बिलासपुर में बढ़ी राजनीतिक तपिश: पंचायती राज उप-चुनाव के नतीजों के बाद बीजेपी में मंथन तेज, कौन बनेगा नया जिला परिषद अध्यक्ष?
सदर विधायक त्रिलोक जमवाल ने नवनिर्वाचित पार्षदों के साथ की अहम बैठक; प्रचंड जनादेश का दावा कर अध्यक्ष पद के लिए बिछने लगी सियासी बिसात।

03/06/2026-VIDYA SAGAR
बिलासपुर (हिमाचल प्रदेश)। हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले में पंचायती राज उप-चुनाव के नतीजे आने के बाद से ही राजनीतिक सरगर्मियां सातवें आसमान पर पहुंच गई हैं। चुनावों के सफल समापन के बाद अब जिला परिषद अध्यक्ष (Zila Parishad Chairman) की प्रतिष्ठित कुर्सी को लेकर जोड़-तोड़ और कयासों का दौर शुरू हो चुका है। बहुमत का आंकड़ा हासिल करने के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) खेमे में मंथन का दौर तेज हो गया है, जिससे जिला मुख्यालय से लेकर शिमला तक के सियासी गलियारों में हलचल है।
इसी कड़ी में बिलासपुर सदर से भाजपा विधायक त्रिलोक जमवाल ने नवनिर्वाचित जिला परिषद सदस्यों के साथ एक महत्वपूर्ण रणनीतिक बैठक की, जिसके बाद अध्यक्ष पद की दावेदारी को लेकर चर्चाएं और भी गर्म हो गई हैं।
विधायक त्रिलोक जमवाल का बड़ा दावा: “मिला है प्रचंड जनादेश”
बैठक के बाद मीडिया से अनौपचारिक बातचीत करते हुए बिलासपुर के कद्दावर नेता और विधायक त्रिलोक जमवाल ने जीत पर खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा:-
“पंचायती राज उप-चुनावों में जनता ने कांग्रेस की जनविरोधी नीतियों को नकारते हुए भारतीय जनता पार्टी की कार्यशैली पर अपनी मुहर लगाई है। बिलासपुर में भाजपा को मिला यह प्रचंड जनादेश इस बात का प्रमाण है कि ग्रामीण स्तर पर संगठन बेहद मजबूत है। हम जनता के इस भरोसे पर पूरी तरह खरा उतरेंगे।”
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पार्टी के भीतर पूरी एकजुटता है और जिला परिषद अध्यक्ष पद का चयन शीर्ष नेतृत्व के मार्गदर्शन में सर्वसम्मति से बेहद जल्द कर लिया जाएगा।
बीजेपी खेमे में लॉबिंग तेज: कुर्सी की रेस में कौन आगे?
बहुमत का स्पष्ट संकेत मिलते ही अब जिला परिषद अध्यक्ष की कुर्सी के संभावित चेहरों को लेकर पार्टी के भीतर ही शह-मात का खेल शुरू हो गया है। बिलासपुर के राजनीतिक विश्लेषकों की मानें तो:
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जातीय और क्षेत्रीय संतुलन: भाजपा संगठन जिला परिषद अध्यक्ष का चयन करते समय बिलासपुर सदर, झंडूता, और घुमारवीं विधानसभा क्षेत्रों के बीच संतुलन साधने की कोशिश करेगा।
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अनुभव बनाम नया चेहरा: पार्टी के भीतर एक धड़ा किसी वरिष्ठ और अनुभवी पार्षद को कमान सौंपने की वकालत कर रहा है, जबकि दूसरा धड़ा युवाओं को आगे लाने के पक्ष में है।
| जिला परिषद बिलासपुर – वर्तमान राजनीतिक स्थिति |
| हालिया घटनाक्रम: पंचायती राज उप-चुनाव के नतीजों की घोषणा |
| प्रमुख रणनीतिकार: सदर विधायक त्रिलोक जमवाल |
| बीजेपी का दावा: प्रचंड बहुमत और स्पष्ट जनादेश |
| अगला बड़ा पड़ाव: जिला परिषद अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद के नामों का आधिकारिक एलान |
कांग्रेस खेमे में छाई खामोशी, बीजेपी की अगली चाल पर नजर
एक तरफ जहां भाजपा खेमे में बैठकों और बधाई संदेशों का तांता लगा हुआ है, वहीं दूसरी तरफ मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस इस पूरे घटनाक्रम पर पैनी नजर बनाए हुए है। राजनीतिक पंडितों का मानना है कि भले ही संख्या बल के आधार पर भाजपा का पलड़ा भारी दिख रहा हो, लेकिन अंतिम समय पर अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद के नामांकन के दौरान सियासी समीकरणों में दिलचस्प मोड़ आ सकता है।



