JUIT के 7वें दीक्षांत समारोह में राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता का बड़ा संदेश: ‘नौकरी ढूंढने वाले नहीं, रोजगार देने वाले बनें युवा’; 2,244 विद्यार्थियों को मिलीं डिग्रियां
प्रौद्योगिकी का उद्देश्य मानवता की सेवा हो: राज्यपाल

VIDYA SAGAR
सोलन | 18 जुलाई, 2026 —

हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने आज वाकनाघाट स्थित जेपी यूनिवर्सिटी ऑफ इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (JUIT) के 7वें दीक्षांत समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। विश्वविद्यालय की स्थापना के रजत जयंती (25 वर्ष) के ऐतिहासिक अवसर पर आयोजित इस समारोह में राज्यपाल ने मेधावी छात्रों को उत्कृष्ट शैक्षणिक उपलब्धियों के लिए कुलाधिपति (चांसलर) स्वर्ण पदक, कुलपति (वाइस चांसलर) स्वर्ण पदक तथा अन्य शैक्षणिक पुरस्कारों से नवाजा।
इस भव्य दीक्षांत समारोह के दौरान विभिन्न संकायों के कुल 2,244 विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान की गईं, जिनमें 1,966 बी.टेक., 3 इंटीग्रेटेड एम.टेक., 69 एम.टेक., 116 एम.एससी. और 90 पीएच.डी. के शोधार्थी शामिल रहे।


प्रौद्योगिकी का उद्देश्य मानवता की सेवा हो: राज्यपाल
दीक्षांत समारोह में युवा स्नातकों और शोधकर्ताओं को संबोधित करते हुए राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने जीवन की इस नई यात्रा के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने बदलते वैश्विक परिदृश्य का जिक्र करते हुए कहा कि आज हम सूचना प्रौद्योगिकी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डिजिटल इंडिया और इंडस्ट्री 4.0 के दौर में जी रहे हैं, लेकिन तकनीक का असली उद्देश्य हमेशा मानवता और समाज की सेवा होना चाहिए।
विश्वविद्यालय के छात्रों की तारीफ करते हुए राज्यपाल ने विशेष रूप से JUIT के विद्यार्थियों द्वारा विकसित AI-आधारित मानसिक स्वास्थ्य सहायता चैटबॉट का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यह नवाचार इस बात का बेहतरीन उदाहरण है कि कैसे आधुनिक तकनीक के जरिए समाज की वास्तविक और संवेदनशील समस्याओं का समाधान खोजा जा सकता है।
“युवाओं को अब केवल नौकरी तलाशने (Job Seekers) तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि अपनी प्रतिभा और स्टार्ट-अप के दम पर रोजगार प्रदाता (Job Providers) के रूप में खुद को स्थापित करना चाहिए। युवाओं में उद्यमिता (Entrepreneurship) की यह भावना ही हिमाचल प्रदेश और पूरे देश की आर्थिक प्रगति को नई रफ्तार देगी।”
— कविन्द्र गुप्ता, राज्यपाल, हिमाचल प्रदेश

पहाड़ी राज्यों की चुनौतियों पर शोध करने का आह्वान
राज्यपाल ने विश्वविद्यालय के युवा वैज्ञानिकों और अनुसंधानकर्ताओं से अपील की कि वे हिमाचल प्रदेश जैसे पहाड़ी राज्यों की विशिष्ट भौगोलिक चुनौतियों का सामना करने के लिए आगे आएं। उन्होंने विशेष रूप से तीन क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करने को कहा:
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आपदा प्रबंधन व सतत कृषि: भूस्खलन, बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं से निपटने और दुर्गम क्षेत्रों में आधुनिक खेती के लिए तकनीक आधारित समाधान।
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जड़ी-बूटियों पर वैज्ञानिक अनुसंधान: हिमाचल की समृद्ध औषधीय वनस्पतियों पर शोध कर स्थानीय किसानों की आय बढ़ाना और नए स्टार्ट-अप शुरू करना।
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सतत विकास और पर्यावरण संरक्षण: हर इंजीनियर और पेशेवर को विकास के साथ-साथ प्रकृति के तालमेल, जल संरक्षण और हरित प्रौद्योगिकियों (Green Technologies) को प्राथमिकता देनी चाहिए।

विभिन्न क्षेत्रों में बेटियों का शानदार प्रदर्शन
डिग्री और पदक हासिल करने वाली छात्राओं को बधाई देते हुए राज्यपाल ने प्रसन्नता व्यक्त की कि आज बेटियां इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी जैसे कठिन क्षेत्रों में भी अग्रिम पंक्ति में खड़ी हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि संस्थान की छात्राएं विज्ञान, अनुसंधान और उद्यमिता के क्षेत्र में न केवल हिमाचल बल्कि पूरे देश का नाम वैश्विक पटल पर रोशन करेंगी।


संस्थान के गौरवमयी 25 वर्ष
इससे पूर्व, विश्वविद्यालय के कुलपति (वाइस चांसलर) प्रो. आर.के. शर्मा ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया और संस्थान की वार्षिक प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। उन्होंने JUIT की शैक्षणिक उपलब्धियों, अंतरराष्ट्रीय सहयोग, पेटेंट, प्लेसमेंट, बेहतरीन शोध पत्रिकाओं और राष्ट्रीय व वैश्विक रैंकिंग में विश्वविद्यालय के शानदार प्रदर्शन की विस्तृत जानकारी दी।
समारोह में प्रमुख उपस्थित गणमान्य व्यक्ति: इस ऐतिहासिक दीक्षांत समारोह के साक्षी बनने के लिए सोलन के उपायुक्त मनमोहन शर्मा, पुलिस अधीक्षक साई दत्तात्रेय, विश्वविद्यालय की गवर्निंग काउंसिल एवं अकादमिक काउंसिल के विशिष्ट सदस्य, प्रोफेसर, देश-विदेश से आए पूर्व छात्र (Alumni) और बड़ी संख्या में अभिभावक उपस्थित रहे।



