पाकिस्तान को बड़ी राहत: IMF बोर्ड ने 1.2 बिलियन डॉलर के ऋण को दी मंजूरी, अर्थव्यवस्था को मिलेगी संजीवनी
आर्थिक संकट के बीच 'लाइफलाइन'

VIDYA SAGAR
इस्लामाबाद/वाशिंगटन | 09 मई, 2026 लंबे समय से गंभीर आर्थिक संकट और विदेशी मुद्रा भंडार की कमी से जूझ रहे पाकिस्तान के लिए अंतरराष्ट्रीय मोर्चे से एक अच्छी खबर आई है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के कार्यकारी बोर्ड ने पाकिस्तान के लिए 1.2 बिलियन डॉलर (लगभग 10,000 करोड़ रुपये से अधिक) के ऋण की अंतिम किस्त को आधिकारिक तौर पर मंजूरी दे दी है।
आर्थिक संकट के बीच ‘लाइफलाइन’
यह ऋण राशि IMF के राहत पैकेज (Bailout Program) का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य पाकिस्तान को डिफॉल्ट (दिवालिया) होने से बचाना और उसकी गिरती अर्थव्यवस्था को स्थिरता प्रदान करना है। पिछले कई महीनों से चल रही समीक्षा और कड़ी शर्तों के पालन के बाद IMF बोर्ड ने इस भुगतान पर मुहर लगाई है।
ऋण की मुख्य शर्तें और प्रभाव
IMF ने यह ऋण मंजूरी कुछ कड़े सुधारों की शर्त पर दी है, जिसका असर पाकिस्तान की घरेलू राजनीति और जनता पर भी पड़ेगा:
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सब्सिडी में कटौती: सरकार को ऊर्जा और ईंधन क्षेत्र में दी जाने वाली सब्सिडी को और कम करना होगा।
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कर सुधार: राजस्व बढ़ाने के लिए टैक्स के दायरे को बढ़ाना और कर चोरी पर लगाम लगाना अनिवार्य होगा।
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विदेशी मुद्रा भंडार: इस राशि के आने से स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान के विदेशी मुद्रा भंडार में सुधार होगा, जिससे आयात बिलों के भुगतान में आसानी होगी।
विशेषज्ञों की राय: क्या यह काफी है?
आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि 1.2 बिलियन डॉलर की यह राशि तात्कालिक राहत तो दे सकती है, लेकिन पाकिस्तान की दीर्घकालिक समस्याओं का समाधान नहीं है। पाकिस्तान पर कुल विदेशी कर्ज उसकी जीडीपी के खतरनाक स्तर तक पहुँच चुका है।
“IMF की यह मदद पाकिस्तान को डूबने से तो बचा लेगी, लेकिन आने वाले समय में महंगाई और बढ़ सकती है क्योंकि ऋण की शर्तें आम जनता की जेब पर भारी पड़ेंगी।” — आर्थिक विश्लेषक
अगला कदम क्या होगा?
पाकिस्तान सरकार अब नए और बड़े ‘लॉन्ग टर्म’ प्रोग्राम के लिए IMF से बातचीत शुरू करने की तैयारी में है। प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री ने संकेत दिए हैं कि देश को स्थिरता की राह पर लाने के लिए आने वाले बजट में और अधिक कठोर फैसले लिए जा सकते हैं।



