हिमाचल प्रदेश बनेगा देश का पहला राज्य जिसकी होगी अपनी ‘व्यापक पोषण नीति’, सीएम सुक्खू ने 31 मई तक का दिया समय
मरीजों की सुविधा के लिए आईजीएमसी में पायलट आधार पर शुरू होगा डेटा डिजिटलीकरण; स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए ₹3000 करोड़ का रोडमैप तैयार।

13/05/2026-VIDYA SAGAR
शिमला। हिमाचल प्रदेश को देश का सबसे स्वस्थ राज्य बनाने की दिशा में मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने एक ऐतिहासिक पहल की है। सोमवार देर शाम स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री ने राज्य के लिए 31 मई, 2026 तक एक सुदृढ़ और व्यापक पोषण नीति (Nutrition Policy) तैयार करने के कड़े निर्देश दिए हैं।
इस नीति के लागू होने के साथ ही हिमाचल प्रदेश व्यापक पोषण नीति तैयार करने वाला देश का पहला राज्य बन जाएगा।

‘फिट हिमाचल’ का संकल्प: पोषण ही आधार
मुख्यमंत्री ने बैठक के दौरान ‘फिट हिमाचल’ के विजन को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता को स्वस्थ रखने के लिए केवल उपचार पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें पोषणयुक्त भोजन के महत्त्व के प्रति जागरूक करना अनिवार्य है। यह नीति न केवल कुपोषण को दूर करेगी बल्कि स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने के लिए एक मार्गदर्शिका के रूप में कार्य करेगी।

डिजिटलीकरण: कागजी फाइलों से मिलेगी मुक्ति
स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए मुख्यमंत्री ने डिजिटलीकरण पर विशेष जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि:
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आईजीएमसी शिमला में पैथोलॉजी, रेडियोलॉजी, माइकोलॉजी, बायो-केमिस्ट्री और फार्मेसी विभागों के मरीजों का डेटा पायलट आधार पर डिजिटाइज किया जाए।
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मरीजों को अब पंजीकरण पर्चियों और पुरानी लैब रिपोर्टों की भौतिक प्रतियां साथ रखने की मजबूरी से राहत मिलेगी।
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सफल परीक्षण के बाद इस योजना को प्रदेश के अन्य सभी मेडिकल कॉलेजों में भी विस्तारित किया जाएगा।
स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे पर ₹3000 करोड़ का निवेश
प्रदेश में विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हुए सीएम ने घोषणा की कि सरकार अत्याधुनिक मशीनों और उपकरणों पर 3000 करोड़ रुपये खर्च करने की योजना बना रही है। इसमें से:
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₹75 करोड़ की लागत से तीन मेडिकल कॉलेजों में पूरी तरह से स्वचालित (Automated) लैब स्थापित की जाएंगी।
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मेडिकल कॉलेजों में सीनियर रेजिडेंट डॉक्टरों की सीटें दोगुनी करने पर काम चल रहा है, ताकि स्वास्थ्य संस्थानों का संचालन बेहतर तरीके से हो सके।
बैठक में मुख्य उपस्थिति
इस महत्वपूर्ण बैठक में राज्य खाद्य आयोग के अध्यक्ष एस.पी. कटियाल, स्वास्थ्य सचिव आशीष सिंघमार, विशेष सचिव अश्वनी कुमार, जितेंद्र सांजटा सहित विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।



