हिमाचल में एंट्री टैक्स बढ़ाने पर भारी बवाल: स्वारघाट और कीरतपुर-मनाली हाईवे पर लगा किलोमीटर लंबा जाम, थमे पहिये
सुक्खू सरकार के फैसले के खिलाफ सड़कों पर उतरे कमर्शियल वाहन चालक; बिलासपुर के प्रवेश द्वारों पर यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमराई, रेंगती दिखीं गाड़ियां।

03/06/2026-VIDYA SAGAR
बिलासपुर (हिमाचल प्रदेश)। हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा बाहरी राज्यों से आने वाले वाणिज्यिक (Commercial) वाहनों पर ‘एंट्री टैक्स’ (प्रवेश कर) बढ़ाए जाने का फैसला अब सरकार के लिए गले की फांस बनता जा रहा है। टैक्स में की गई इस भारी बढ़ोतरी के विरोध में ट्रांसपोर्टरों और वाहन चालकों ने मोर्चा खोल दिया है। राज्य के विभिन्न प्रवेश द्वारों पर किए गए भारी चक्काजाम के कारण बिलासपुर जिले के स्वारघाट और नवनिर्मित कीरतपुर-मनाली फोरलेन हाईवे पर हालात बेहद गंभीर हो गए हैं।
इस चक्काजाम और उग्र प्रदर्शन के चलते हाईवे के दोनों ओर वाहनों की मील लंबी कतारें लग गई हैं, जिससे देवभूमि आने वाले हजारों पर्यटक और स्थानीय लोग भीषण जाम में फंस गए हैं।
स्वारघाट और कीरतपुर-मनाली हाईवे पर हाहाकार, रेंगने को मजबूर गाड़ियां
बिलासपुर जिला पंजाब की सीमा से सटा होने के कारण हिमाचल का मुख्य प्रवेश द्वार माना जाता है। प्रदर्शनकारियों ने रणनीति के तहत मुख्य मार्गों को पूरी तरह ठप कर दिया:
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फंसे हजारों पर्यटक: मनाली, कुल्लू और मणिकरण की वादियों का दीदार करने जा रहे सैकड़ों टूरिस्ट वाहन, वोल्वो बसें और टैक्सी गाड़ियां पिछले कई घंटों से बीच रास्ते में ही खड़ी हैं।
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सप्लाई चेन पर असर: जाम की वजह से जरूरी सामान, फल और सब्जियां ले जा रहे ट्रक भी बिलासपुर के बॉर्डर पर फंस गए हैं, जिससे आगामी दिनों में आवश्यक वस्तुओं की किल्लत होने का खतरा मंडराने लगा है।
क्यों भड़का है वाहन चालकों और ट्रांसपोर्टरों का गुस्सा?
प्रदर्शनकारियों का साफ तौर पर कहना है कि सरकार द्वारा अचानक टैक्स में की गई बढ़ोतरी तर्कहीन है।
“हिमाचल सरकार ने जो नया एंट्री टैक्स लागू किया है, वह बेहद ज्यादा है। इससे न केवल हमारा धंधा चौपट हो जाएगा, बल्कि हिमाचल आने वाले पर्यटकों पर भी अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ेगा। जब तक सरकार इस काले कानून (टैक्स वृद्धि) को वापस नहीं लेती, हमारा विरोध प्रदर्शन और चक्काजाम इसी तरह जारी रहेगा।”
| एंट्री टैक्स विवाद: एक नजर में |
| मुख्य कारण: हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा प्रवेश कर (Entry Tax) में भारी बढ़ोतरी। |
| सबसे प्रभावित क्षेत्र: बिलासपुर का स्वारघाट, कीरतपुर-मनाली हाईवे और पंजाब-हिमाचल बॉर्डर। |
| असर: यातायात व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त, हजारों पर्यटक और कमर्शियल गाड़ियां जाम में फंसीं। |
| मांग: बढ़े हुए एंट्री टैक्स को तुरंत वापस लिया जाए या उसमें कटौती की जाए। |
प्रशासन के हाथ-पांव फूले, पुलिस बल तैनात
हाईवे पर स्थिति बिगड़ती देख बिलासपुर जिला पुलिस और स्थानीय प्रशासन तुरंत हरकत में आया है। स्वारघाट और फोरलेन के मुख्य चौराहों पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। पुलिस अधिकारी प्रदर्शनकारियों को समझाने और जाम खुलवाने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन आंदोलनकारी अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं। प्रशासन ने फिलहाल टूरिस्टों और छोटे वाहनों को वैकल्पिक (Alternative) लिंक रोड से निकालने की कोशिश शुरू की है, लेकिन तंग रास्तों के कारण वहां भी वाहनों का दबाव बढ़ गया है।



