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हिमाचल प्रदेश: 1 जून से ‘एंटी-चिट्टा’ अभियान का दूसरा चरण; नशा तस्करी में संलिप्त 31 सरकारी कर्मचारी बर्खास्त

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की एनकॉर्ड बैठक की अध्यक्षता करते हुए एक गंभीर मुद्रा वाली तस्वीर, साथ में बोल्ड टेक्स्ट "नशे के खिलाफ सर्जिकल स्ट्राइक" और "31 कर्मचारी बर्खास्त"

VIDYA SAGAR

शिमला, 12 मई 2026 हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज नारकोटिक्स को-ऑर्डिनेशन सेंटर (एनकॉर्ड) की उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए राज्य को नशा मुक्त बनाने के लिए निर्णायक कदमों की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार 1 जून से 20 अगस्त 2026 तक प्रदेश भर के शिक्षण संस्थानों में “एंटी-चिट्टा जागरूकता अभियान” का दूसरा चरण व्यापक स्तर पर शुरू करेगी।


सरकारी तंत्र पर कड़ी कार्रवाई: 21 पुलिसकर्मियों सहित 31 बर्खास्त

नशे के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति को दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि नशा संबंधी गतिविधियों में संलिप्त पाए गए 123 सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। इनमें से 31 कर्मचारियों को नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया है, जिनमें 21 पुलिसकर्मी और एचआरटीसी, जल शक्ति, पशुपालन व बैंकिंग क्षेत्र के कर्मचारी शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने कहा, “ईमानदारी और अनुशासन सर्वोपरि है; नशे के कारोबार में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह सरकारी पद पर ही क्यों न हो।”


प्रमुख घोषणाएं और रणनीतिक कदम

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने नशे की सप्लाई चेन को तोड़ने के लिए निम्नलिखित महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए:

  • शैक्षणिक संस्थानों की निगरानी: प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी अपने क्षेत्रों के कम से कम 10 शिक्षण संस्थानों का दौरा कर युवाओं को जागरूक करेंगे।

  • अनिवार्य ड्रग टेस्ट: अब सभी विभागों में सरकारी भर्ती और व्यावसायिक कॉलेजों में प्रवेश के लिए ‘एंटी-चिट्टा टेस्ट’ अनिवार्य किया जाएगा।

  • अवैध संपत्तियों पर बुलडोजर: नशा तस्करों द्वारा अवैध अतिक्रमण कर बनाई गई संपत्तियों को तोड़ने के निर्देश दिए गए हैं। अब तक 17 अवैध संपत्तियों को ध्वस्त किया जा चुका है।

  • अधिकारियों की ग्रेडिंग: उपायुक्तों (DC) और पुलिस अधीक्षकों (SP) की वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट (ACR) में नशे के खिलाफ उनकी कार्रवाई के आधार पर संख्यात्मक ग्रेडिंग शामिल की जाएगी।

रिकॉर्ड तोड़ कार्रवाई और जब्ती

मुख्यमंत्री ने पिछली सरकार की तुलना में वर्तमान सरकार के आंकड़ों को साझा करते हुए बताया कि:

  • वर्ष 2023 से अब तक NDPS अधिनियम के तहत 6,811 मामले दर्ज किए गए (33.18% की वृद्धि)।

  • कुल 10,357 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और 45,867 किलोग्राम मादक पदार्थ जब्त किए गए।

  • पिछले साढ़े तीन वर्षों में 51 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति फ्रीज़ या जब्त की गई है।

“यह केवल नशे की समस्या नहीं है, बल्कि हमारे युवाओं और हिमाचल के भविष्य पर सीधा हमला है। हम इसे जड़ से मिटाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।” — ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू, मुख्यमंत्री

पुनर्वास पर विशेष ध्यान

सिर्फ कार्रवाई ही नहीं, बल्कि सुधार पर जोर देते हुए सरकार मशोबरा में 20 मई 2026 से एक अत्याधुनिक पुनर्वास केंद्र शुरू करने जा रही है। इसके साथ ही डॉ. राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज, टांडा में भी जल्द एक केंद्र शुरू होगा।


अधिकारियों का सम्मान

बैठक में उत्कृष्ट वित्तीय जांच के लिए शिमला के एसपी गौरव सिंह, ऊना की अतिरिक्त एसपी रेनू शर्मा और एएसआई पारुल नैन्टा को मुख्यमंत्री द्वारा सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी, ग्रामीण विकास मंत्री अनिरुद्ध सिंह और पुलिस महानिदेशक अशोक तिवारी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।


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