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हिमाचल सरकार का बड़ा फैसला: हिमकेयर योजना के बकाया भुगतान के लिए ₹100 करोड़ जारी, मरीजों को मिलेगी बड़ी राहत

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक में दिए निर्देश; सर्जरी, एमआरआई और सीटी स्कैन के लिए प्रतीक्षा अवधि को 'शून्य' करने पर दिया बल।

शिमला | 31 मई 2026

शिमला। हिमाचल प्रदेश सरकार ने राज्य के नागरिकों को बेहतर और समयबद्ध स्वास्थ्य सुविधाएं सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए घोषणा की कि प्रदेश सरकार ने लोकप्रिय ‘हिमकेयर योजना’ (Himcare Scheme) के तहत लंबित बिलों के भुगतान को चुकाने के लिए ₹100 करोड़ की राशि जारी कर दी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार लोगों को उनके घर के बिल्कुल नजदीक विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इसी सोच के साथ पिछले साढ़े तीन वर्षों में स्वास्थ्य क्षेत्र में बुनियादी और नीतिगत स्तर पर कई बड़े सुधार किए गए हैं।



स्वास्थ्य क्षेत्र में आधुनिक तकनीक के लिए करोड़ों का प्रावधान

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य के प्रमुख चिकित्सा संस्थानों को आधुनिक बनाने के लिए किए जा रहे वित्तीय प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी:

  • ₹75 करोड़ से लगेंगी ऑटोमेटेड लैब्स: अटल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल सुपर स्पेशियलिटीज (चमियाणा), आईजीएमसी शिमला और टांडा चिकित्सा महाविद्यालय में आधुनिक ऑटोमेटेड लैब स्थापित करने के लिए ₹75 करोड़ की राशि जारी की गई है। इन प्रयोगशालाओं की खासियत यह होगी कि यहाँ खून के एक ही नमूने से कई प्रकार की जटिल जांचें की जा सकेंगी।

  • पीईटी स्कैन मशीनों की खरीद: टांडा और हमीरपुर चिकित्सा महाविद्यालयों में अत्याधुनिक पीईटी (PET) स्कैन मशीनों और अन्य प्रयोगशाला उपकरणों की खरीद के लिए निविदाएं (Tenders) आमंत्रित कर दी गई हैं।

  • ₹3,000 करोड़ का मेगा बजट: प्रदेश सरकार राज्य के अस्पतालों में विश्वस्तरीय चिकित्सा तकनीक उपलब्ध करवाने के लिए आधुनिक उपकरणों की खरीद पर कुल ₹3,000 करोड़ खर्च कर रही है।


मरीजों को बड़ी राहत: ‘शून्य प्रतीक्षा अवधि’ का लक्ष्य

मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि सरकारी अस्पतालों में आने वाले गंभीर मरीजों को जांच और इलाज के लिए लंबा इंतजार न करना पड़े।

“एमआरआई (MRI) और सीटी स्कैन (CT Scan) जैसी महत्वपूर्ण जांचों के लिए प्रतीक्षा अवधि को शून्य (Zero Waiting Period) किया जाए। इसके साथ ही चिकित्सा महाविद्यालयों में होने वाली बड़ी शल्य चिकित्सा (Surgeries) के लिए भी मरीजों को तुरंत तारीखें मिलनी चाहिए।” > — ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू, मुख्यमंत्री

उन्होंने आगे कहा कि डॉक्टरों, पैरामेडिकल स्टाफ और तकनीकी कर्मचारियों के रिक्त पदों को प्राथमिकता के आधार पर भरा जा रहा है ताकि मानव संसाधन की कमी के कारण स्वास्थ्य सेवाओं में कोई बाधा न आए। उन्होंने आश्वस्त किया कि स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र में सुधार के लिए सरकार के पास बजट की कोई कमी नहीं है।



गुणवत्तापूर्ण और ब्रांडेड दवाइयों की होगी उपलब्धता

मरीजों के कल्याण के लिए मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग को केवल ब्रांडेड और उच्च गुणवत्ता वाली दवाइयां उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए। दवाओं की खरीद प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए इसकी पूरी जिम्मेदारी ‘राज्य खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निगम’ को सौंपने पर भी गंभीरता से विचार किया जा रहा है।


बैठक में उपस्थित प्रमुख गणमान्य: इस समीक्षा बैठक में ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह, स्वास्थ्य सचिव एम. सुधा देवी, पर्यावरण, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी सचिव सुशील कुमार सिंगला, विशेष सचिव स्वास्थ्य डॉ. अश्वनी शर्मा और राज्य खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निगम के प्रबंध निदेशक राजेश्वर गोयल सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।


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