खिलाफ व्यापक रणनीति के तहत कार्रवाई कर रहा है। इस रणनीति में मादक पदार्थों की बरामदगी और आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ-साथ वित्तीय जांच तथा अवैध कारोबार से जुड़ी संपत्तियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई भी शामिल है। इस अभियान के तहत अब तक सक्षम प्राधिकारी की पुष्टि के बाद लगभग 30.70 करोड़ रुपये की संपत्तियां जब्त की जा चुकी हैं। यह उपलब्धि नशा तस्करी से जुड़ी संपत्तियों की पहचान कर उनके विरुद्ध उचित कानूनी कार्रवाई करने तथा अपराधियों को अवैध कमाई का लाभ उठाने से रोकने के प्रति प्रदेश पुलिस की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

प्रवक्ता ने कहा कि नशा तस्करों के आर्थिक संसाधनों पर प्रहार करना नशे के खिलाफ अभियान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, क्योंकि इससे अवैध कारोबार को संचालित करने वाले आर्थिक नेटवर्क को कमजोर करने में मदद मिलती है।

उन्होंने आम जनता से भी अपील की कि नशा तस्करी, मादक पदार्थों की अवैध बिक्री एवं वितरण अथवा ऐसी गतिविधियों से अर्जित धन से खरीदी गई संदिग्ध संपत्तियों से जुड़ी जानकारी पुलिस के साथ साझा करें। उन्होंने कहा कि नशा तस्करी के नेटवर्क को ध्वस्त करने और नशामुक्त समाज के साझा लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए जनसहयोग अत्यंत आवश्यक है।

 

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button