तमिलनाडु में सियासी घमासान
थलापति विजय के मुख्यमंत्री पद की शपथ पर सस्पेंस गहराया

VIDYA SAGAR
चेन्नई, 09 मई 2026 दक्षिण भारत के प्रमुख राज्य तमिलनाडु की राजनीति में उस वक्त हड़कंप मच गया जब अभिनेता से राजनेता बने थलापति विजय के मुख्यमंत्री पद के शपथ ग्रहण समारोह पर कानूनी तलवार लटक गई। जहाँ एक ओर उनके समर्थक ‘तमिझगा वेत्री कड़गम’ (TVK) की ऐतिहासिक जीत का जश्न मना रहे थे, वहीं दूसरी ओर समर्थन पत्र को लेकर हुए विवाद ने पूरे राज्य में राजनीतिक संकट पैदा कर दिया है।
समर्थन पत्र पर विवाद और FIR
ताजा जानकारी के अनुसार, विजय द्वारा राज्यपाल को सौंपे गए विधायकों के समर्थन पत्र में कुछ हस्ताक्षरों को लेकर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। विपक्षी दलों ने आरोप लगाया है कि बहुमत साबित करने के लिए सौंपे गए पत्र में कुछ निर्दलीय और अन्य छोटे दलों के विधायकों के फर्जी हस्ताक्षर किए गए हैं।
इस शिकायत पर त्वरित कार्रवाई करते हुए चेन्नई पुलिस ने जालसाजी और धोखाधड़ी की विभिन्न धाराओं के तहत FIR दर्ज कर ली है। जांच एजेंसियां अब उन हस्ताक्षरों के सत्यापन (Verification) में जुट गई हैं।
राजभवन में सस्पेंस का माहौल
सूत्रों के मुताबिक, राज्यपाल ने फिलहाल शपथ ग्रहण समारोह की तारीख और समय को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। राजभवन का कहना है कि जब तक समर्थन पत्र की कानूनी वैधता स्पष्ट नहीं हो जाती, तब तक संवैधानिक प्रक्रिया को आगे नहीं बढ़ाया जा सकता। इस ‘वेट एंड वॉच’ की स्थिति ने विजय के प्रशंसकों और पार्टी कार्यकर्ताओं में बेचैनी पैदा कर दी है।
थलापति विजय का रुख
टीवीके (TVK) के प्रवक्ताओं ने इन आरोपों को “राजनीतिक प्रतिशोध” करार दिया है। पार्टी का कहना है कि:
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उनके पास पूर्ण बहुमत है और सभी विधायक उनके साथ एकजुट हैं।
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FIR केवल शपथ ग्रहण में देरी करने और जनादेश को अपमानित करने की एक साजिश है।
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विजय बहुत जल्द प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपना पक्ष जनता के सामने रखेंगे।
चेन्नई में सुरक्षा के कड़े इंतजाम
शपथ ग्रहण पर बने सस्पेंस और कार्यकर्ताओं के आक्रोश को देखते हुए चेन्नई में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। विशेष रूप से राजभवन और विजय के आवास के बाहर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।



