नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर का सुक्खू सरकार पर तीखा हमला: ‘केंद्र के पैसे का न सदुपयोग हो रहा, न श्रेय दे रही प्रदेश सरकार’; गिनाए ₹40,000 करोड़ के प्रोजेक्ट्स
लंबित परियोजनाएं और स्वास्थ्य क्षेत्र पर उठाए सवाल, ₹40,000 करोड़ के निवेश और विकास का दिया ब्यौरा

VIDYA SAGAR-18/07/2026
शिमला —

हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने प्रदेश की वर्तमान सुक्खू सरकार पर केंद्रीय धन के दुरुपयोग और राजनीतिक श्रेय न देने का गंभीर आरोप लगाया है। शिमला से जारी एक तीखे बयान में भाजपा नेता ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा विभिन्न विकास योजनाओं के लिए भेजी जा रही भारी-भरकम धनराशि का न तो सही इस्तेमाल हो रहा है और न ही जनता के सामने सच रखा जा रहा है।
ठाकुर ने आरोप लगाया कि बाह्य सहायता प्राप्त और केंद्र प्रायोजित योजनाओं (CSS) में केंद्र सरकार 90 प्रतिशत तक की हिस्सेदारी दे रही है, लेकिन प्रदेश सरकार कहीं भी केंद्र का नाम लेना उचित नहीं समझती। उनका पूरा ध्यान केवल केंद्र को कोसने में लगा हुआ है।

लंबित परियोजनाएं और स्वास्थ्य क्षेत्र पर उठाए सवाल
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि आज हिमाचल प्रदेश में ₹15,000 करोड़ से अधिक की केंद्रीय परियोजनाएं चल रही हैं, लेकिन राज्य सरकार की ढुलमुल नीति के कारण अनेक परियोजनाओं की प्रगति न के बराबर है।
स्वास्थ्य क्षेत्र का उदाहरण देते हुए जयराम ठाकुर ने कहा:-
“प्रदेश में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी को दूर करने के लिए पीजी (Post Graduate) की प्रत्येक सीट के बदले केंद्र सरकार हिमाचल को ₹1.5 करोड़ उपलब्ध करा रही है। इसके बावजूद राज्य सरकार इस सहयोग को जनता से छिपा रही है। यही नहीं, 15वें वित्त आयोग के तहत स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए स्वीकृत ₹521 करोड़ में से लगभग आधी राशि खर्च ही नहीं की जा सकी, जिससे कई अहम स्वास्थ्य प्रोजेक्ट्स समय पर पूरे नहीं हो पाए।”

₹40,000 करोड़ के निवेश और विकास का दिया ब्यौरा
नेता प्रतिपक्ष ने केंद्र सरकार द्वारा हिमाचल को दी गई प्राथमिकताओं को रेखांकित करते हुए कई बड़े आंकड़े पेश किए:
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सड़क और रेल नेटवर्क: प्रदेश के लिए ₹40,000 करोड़ से अधिक की राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) परियोजनाएं और रिकॉर्ड ₹2,911 करोड़ का रेलवे बजट स्वीकृत किया गया।
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प्रतिष्ठित संस्थान: भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM) सिरमौर, भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (IIIT) ऊना और अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) बिलासपुर जैसे संस्थान केंद्र की प्रतिबद्धता का प्रमाण हैं।
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स्मार्ट सिटी मिशन: शिमला और धर्मशाला जैसे शहरों के कायाकल्प के लिए भी केंद्रीय मदद जारी है।

बल्क ड्रग और मेडिकल डिवाइस पार्क पर घेरा
जयराम ठाकुर ने सुक्खू सरकार को घेरते हुए कहा कि ऊना में बनने वाले बल्क ड्रग पार्क के लिए केंद्र ने ₹1,000 करोड़ की सहायता स्वीकृत की और ₹225 करोड़ की पहली किस्त जारी भी कर दी, लेकिन प्रदेश सरकार उसमें से केवल ₹102.13 करोड़ ही खर्च कर पाई।
इससे भी गंभीर आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की निर्णयहीनता के कारण ‘मेडिकल डिवाइस पार्क’ (चिकित्सा उपकरण पार्क) परियोजना से हिमाचल को पीछे हटना पड़ा, जिसकी वजह से केंद्र सरकार द्वारा जारी ₹30 करोड़ की पहली किस्त वापस करनी पड़ी। उन्होंने दावा किया कि सरकार की इस लापरवाही से प्रदेश हजारों रोजगार के अवसरों और बड़े औद्योगिक निवेश से वंचित हो गया है। उन्होंने मुख्यमंत्री से राजनीति से ऊपर उठकर प्रदेश हित को प्राथमिकता देने की अपील की है।



