तकनीकी शिक्षा में नया अध्याय
हिमाचल प्रदेश तकनीकी विश्वविद्यालय का ₹76.07 करोड़ का बजट पारित

21/04/2026/- VIDYA SAGAR
नवाचार और शोध पर विशेष जोर; पीएचडी प्रोग्राम और स्वरोजगार के लिए सरकार ने खोली तिजोरी
हमीरपुर, हिमाचल प्रदेश हिमाचल प्रदेश तकनीकी विश्वविद्यालय (HPTU), हमीरपुर ने शिक्षा, शोध और नवाचार के क्षेत्र में एक नई इबारत लिखते हुए वित्त वर्ष 2026-27 के लिए ₹76.07 करोड़ का दूरदर्शी बजट पारित किया है। कुलपति एवं तकनीकी शिक्षा सचिव डॉ. अभिषेक जैन की अध्यक्षता में आयोजित वित्त समिति की बैठक में इस महत्वाकांक्षी बजट को स्वीकृति प्रदान की गई।
विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास सरकार की प्राथमिकता: मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बजट की सराहना करते हुए कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य केवल डिग्री बांटना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को वैश्विक चुनौतियों के लिए तैयार करना है। उन्होंने जोर देकर कहा:
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नवाचार और कौशल: विद्यार्थियों को शोध कौशल और सह-शैक्षणिक गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
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उद्यमिता पर ध्यान: ₹2 करोड़ का विशेष प्रावधान उद्यमिता विकास के लिए किया गया है, ताकि युवा “जॉब सीकर” के बजाय “जॉब क्रिएटर” बनें।
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व्यावहारिक ज्ञान: औद्योगिक प्रशिक्षण के लिए ₹1 करोड़ आवंटित किए गए हैं।
शोध संस्कृति को मिलेगा बढ़ावा: जल्द शुरू होगा Ph.D. कार्यक्रम
कुलपति डॉ. अभिषेक जैन ने एक ऐतिहासिक घोषणा करते हुए बताया कि विश्वविद्यालय जल्द ही Ph.D. कार्यक्रम शुरू करने जा रहा है। शोध को प्रोत्साहित करने के लिए विश्वविद्यालय ने कुछ अभूतपूर्व कदम उठाए हैं:
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लैब और इंफ्रास्ट्रक्चर: आधुनिक प्रयोगशालाओं के लिए ₹3 करोड़ और ई-बुक्स व शोध पत्रिकाओं के लिए ₹1 करोड़ का प्रावधान।
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गाइड्स को प्रोत्साहन: शोध कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण करवाने पर प्रत्येक Ph.D. गाइड को ₹50,000 की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।
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मानद उपाधि: समाज और उद्योग में उत्कृष्ट योगदान देने वालों को ‘मानद Ph.D.’ से सम्मानित किया जाएगा।
खेल और सांस्कृतिक गतिविधियों के बजट में भारी बढ़ोतरी
छात्रों के मानसिक और शारीरिक विकास को ध्यान में रखते हुए, खेल एवं सांस्कृतिक गतिविधियों के बजट को ₹25 लाख से बढ़ाकर ₹55 लाख कर दिया गया है। इसके अलावा कैंपस प्लेसमेंट, सॉफ्ट स्किल डेवलपमेंट और लैंगिक संवेदनशीलता जैसे महत्वपूर्ण विषयों के लिए भी पहली बार विशेष वित्तीय प्रावधान किए गए हैं।
संपादकीय टिप्पणी: यह बजट दर्शाता है कि प्रदेश सरकार तकनीकी शिक्षा को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न रखकर, उसे आधुनिक तकनीक और स्वरोजगार से जोड़ने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।



