विश्व पर्यावरण दिवस पर शिमला में मिनी मैराथन: राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने दिखाई हरी झंडी
'स्वच्छ पर्यावरण और नशामुक्त हिमाचल' के लिए सामूहिक प्रयासों का आह्वान; समाज के हर वर्ग ने उत्साह के साथ लिया हिस्सा।

VIDYA SAGAR
हिमाचल संदेश शिमला, 05 जून, 2026 —
शिमला। विश्व पर्यावरण दिवस के पावन अवसर पर आज राजधानी शिमला का ऐतिहासिक रिज मैदान एक बड़े सामाजिक बदलाव का गवाह बना। हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल श्री कविन्द्र गुप्ता ने ‘स्वच्छ पर्यावरण एवं नशामुक्त जीवन’ के संदेश के साथ आयोजित एक भव्य मिनी मैराथन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन हिमाचल प्रदेश पुलिस, पर्यावरण विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं जलवायु परिवर्तन विभाग तथा जनगणना निदेशालय, हिमाचल प्रदेश द्वारा संयुक्त रूप से किया गया था।

जनभागीदारी की अनूठी मिसाल: बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक ने लगाई दौड़
इस मिनी मैराथन में न केवल हिमाचल प्रदेश बल्कि पड़ोसी राज्यों के लोगों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। दौड़ में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) के जवानों, विभिन्न स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के छात्र-छात्राओं, वरिष्ठ नागरिकों तथा दिव्यांगजनों ने भारी संख्या में भाग लेकर समाज को एकजुटता का संदेश दिया।
इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने के साथ-साथ युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना था। इसके अतिरिक्त, कार्यक्रम के दौरान जनगणना विभाग द्वारा चलाए जा रहे ‘स्व-गणना अभियान’ के बारे में भी नागरिकों को जागरूक किया गया।

“पर्यावरण की कीमत पर विकास मंजूर नहीं” — राज्यपाल
रिज मैदान पर उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने कहा:-
“हिमाचल प्रदेश को प्रकृति ने स्वच्छ पर्यावरण और शुद्ध वायु का अनमोल उपहार दिया है। हमारी आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए इस प्राकृतिक धरोहर और सुंदरता का संरक्षण करना हम सभी का परम कर्तव्य है। विकास आवश्यक है, लेकिन यह कभी भी पर्यावरण की कीमत पर नहीं होना चाहिए।”
राज्यपाल ने नशे की बढ़ती प्रवृत्ति पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने युवाओं को इस दलदल से बचाने के लिए हिमाचल प्रदेश पुलिस द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियानों की सराहना करते हुए कहा कि नशे के खिलाफ यह जंग अकेले सरकार की नहीं है, बल्कि इसमें समाज के हर वर्ग को अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी। उन्होंने विश्वास जताया कि जनभागीदारी से हिमाचल को पूर्णतः नशामुक्त राज्य बनाया जा सकता है।

प्रतिभागियों को दिलाई शपथ, ‘कैंपेन वॉल’ पर किए हस्ताक्षर
दौड़ शुरू होने से पहले राज्यपाल ने सभी धावकों और उपस्थित नागरिकों को स्वच्छता, पर्यावरण की रक्षा और नशे से दूर रहने की भावपूर्ण शपथ दिलाई। इसके बाद उन्होंने पर्यावरण, विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं जलवायु परिवर्तन विभाग द्वारा लगाई गई ज्ञानवर्धक प्रदर्शनी का अवलोकन किया।
इस अवसर पर राज्यपाल ने ‘हरित हिमाचल’ तथा ‘चिट्टा-मुक्त हिमाचल’ की संकल्प दिवार (Campaign Wall) पर अपने हस्ताक्षर कर राज्य को स्वच्छ और नशामुक्त बनाने के संकल्प को दोहराया।

प्रशासनिक अधिकारियों की रही गरिमामयी उपस्थिति
इस ऐतिहासिक आयोजन के दौरान मंच पर और कार्यक्रम में कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे, जिनमें प्रमुख रूप से शामिल थे:
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श्री सुरेन्द्र चौहान (महापौर, नगर निगम शिमला)
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श्री अशोक तिवारी (पुलिस महानिदेशक – DGP)
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श्री सुशील कुमार सिंगला (सचिव, पर्यावरण, विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं जलवायु परिवर्तन विभाग)
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श्रीमती दीप शिखा शर्मा (निदेशक, जनगणना संचालन)
कार्यक्रम के अंत में राज्यपाल ने सभी सहभागी विभागों और नागरिकों की सराहना करते हुए कहा कि स्वच्छता की शुरुआत हमारे अपने घर से होनी चाहिए और इसे हमें अपनी दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाना होगा।



