हिमुडा की बड़ी बैठक: मंत्री राजेश धर्माणी ने दिए परियोजनाओं में तेजी लाने के निर्देश; ₹251 करोड़ की वार्षिक कार्य योजना मंजूर
ऊना की रक्कड़ कॉलोनी के लिए 'वन टाइम सेटलमेंट' नीति को हरी झंडी; शिमला मुख्यालय को मिलेगा आधुनिक कॉर्पोरेट लुक

VIDYA SAGAR
शिमला, 06 जुलाई 2026
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हिमाचल प्रदेश आवास एवं शहरी विकास प्राधिकरण (हिमुडा) की कार्यप्रणाली को अधिक कुशल और पारदर्शी बनाने के लिए राज्य सरकार ने बड़े फैसले लिए हैं। आवास, नगर एवं ग्राम नियोजन मंत्री राजेश धर्माणी ने आज शिमला में हिमुडा निदेशक मंडल की 59वीं बैठक की अध्यक्षता की। इस दौरान उन्होंने प्रदेश में चल रही और प्रस्तावित सभी विकास परियोजनाओं के काम में तेजी लाने के कड़े निर्देश दिए।
मंत्री ने दो टूक शब्दों में कहा कि हिमुडा की सभी परियोजनाओं में पूर्ण पारदर्शिता, कार्यक्षमता और जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

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बजट 2026: ₹251 करोड़ की कार्य योजना को मंजूरी
बैठक में हिमुडा के लिए 251 करोड़ रुपये की वार्षिक कार्य योजना और बजट अनुमान को मंजूरी दी गई। इस बजट की मुख्य विशेषताएं निम्नलिखित हैं:
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भूमि खरीद के लिए ₹52 करोड़: भविष्य में बनने वाली आवासीय और शहरी विकास परियोजनाओं के लिए जमीन अधिग्रहण हेतु 52 करोड़ रुपये का विशेष प्रावधान किया गया है।
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मुनाफे में हिमुडा: बैठक में जानकारी दी गई कि वित्त वर्ष 2025-26 के लिए तय 117 करोड़ रुपये के बजट अनुमान के मुकाबले हिमुडा ने 200 करोड़ रुपये का शानदार कारोबार किया है, जो इसकी सुधरती वित्तीय स्थिति को दर्शाता है।
आवंटियों को बड़ी राहत: ‘वन टाइम सेटलमेंट’ नीति लागू
निदेशक मंडल ने ऊना जिले के रक्कड़ फेज-4 स्थित हिमुडा कॉलोनी के लिए एकमुश्त समाधान (One Time Settlement) नीति को मंजूरी प्रदान कर दी है। इस फैसले से लंबे समय से फंसे मामलों का निपटारा होगा और स्थानीय पात्र आवंटियों को बहुत बड़ी वित्तीय व प्रशासनिक राहत मिलेगी।
कारोबार में सुगमता और किफायती आवास पर जोर
मंत्री राजेश धर्माणी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राज्य के विभिन्न हिस्सों में मौजूद हिमुडा की आवासीय (Residential) और व्यावसायिक (Commercial) संपत्तियों की नीलामी प्रक्रिया को पूरी पारदर्शिता के साथ निपटाया जाए। उन्होंने कहा:-
“प्राधिकरण को ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ (Ease of Doing Business) को बढ़ावा देने के लिए अपनी प्रक्रियाओं को सरल और नागरिक हितैषी बनाना होगा। हमारा मुख्य उद्देश्य आम जनता की आकांक्षाओं के अनुरूप उच्च गुणवत्ता वाले किफायती मकान (Affordable Housing) विकसित करना है।” — राजेश धर्माणी, आवास एवं नगर नियोजन मंत्री
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बदलेगा हिमुडा मुख्यालय का स्वरूप, नियमों में संशोधन
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कॉर्पोरेट लुक: शिमला के निगम विहार स्थित हिमुडा मुख्यालय को अब एक आधुनिक कॉर्पोरेट स्वरूप दिया जाएगा। इससे कर्मचारियों के लिए काम का माहौल बेहतर होगा और आम जनता को मिलने वाली सेवाएं अधिक प्रभावी व सुगम हो सकेंगी।
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ठेकेदार नियमों में बदलाव: हिमुडा की कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए लोक निर्माण विभाग (PWD) की तर्ज पर ठेकेदार पंजीकरण नियमों में संशोधन को भी स्वीकृति दी गई।

बैठक में ये रहे मौजूद
बैठक की शुरुआत में हिमुडा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) सुरेन्द्र वशिष्ठ ने प्राधिकरण की उपलब्धियों और भविष्य के रोडमैप का विस्तृत ब्योरा पेश किया।
इस महत्वपूर्ण बैठक में आवास सचिव अमरजीत सिंह, हिमुडा के उपाध्यक्ष यशवंत छाजटा, विशेष सचिव (वित्त) विजयवर्धन सहित बोर्ड के सरकारी और गैर-सरकारी सदस्य जितेन्द्र चंदेल, प्रदीप सूर्य और मुख्य अभियंता राजेश बनियाल भी मुख्य रूप से उपस्थित रहे।



