“धाम और धूमधाम” के बाद शिक्षा मंत्री को स्कूल उद्घाटन से रोकना ही सुक्खू सरकार का व्यवस्था परिवर्तन: जयराम ठाकुर
नेता प्रतिपक्ष का तीखा हमला— "विपक्ष की पट्टिकाएं उखाड़ते-उखाड़ते अब अपने ही मंत्रियों की पट्टिकाएं उखड़वा रही है सरकार"

VIDYA SAGAR -06/07/2026
शिमला
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हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने सुक्खू सरकार पर तीखा राजनीतिक हमला बोला है। शिमला से जारी एक कड़े बयान में उन्होंने मंडी जिले के द्रंग विधानसभा क्षेत्र के देयोरी में स्कूल उद्घाटन को लेकर उपजे विवाद पर सरकार को आड़े हाथों लिया। जयराम ठाकुर ने तंज कसते हुए कहा कि पहले “धाम और पूरी धूमधाम” से तैयारी करवाई गई और फिर एन वक्त पर शिक्षा मंत्री को उद्घाटन करने से रोक दिया गया, यही सुक्खू सरकार का असली ‘व्यवस्था परिवर्तन’ है।
“किराये के कमरों में जान हथेली पर रखकर पढ़ रहे बच्चे, भवन को ‘दिव्य मुहूर्त’ का इंतजार”
जयराम ठाकुर ने जमीनी हकीकत बयां करते हुए कहा कि द्रंग के देयोरी में दो नालों के बीच बने किराये के महज चार कमरों में सात कक्षाएं चल रही हैं। वहां मासूम बच्चे जान हथेली पर रखकर शिक्षा ग्रहण करने को मजबूर हैं। दूसरी ओर, स्कूल का बहुमंजिला आलीशान भवन बनकर पूरी तरह तैयार है, लेकिन पिछले सात महीनों से केवल किसी ‘वीआईपी’ के हाथों उद्घाटन के ‘दिव्य मुहूर्त’ का इंतजार कर रहा है।
“जब शिक्षा मंत्री ने बच्चों की समस्याओं और अभिभावकों की मांग को देखते हुए इस विद्यालय का उद्घाटन करना चाहा, तो ऐन मौके पर राजधानी (शिमला) से फोन आ गया कि आप रुक जाइए, उद्घाटन नहीं कर सकते। वहां जनता जुट चुकी थी, सांस्कृतिक कार्यक्रम और धाम (पारंपरिक भोज) का पूरा इंतजाम था। आखिरकार कार्यक्रम रद्द करना पड़ा। यहां तक कि मंत्री जी के नाम की उद्घाटन पट्टिका लग चुकी थी, जिसे अधिकारियों ने बाद में उखाड़ दिया।” — जयराम ठाकुर, नेता प्रतिपक्ष

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“दिल्ली दरबार को खुश करने के लिए बच्चों के भविष्य से खिलवाड़”
जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि जिन कारणों से शिक्षा मंत्री को उद्घाटन करने से रोका गया है, वह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और हास्यास्पद है। उन्होंने कहा कि सुक्खू सरकार आलाकमान के सामने अपने नंबर बढ़ाने के लिए इस स्कूल भवन का उद्घाटन कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी से करवाना चाहती है, लेकिन उन्हें समय नहीं मिल रहा है। उन्होंने तंज कसा कि एक झटके में 2,000 से अधिक स्कूल बंद करने वाली सरकार एक स्कूल के उद्घाटन के लिए दिल्ली दरबार की ओर देख रही है।
जयराम ठाकुर द्वारा उठाए गए मुख्य मुद्दे:
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अपनी ही सरकार के मंत्रियों का अपमान: सत्ता में आते ही इस सरकार ने मिशन मोड पर भाजपा नेताओं की पट्टिकाएं उखाड़ना शुरू किया था, क्योंकि इनके पास बताने के लिए कोई उपलब्धि नहीं थी। अब यह सरकार अपने ही मंत्रियों की पट्टिकाएं उखड़वा रही है।
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विपक्षी विधायकों की अनदेखी: इस अधूरे उद्घाटन समारोह में स्थानीय भाजपा विधायक को आमंत्रित तक नहीं किया गया। मुख्यमंत्री बार-बार विपक्षी विधायकों को सम्मान देने का आश्वासन देते हैं, लेकिन जब वे अपने ही मंत्री को रोक रहे हैं, तो विपक्ष के सम्मान की उम्मीद करना बेईमानी है।
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लगातार बंद हो रहे स्कूल: प्रदेश में स्कूलों को बंद करने और उन्हें मर्ज करने का सिलसिला लगातार जारी है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा व्यवस्था चरमरा गई है।
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अब कब मिलेगा समय?
बयान के अंत में नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि अब देखना यह है कि सुक्खू सरकार को दिल्ली के बड़े नेताओं से उद्घाटन का समय कब नसीब होता है, और खतरे के साये के बीच पढ़ाई कर रहे स्थानीय छात्रों को नए सुरक्षित भवन में जाने का अवसर कब मिल पाता है।



