पारदर्शिता और सुशासन में राष्ट्रीय लेखा अकादमी की भूमिका अहम: लोक भवन में राज्यपाल से मिले महानिदेशक एस. आलोक
महानिदेशक ने राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता को दी अधिकारियों के प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण पहलों की जानकारी; राज्यपाल ने सुदृढ़ वित्तीय प्रबंधन के प्रयासों को सराहा।

02/06/2026-VIDYA SAGAR
शिमला। राष्ट्रीय लेखा एवं लेखा परीक्षा अकादमी (NAAA), शिमला के महानिदेशक एस. आलोक ने आज लोक भवन में हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता से शिष्टाचार भेंट की। इस महत्वपूर्ण मुलाकात के दौरान अकादमी की विभिन्न गतिविधियों और प्रशासनिक प्रशिक्षण कार्यक्रमों को लेकर विस्तृत चर्चा हुई।
भेंट के दौरान महानिदेशक एस. आलोक ने राज्यपाल को भारतीय लेखा एवं लेखा परीक्षा विभाग (IA&AD) सहित अन्य प्रतिष्ठित संस्थानों के अधिकारियों के लिए अकादमी द्वारा चलाए जा रहे विशेष प्रशिक्षण, क्षमता निर्माण (Capacity Building) तथा अनुसंधान संबंधी पहलों के बारे में विस्तार से अवगत कराया।

वित्तीय जवाबदेही और सुशासन पर जोर
महानिदेशक ने बताया कि अकादमी द्वारा संचालित इन उच्च स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य सरकारी अधिकारियों की पेशेवर दक्षता को निखारना, वित्तीय जवाबदेही सुनिश्चित करना तथा देश के सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन (Public Financial Management) को और अधिक पारदर्शी व सुदृढ़ बनाना है।
“लोकतंत्र में वित्तीय पारदर्शिता और सुशासन (Good Governance) ही सबसे महत्वपूर्ण स्तंभ हैं। राष्ट्रीय लेखा एवं लेखा परीक्षा अकादमी द्वारा अधिकारियों के कौशल विकास और पारदर्शिता को बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे प्रयास अत्यंत सराहनीय हैं।” — कविन्द्र गुप्ता, राज्यपाल
राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने देश और प्रदेश के प्रशासनिक ढांचे में ईमानदारी व पारदर्शिता लाने में अकादमी के अमूल्य योगदान की सराहना की। इसके साथ ही उन्होंने महानिदेशक एस. आलोक को अकादमी के भविष्य के सभी अकादमिक और अनुसंधान संबंधी प्रयासों के लिए अपनी हार्दिक शुभकामनाएं दीं।



