डिजिटल क्रांति से रूबरू होगा हिमाचल का इतिहास: मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने शिमला के ऐतिहासिक ‘बैंटनी कैसल’ में किया प्रदेश के पहले डिजिटल संग्रहालय का उद्घाटन
3D स्कैनिंग, वर्चुअल रियलिटी (VR) और ऑगमेंटेड रियलिटी (AR) जैसी अत्याधुनिक तकनीकों से लैस हुआ 196 वर्ष पुराना ऐतिहासिक भवन; वैश्विक मंच पर चमकेगी देवभूमि की अनूठी संस्कृति।

VIDYA SAGAR
शिमला, 10 जुलाई 2026
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हिमाचल प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत को आधुनिक तकनीक के माध्यम से सहेजने की दिशा में राज्य सरकार ने आज एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज शुक्रवार को राजधानी शिमला के ऐतिहासिक बैंटनी कैसल (Bantony Castle) में राज्य के पहले अत्याधुनिक ‘डिजिटल संग्रहालय’ (Digital Museum) का भव्य उद्घाटन किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह केवल एक नए संस्थान की शुरुआत नहीं है, बल्कि विरासत संरक्षण के क्षेत्र में एक नए युग का आगाज़ है। यह डिजिटल संग्रहालय अतीत और भविष्य के बीच एक मजबूत सेतु का काम करेगा, जिससे देश-विदेश से आने वाले पर्यटक हिमाचल के इतिहास को बेहद आकर्षक और सजीव रूप में देख सकेंगे।
1830 के ऐतिहासिक वैभव में आधुनिक तकनीक का समावेश
इस अनूठे डिजिटल संग्रहालय की मुख्य विशेषताएं निम्नलिखित हैं जो इसे देश के चुनिंदा संग्रहालयों की सूची में शामिल करती हैं:
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अत्याधुनिक डिजिटल तकनीक: इतिहास को हर आयु वर्ग के लिए सुलभ और मनोरंजक बनाने के लिए इसमें हाई-रिज़ॉल्यूशन 3D स्कैनिंग, वर्चुअल रियलिटी (VR), ऑगमेंटेड रियलिटी (AR), इंटरैक्टिव टच स्क्रीन और इमर्सिव स्टोरीटेलिंग (सजीव कहानी वाचन) का उपयोग किया गया है।
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जीर्णोद्धार पर बड़ा निवेश: वर्ष 1830 में निर्मित इस ऐतिहासिक भवन (बैंटनी कैसल) के जीर्णोद्धार और इसे एक अंतरराष्ट्रीय स्तर के पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने पर राज्य सरकार द्वारा करीब 25 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं।
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प्रदर्शनी के मुख्य आकर्षण: इस डिजिटल परिसर में शिमला के एक छोटे से पहाड़ी कस्बे से ऐतिहासिक शहर बनने की कहानी, ऐतिहासिक कालका-शिमला रेलवे का सफरनामा, हिमाचल के गठन की यात्रा, स्वतंत्रता सेनानियों के प्रेरक प्रसंग, हस्तशिल्प, लोक परंपराएं, आध्यात्मिक विरासत और यहाँ के पारंपरिक व्यंजनों (Culinary Traditions) को डिजिटल रूप में दर्शाया गया है।
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आम जनता और पर्यटकों के लिए टिकट और टाइमिंग तय
यह संग्रहालय शनिवार से आम जनता और सैलानियों के लिए पूरी तरह से खोल दिया जाएगा। प्रशासन द्वारा इसकी समय-सारणी भी निर्धारित कर दी गई है:
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समय: यह डिजिटल संग्रहालय प्रतिदिन सुबह 10:00 बजे से शाम 05:00 बजे तक खुला रहेगा।
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अनुभव: आगंतुक केवल स्क्रीन को छूकर या वीआर गॉगल्स पहनकर पूरे हिमाचल प्रदेश के प्रमुख ऐतिहासिक स्थलों की वर्चुअल सैर कर सकेंगे।
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“बैंटनी कैसल का शिमला के इतिहास में एक बेहद खास और गौरवशाली स्थान है। इस डिजिटल संग्रहालय के माध्यम से हम न केवल अपनी अमूल्य धरोहरों को आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित कर रहे हैं, बल्कि अत्याधुनिक तकनीक की मदद से इसे वैश्विक पटल पर भी प्रस्तुत कर रहे हैं।”
— ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू, मुख्यमंत्री, हिमाचल प्रदेश
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समारोह में कई गणमान्य जन रहे मौजूद
इस ऐतिहासिक उद्घाटन समारोह के दौरान उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, स्थानीय विधायक हरीश जनार्था, शिमला के मेयर सुरेन्द्र चौहान, डिप्टी मेयर उमा कौशल, राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के उपाध्यक्ष दीपक राठौर, मुख्यमंत्री के सचिव राकेश कंवर, उपायुक्त (DC) अनुपम कश्यप तथा भाषा, कला एवं संस्कृति विभाग की निदेशक रीमा कश्यप सहित कई वरिष्ठ अधिकारी, बुद्धिजीवी और प्रबुद्ध नागरिक उपस्थित रहे।



