हिमाचल का कायाकल्प: शिमला और हमीरपुर में बनेंगे विश्वस्तरीय व्यावसायिक परिसर, CM सुक्खू ने दिए निर्देश
हमीरपुर सिटी सेंटर: आधुनिक व्यापार का नया केंद्र

12/05/2026-VIDYA SAGAR
मुख्य बातें:
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शिमला सब्जी मंडी परियोजना: ₹330 करोड़ की लागत से दो चरणों में होगा विकास।
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हमीरपुर सिटी सेंटर: ₹140 करोड़ का प्रोजेक्ट, पुराने बस स्टैंड की जगह लेगा नया स्वरूप।
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समय सीमा: 11 जुलाई 2026 तक शिमला की साइट निर्माण के लिए तैयार करने के निर्देश।
शिमला/हमीरपुर: हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने राज्य के शहरी बुनियादी ढांचे को आधुनिक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। आज शिमला में शहरी विकास विभाग की एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने राजधानी शिमला और हमीरपुर में दो बड़ी व्यावसायिक परियोजनाओं की समीक्षा की।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि इन परियोजनाओं का उद्देश्य न केवल शहरों में बढ़ती भीड़भाड़ को कम करना है, बल्कि आधुनिक सुविधाओं के माध्यम से राज्य के लिए स्थायी राजस्व सृजन (Revenue Generation) के नए स्रोत विकसित करना भी है।
शिमला सब्जी मंडी: सीबीडी परियोजना का खाका तैयार
शिमला के केंद्रीय व्यापारिक जिला (CBD) के रूप में विकसित हो रही सब्जी मंडी परियोजना मुख्यमंत्री की प्राथमिकताओं में से एक है।
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बजट और निवेश: इस पूरी परियोजना पर ₹330 करोड़ खर्च किए जाएंगे। पहले चरण के लिए ₹210 करोड़ का प्रावधान है, जिसमें से ₹160 करोड़ नगर निगम और लोक निर्माण विभाग को जारी किए जा चुके हैं।
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डेडलाइन: मुख्यमंत्री ने सख्त निर्देश दिए हैं कि 11 मई से 21 मई 2026 के बीच मौजूदा कार्यालयों, दुकानों और आवासों को खाली कराया जाए।
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निर्माण कार्य: लोक निर्माण विभाग को 11 जुलाई 2026 तक साइट को पूरी तरह से साफ करने और अगस्त 2026 तक निविदा (Tender) प्रक्रिया पूरी करने को कहा गया है।
हमीरपुर सिटी सेंटर: आधुनिक व्यापार का नया केंद्र
हमीरपुर में ₹140 करोड़ की लागत से बनने वाला सिटी सेंटर शहर की तस्वीर बदल देगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि नया बस स्टैंड जल्द ही चालू होने वाला है, जिसके बाद पुराने बस स्टैंड को तोड़कर वहां सिटी सेंटर का निर्माण शुरू होगा।
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फंडिंग मॉडल: परियोजना के लिए ₹80 करोड़ की राशि स्वीकृत हो चुकी है, जबकि शेष राशि पीपीपी (PPP) मोड के माध्यम से जुटाई जाएगी।
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कार्य योजना: मुख्यमंत्री ने एचआरटीसी को निर्देश दिए कि कब्जा धारकों को तुरंत नोटिस जारी किए जाएं। स्थान खाली होने के एक महीने के भीतर लोक निर्माण विभाग निविदा प्रक्रिया पूरी करेगा।

ग्रीन-ब्लू सार्वजनिक क्षेत्रों पर जोर
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन केंद्रों को केवल कंक्रीट के ढांचे न बनाया जाए, बल्कि यहाँ स्मार्ट पार्किंग, संस्थानिक अधोसंरचना और ग्रीन-ब्लू सार्वजनिक क्षेत्र (हरियाली और जल निकायों का समावेश) विकसित किए जाएं। इससे राज्य की आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी और पर्यटकों व स्थानीय लोगों को विश्वस्तरीय सुविधाएं प्राप्त होंगी।

“हम हिमाचल के शहरों को भविष्य की जरूरतों के हिसाब से तैयार कर रहे हैं। ये व्यावसायिक परिसर राज्य की आर्थिकी और शहरी जीवनशैली के लिए गेम-चेंजर साबित होंगे।” > — ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू, मुख्यमंत्री
इस बैठक में लोक निर्माण एवं शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और प्रबंध निदेशक उपस्थित रहे।



