हिमाचल में हवाई कनेक्टिविटी को पंख
दिल्ली-शिमला सेवा बहाल, कल से धर्मशाला के लिए भी उड़ानें

VIDYA SAGAR
शिमला | 09 मई, 2026
हिमाचल प्रदेश में पर्यटन को नई ऊंचाई देने और क्षेत्रीय संपर्क (Regional Connectivity) को सुदृढ़ करने की दिशा में सुखविंदर सिंह सुक्खू सरकार ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। राज्य सरकार के प्रयासों से एलाइंस एयर (Alliance Air) द्वारा दिल्ली-शिमला-दिल्ली हवाई सेवा कल यानी 10 मई से पुनः बहाल की जा रही है। इसके साथ ही, 11 मई से शिमला-धर्मशाला-शिमला के बीच भी नई उड़ानों का संचालन शुरू होगा।
1. दिल्ली-शिमला-दिल्ली: अब सप्ताह में 6 दिन उड़ान
दिल्ली और राजधानी शिमला के बीच हवाई सफर करने वाले यात्रियों के लिए यह बड़ी राहत है। यह सेवा सप्ताह में 6 दिन (सोमवार, बुधवार, गुरुवार, शुक्रवार, शनिवार और रविवार) उपलब्ध रहेगी।
समय सारिणी (Schedule):
| दिन | दिल्ली से रवानगी | शिमला आगमन | शिमला से वापसी | दिल्ली आगमन |
| सोम, बुध, गुरु, शुक्र | सुबह 07:20 | सुबह 08:35 | सुबह 11:30 | दोपहर 12:40 |
| शनिवार | सुबह 07:50 | सुबह 09:05 | दोपहर 12:00 | दोपहर 01:10 |
| रविवार | सुबह 06:20 | सुबह 07:35 | सुबह 08:00 | सुबह 09:10 |
2. शिमला-धर्मशाला-शिमला: पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
प्रदेश के दो प्रमुख पर्यटन केंद्रों को जोड़ने वाली यह हवाई सेवा सोमवार, 11 मई से शुरू हो रही है। यह उड़ान सप्ताह में 5 दिन (सोमवार, बुधवार, गुरुवार, शुक्रवार और शनिवार) संचालित की जाएगी।
समय सारिणी (Schedule):
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सोमवार से शुक्रवार: शिमला से सुबह 09:00 बजे प्रस्थान कर 09:50 बजे धर्मशाला पहुंचेगी। वापसी में धर्मशाला से सुबह 10:15 बजे उड़ान भरकर 11:05 बजे शिमला लैंड करेगी।
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शनिवार: शिमला से सुबह 09:30 बजे रवाना होकर 10:20 बजे धर्मशाला पहुंचेगी। वापसी की फ्लाइट धर्मशाला से सुबह 10:45 बजे चलकर 11:35 बजे शिमला पहुंचेगी।
मुख्यमंत्री का विजन: “तेज, सुरक्षित और सुलभ यात्रा”
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा:
“हमारी सरकार हिमाचल को पर्यटन की दृष्टि से आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। हवाई सेवाओं के सुदृढ़ीकरण से न केवल स्थानीय निवासियों को सुविधा होगी, बल्कि देश-विदेश के पर्यटकों के लिए भी हिमाचल पहुंचना आसान होगा। यह राज्य की आर्थिक वृद्धि और व्यापारिक गतिविधियों के लिए एक मील का पत्थर साबित होगा।”
प्रमुख लाभ
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पर्यटन में उछाल: दिल्ली और कांगड़ा घाटी के बीच बेहतर संपर्क से पर्यटकों की संख्या में वृद्धि होगी।
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आर्थिक विकास: व्यापारिक यात्राएं सुगम होने से स्थानीय व्यवसायों को गति मिलेगी।
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समय की बचत: सड़क मार्ग की लंबी दूरी के बजाय अब यात्री कुछ ही मिनटों में गंतव्य तक पहुँच सकेंगे।



