शिमला में कांग्रेस का महामंथन: सीएम सुक्खू बोले— साढ़े तीन साल का कार्यकाल उपलब्धियों से परिपूर्ण, 2027 में फिर बनेगी सरकार
राजीव गांधी भवन में संगठन की आम सभा; रजनी पाटिल ने कार्यकर्ताओं को बताया रीढ़, डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री ने साधा केंद्र पर निशाना

VIDYA SAGAR
शिमला, 04 जुलाई 2026।
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हिमाचल प्रदेश कांग्रेस पार्टी मुख्यालय, राजीव गांधी भवन में आज संगठन की एक महत्वपूर्ण आम सभा का आयोजन किया गया। बैठक को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने दावा किया कि वर्तमान प्रदेश कांग्रेस सरकार का साढ़े तीन वर्षों का कार्यकाल उपलब्धियों से परिपूर्ण रहा है। उन्होंने कार्यकर्ताओं में जोश भरते हुए आह्वान किया कि वे सरकार की जन कल्याणकारी योजनाओं और वित्तीय अनुशासन की नीतियों को आम जनता तक मजबूती से पहुंचाएं।
मुख्यमंत्री ने इस दौरान बड़ा एलान करते हुए कहा कि वे संगठन को और मजबूत करने के लिए आगामी 6 महीनों के भीतर राज्य में आयोजित होने वाले सभी ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के सम्मेलनों में व्यक्तिगत रूप से भाग लेंगे। उन्होंने पूरा भरोसा जताया कि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनावों में कांग्रेस पार्टी पूर्ण बहुमत के साथ पुनः सत्ता में वापसी करेगी।
राहुल गांधी की रैलियों की तैयारी, भाजपा पर तंज
मुख्यमंत्री ने बताया कि आगामी तीन महीनों के भीतर प्रदेश में लोकसभा में विपक्ष के नेता और वरिष्ठ कांग्रेस नेता राहुल गांधी की विशाल रैलियों के आयोजन की रूपरेखा तैयार की जा रही है। विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए उन्होंने कहा:-
“कई गुटों में बंटी भाजपा का प्रदेश हित से कोई सरोकार नहीं है। आगामी चुनावों में भाजपा की सीटें और कम होंगी। स्थिति यह है कि भाजपा के कई विधायक और बड़े नेता आज कांग्रेस का हाथ थामने के लिए पूरी तरह तत्पर हैं।”
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आपदा का सामना और OPS की बहाली
अपनी सरकार के बड़े फैसलों को गिनाते हुए सीएम सुक्खू ने कहा कि पहली ही कैबिनेट बैठक में 1.36 लाख कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना (OPS) का लाभ प्रदान कर गारंटी पूरी की गई। उन्होंने कहा कि सरकार ने आर्थिक, राजनीतिक और प्रदेश के इतिहास की सबसे बड़ी प्राकृतिक आपदा की गंभीर चुनौतियों का सफलतापूर्वक सामना करते हुए राज्य के विकास को एक नई दिशा दी है।
केंद्र पर वित्तीय भेदभाव का आरोप
बैठक के दौरान राज्य सरकार ने केंद्र सरकार पर वित्तीय मोर्चे पर हिमाचल के साथ सौतेला व्यवहार करने का आरोप लगाया।
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आरडीजी (RDG) पर नुकसान: मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र द्वारा आरडीजी बंद करने से राज्य को हर साल औसतन 8 से 10 हजार करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है।
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फंडिंग की तुलना: पिछली भाजपा सरकार को पांच सालों में आरडीजी के रूप में ₹47,000 करोड़ और जीएसटी प्रतिपूर्ति के रूप में ₹13,000 करोड़ (कुल ₹60,000 करोड़) मिले थे, जबकि वर्तमान सरकार को महज ₹17,000 करोड़ ही प्राप्त हुए हैं।
स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने के साथ-साथ मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य क्षेत्र में किए जा रहे बड़े बदलावों का ब्योरा दिया:
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₹3,000 करोड़ का बजट: दिल्ली AIIMS के स्तर की बेहतरीन चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध करवाने तथा 15-20 वर्ष पुरानी मशीनों को बदलने के लिए ₹3,000 करोड़ खर्च किए जा रहे हैं।
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आधुनिक तकनीक: राज्य में पहली बार रोबोटिक सर्जरी की शुरुआत की गई है और पैट स्कैन (PET Scan) की सुविधा भी अब सुचारू रूप से शुरू हो चुकी है।
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शिक्षा में सुधार: शिक्षा क्षेत्र के युक्तिकरण और विद्यार्थियों को गुणात्मक शिक्षा प्रदान करने के लिए सरकार ने कई ऐतिहासिक कदम उठाए हैं।
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नेताओं ने एकजुटता और अनुशासन पर दिया जोर
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रजनी पाटिल (प्रदेश कांग्रेस प्रभारी): उन्होंने कार्यकर्ताओं को संगठन की रीढ़ बताते हुए कहा कि ब्लॉक और जिला स्तर पर संगठन की बैठकें नियमित और सक्रिय रूप से आयोजित की जानी चाहिए।
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विनय कुमार (प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष): उन्होंने संगठन विस्तार अभियान, ज्वलंत मुद्दों को उठाने और सोशल मीडिया के माध्यम से सरकार की नीतियों को घर-घर तक पहुंचाने की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की।
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मुकेश अग्निहोत्री (उप-मुख्यमंत्री): उन्होंने कहा कि अनुशासन और जिम्मेदारी की भावना ही किसी भी संगठन को मजबूत बनाती है। उन्होंने भी वित्तीय मामलों में हिमाचल से भेदभाव करने के लिए केंद्र सरकार को घेरा।
बैठक में उपस्थिति: इस उच्च स्तरीय बैठक में पार्टी सह-प्रभारी विदित चौधरी व चेतन चौहान, प्रदेश मंत्रिमंडल के सदस्य, सांसद अनुराग शर्मा, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष, विधायकगण, जिला व ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्षों सहित पार्टी के कई वरिष्ठ पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।



